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70-75 हजार रुपए महीना तनख्वाह लेने वाले बिजलीकर्मी घर-घर जाकर करेंगे मीटर रीडिंग

मप्र पूर्व क्षेत्र बिजली वितरण कंपनी के सिटी डिविजन में इन दिनों मीटर रीडर हड़ताल पर हैं। इसके चलते कंपनी ने अब...

Danik Bhaskar | Apr 01, 2018, 05:05 AM IST
मप्र पूर्व क्षेत्र बिजली वितरण कंपनी के सिटी डिविजन में इन दिनों मीटर रीडर हड़ताल पर हैं। इसके चलते कंपनी ने अब मैदानी और लिपिकीय स्टाफ को घर-घर जाकर मीटर रीडिंग करने का फरमान जारी किया है। खास बात ये है कि रीडिंग करने वाले इस स्टाफ में कई लोग ऐसे हैं जो वर्तमान में 75 हजार रुपए मासिक से ज्यादा तनख्वाह ले रहे हैं।

इन कर्मचारियों में ऑफिस असिस्टेंट, जूनियर इंजीनियर, असिस्टेंट इंजीनियर, लाइनमैन, असिस्टेंट लाइनमैन, लाइन इंस्पेक्टर, सब-स्टेशन ऑपरेटर आदि शामिल हैं। बता दें कि मप्र विद्युत मंडल के अंतर्गत विभिन्न कंपनियां प्रदेश में कर्मचारी-अधिकारी को सबसे ज्यादा वेतन देने के लिए जानी जाती हैं। वर्तमान में यहां काम करने वाले ऑफिस असिस्टेंट की तनख्वाह औसतन 75 हजार रु. प्रति माह तक है। जबकि अन्य विभागों में इसी पद पर औसतन 35-40 हजार रुपए तक वेतन दिया जाता है।

55 लोगों के स्टाफ को 7 दिन में करना है 70 हजार मीटर की रीडिंग- बिजली कंपनी के मुताबिक मीटर रीडिंग के लिए विभिन्न कैडर 55 कर्मचारी-अधिकारियों को 7 अप्रैल तक रीडिंग करने का लक्ष्य दिया गया है। उन्हें इस अवधि में सिटी और मकरोनिया एरिया में 70 हजार से अधिक कनेक्शंस की रीडिंग

करना है।

इस मामले में बिजली कंपनी के डिविजनल इंजीनियर एसके सिन्हा का कहना है कि समय पर रीडिंग नहीं होने से मासिक राजस्व वसूली लक्ष्य गड़बड़ा सकता है। इसलिए हम ने अपने साथी स्टाफ को रीडिंग की जिम्मेदारी सौंपी है। सकारात्मक रूप में लें तो इससे हमारे ऑफिस स्टाफ को उपभोक्ता से रूबरू होने का मौका मिलेगा।

मुमकिन है कि उन्हें रीडिंग संबंधी कुछ गड़बड़ियां भी मिलें। स्टाफ पर काम का बोझ नहीं बढ़े, इसलिए फिलहाल वसूली अभियान में कुछ ढील भी दे दी है।

उपभोक्ता खुद भी रीडिंग कर कंपनी को बता सकते हैं-डीई सिन्हा का कहना है कि जो उपभोक्ता रीडिंग को लेकर सशंकित हैं। वे खुद भी कंपनी के आॅफिस में आकर रीडिंग दर्ज करा सकते हैं। इसके लिए उन्हें केवल मीटर की रीडिंग के डिजिट वाली फोटो खींचकर लाना होगी। जिनके पास ये सुविधा भी नहीं है वे रीडिंग नोट कर उपभोक्ता सेवा केंद्र में फीड करा सकते हैं। समस्या नहीं हो,इसलिए उपभोक्ता अपना कोई भी पुराना भरा हुआ बिल भी साथ ले आएं। इसक अलावा स्मार्ट मीटर एप के जरिए भी उपभोक्ता घर बैठे अपनी रीडिंग कंपनी को भेज सकते हैं। उन्हें रीडिंग का फोटो खींचकर इस एप में अपलोड करना होगा।

7 दिन से हड़ताल पर बैठे हैं 57 मीटर रीडर

बिजली कंपनी के अॉफिस के बाहर पिछले सप्ताह से मीटर रीडर हड़ताल पर बैठे हैं। फिलहाल ठेकेदार के जरिए काम करने वाले इन रीडिर्स को औसतन 7 से 9 हजार रुपए मेहनताना दिया जा रहा है। इनकी हड़ताल के पीछे इकलौता कारण नियमितीकरण की मांग करना है। हड़तालियों का कहना है कि हम लोग 15-17 साल से मामूली रकम पर काम कर रहे हैं। इसके अलावा इनके संग कुछ आउटसोर्स वाले कर्मचारी भी शामिल हैं।