• Hindi News
  • Madhya Pradesh
  • Sagar
  • विद्यार्थियों का सेंटर दूसरी स्कूल में, फिर भी 150 किमी दूर लगाई शिक्षकों की ड्यूटी
--Advertisement--

विद्यार्थियों का सेंटर दूसरी स्कूल में, फिर भी 150 किमी दूर लगाई शिक्षकों की ड्यूटी

Sagar News - गुरुवार से शुरु हुई बोर्ड परीक्षाओं में शिक्षकों की ड्यूटी 100 से 150 किलोमीटर दूर तक के परीक्षा केंद्रों पर लगाने का...

Dainik Bhaskar

Mar 02, 2018, 05:10 AM IST
विद्यार्थियों का सेंटर दूसरी स्कूल में, फिर भी 150 किमी दूर लगाई शिक्षकों की ड्यूटी
गुरुवार से शुरु हुई बोर्ड परीक्षाओं में शिक्षकों की ड्यूटी 100 से 150 किलोमीटर दूर तक के परीक्षा केंद्रों पर लगाने का मामला सामने आया है। जबकि विद्यार्थियों को अपनी स्कूल की जगह दूसरी स्कूल में परीक्षा केंद्र मिला है। गांव की कुछ जगह विद्यार्थियों को भले ही उन्हीं की स्कूल का केंद्र मिला हो, लेकिन वहां भी कम से कम दो अन्य स्कूलों के विद्यार्थी भी आगे-पीछे बैठ रहे हैं। फिर भी वहां के प्राइमरी और मिडिल स्कूलों के शिक्षकों को दूसरे स्कूलों के परीक्षा केंद्रों में भेजा गया है। ऐसे में शिक्षक ही सवाल उठा रहे हैं कि हम पर इतनी अविश्वसनीयता क्यों?

कुल 4372 शिक्षकों की ड्यूटी परीक्षा में लगी है। इसमें 121 सहायक केंद्राध्यक्षों को छोड़कर सभी को दूर-दराज के स्कूल या दूसरे ब्लॉकों में भेजा गया है। स्थिति यह है कि शिक्षक से लेकर प्राचार्य और बीआरसी तक दूसरे ब्लॉकों में भेज दिए गए हैं। इससे बोर्ड परीक्षाएं भले ही सुचारू रूप से संचालित हों, लेकिन अन्य काम प्रभावित होना तय है। चूंकि केंद्राध्यक्ष और सहायक केंद्राध्यक्षों की ड्यूटी सागर से भेजे गए नामों में से भोपाल से तय हुई है। लिहाजा स्थानीय अधिकारी सब कुछ दिक्कतों को जानते हुए भी मौन हैं। यह सोचकर कि आला अधिकारियों के निर्णय को भला कौन चुनौती दे।

हालांकि अन्य वीक्षकों की ड्यूटी सागर से ही लगाई गई है। कई शिक्षक स्वभाव से तो कुछ अतिरिक्त काम के बोझ के चलते अपनी ड्यूटी कटवाने डीईओ और जेडी दफ्तर से लेकर कलेक्टोरेट तक घूमे, लेकिन किसी को भी राहत नहीं मिली। जिला शिक्षा अधिकारी संतोष शर्मा का कहना है कि ड्यूटी भोपाल से तय हुई हैं। कोई काम प्रभावित नहीं होगा, समन्वय से सब समय-सीमा में पूरा करेंगे।

महिला शिक्षकों तक को भेजा दूसरे ब्लॉक

बताया गया है कि परीक्षा में किसी भी केंद्र पर बैठने वाले परीक्षार्थी एक क्रम या कतार में नहीं बैठेंगे। बैठक व्यवस्था ऐसी तय की गई है कि विद्यार्थियों के आगे-पीछे या आजू-बाजू जो विद्यार्थी बैठेंगे, वह अलग-अलग स्कूलों के होंगे। ऐसे में स्थानीय स्तर पर शिक्षक सामूहिक नकल कराने या अपने चहेतों को कुछ बताने जैसी स्थिति में भी नहीं रहेंगे। इसके अलावा परीक्षा को लेकर नियम आए थे कि महिला शिक्षकों को दूसरे ब्लॉक नहीं भेजा जाएगा, लेकिन फिर भी ऐसा किया गया है।

जब शिक्षक दूसरे ब्लॉक में ड्यूटी करेंगे तो कैसे होगा काम

केसली एक्सीलेंस स्कूल के प्राचार्य केसी बड़गैंया के पास केसली और देवरी बीईओ का प्रभार है। आहरण वितरण अधिकारी भी हैं तो मूल्यांकन अधिकारी और सीएम हेल्पलाइन प्रभारी भी। बड़गैंया की ड्यूटी केसली से 150 किलोमीटर दूर भानगढ़ बीना में लगी है। रजौआ स्कूल के प्राचार्य एमडी त्रिपाठी को बीना, केसली के व्याख्याता और नोडल अधिकारी प्रदीप जैन को परासिया कलां राहतगढ़, आरके जैन को देवरी से मीरखेड़ी, रविशंकर स्कूल के प्राचार्य आरके खरे को देवरी भेजा गया है।

मार्च में ही होने वाले

यह काम होंगे प्रभावित

 विधानसभा में लगे प्रश्नों के जवाब। शिक्षकों के टीडीएस फाइनल करना। अाईएफएमएस सिस्टम में शिक्षकों का वेतन टैक्स के मुताबिक कटी हुई राशि के मुताबिक बनाना।

 9वीं और 11वीं का रिजल्ट सॉफ्टवेयर पर अपलोड करना।

 साइकिल वितरण।

 छात्रवृत्ति के बिल सुधरवाना। प्राइमरी और मिडिल स्कूल की परीक्षाएं और मूल्यांकन। कक्षा 1 से लेकर 4 और 6 से 7 तक की परीक्षा व मूल्यांकन।

मार्च में ही होने वाले

यह काम होंगे प्रभावित

 विधानसभा में लगे प्रश्नों के जवाब। शिक्षकों के टीडीएस फाइनल करना। अाईएफएमएस सिस्टम में शिक्षकों का वेतन टैक्स के मुताबिक कटी हुई राशि के मुताबिक बनाना।

 9वीं और 11वीं का रिजल्ट सॉफ्टवेयर पर अपलोड करना।

 साइकिल वितरण।

 छात्रवृत्ति के बिल सुधरवाना। प्राइमरी और मिडिल स्कूल की परीक्षाएं और मूल्यांकन। कक्षा 1 से लेकर 4 और 6 से 7 तक की परीक्षा व मूल्यांकन।

X
विद्यार्थियों का सेंटर दूसरी स्कूल में, फिर भी 150 किमी दूर लगाई शिक्षकों की ड्यूटी
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..