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अप्रैल से गति पकड़ेगा स्मार्ट सिटी का काम, इस साल मिलेंगे 200 करोड़

स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट पर नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत यानी अप्रैल से काम आगे बढ़ने की उम्मीद है। राज्य सरकार ने बजट...

Danik Bhaskar | Mar 02, 2018, 05:15 AM IST
स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट पर नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत यानी अप्रैल से काम आगे बढ़ने की उम्मीद है। राज्य सरकार ने बजट में सागर के लिए 100 करोड़ का प्रावधान कर दिया है। इतनी ही राशि केंद्र सरकार देगी। पहले साल में कुल 200 करोड़ रुपए मिलना है। अगले महीने पहली किस्त जारी होते ही प्रोजेक्ट की डीपीआर बनने का काम शुरू हो जाएगा। प्रोजेक्ट मैनेजमेंट एंड कंसल्टेंसी के लिए सेकंड कॉल में भी टाटा कंपनी की सिंगल बिड आई है। भोपाल से हरी झंडी मिलते ही इस पर निर्णय होगा।

सीईओ की ज्वाइनिंग के साथ कंपनी कर देगी काम शुरू : सागर स्मार्ट सिटी कंपनी सीईओ राहुल सिंह की ज्वाइनिंग के साथ काम शुरू कर देगी। कलेक्टर आलोक सिंह इसके चेयरमेन और निगम कमिश्नर अनुराग वर्मा एक्जीक्युटिव डायरेक्टर हैं। प्रोजेक्ट के संचालन के लिए गठित एसपीवी में 8 सदस्यों का नाॅमिनेशन हो चुका है। इसमें विभिन्न विभागों के प्रमुख, केंद्र व राज्य के अफसर शामिल हैं। सीईओ सिंह इसी महीने में ज्वाइन कर सकते हैं।

कमांड सेंटर के लिए न 10 करोड़ मिले, न जगह मिली

सेंट्रल कंट्रोल कमांड सेंटर के लिए नगरीय प्रशासन विभाग ने सागर व सतना के लिए 10-10 करोड़ मंजूर किए थे, लेकिन यह राशि अभी तक जारी नहीं की गई। कमांड सेंटर में विशेष वॉल स्क्रीन लगाने के लिए तय मापदंडों के अनुसार भवन की आवश्यकता है। बाघराज में बना अजा छात्रावास भवन कमांड सेंटर के लिए चिन्हित किया गया था, लेकिन अभी इस पर कोई निर्णय नहीं हो सका। कंपनी के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर अनुराग वर्मा का कहना है कि हम उपयुक्त जगह तलाश रहे हैं।

डीपीआर के साथ तय होगी प्रोजेक्ट कास्ट

स्मार्ट सिटी के लिए कंसल्टेंट कंपनी द्वारा केंद्र सरकार को सौंपे गए प्रपोजल के बाद इस पर कंपोनेंट के आधार पर डीपीआर तैयार की जाना है। डीपीआर के साथ ही एस्टीमेट और प्रोजेक्ट कास्ट भी तय की जाएगी। इसी के आधार पर स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट पर काम आगे बढ़ेगा। स्मार्ट सिटी के लिए कंपनियां और वर्किंग एजेंसी सहित मॉनीटरिंग के लिए अथॉरिटी तय की गई हैं। स्मार्ट सिटी प्रपोजल काम करने वाली कंसल्टेंट और कंस्ट्रक्शन कंपनियों के साथ-साथ आईटी और एनर्जी, ट्रांसपोर्ट कंपनियों सहित अन्य विशेषज्ञ कंपनियों की विशेष भूमिका रहेगी। कंपनियों में तमाम एक्सपर्ट रहेंगे जो प्रत्येक सेक्शन की विशेषज्ञता रखते हैं, वे ही कदम दर कदम काम को प्लान कराएंगे।

इन कामों की डीपीआर बनाएगी पीएमसी

ईको हब-2 एडीबी एरिया।

रिबेटिलाइजेशन ऑफ ओल्डसीबीटी।

रीजनल इकोनॉमिक सेंटर-फ्यूचर सीबीटी।

ट्रांसिट फैसिलिटी।

प्रोजेक्ट उन्नति।

सागर सिटी मैनेजमेंट एंड कंट्रोल यूनिट।

908 एकड़ एरिया और 1689 करोड़ का प्लान

केंद्र सरकार के शहरी विकास मंत्रालय ने सागर स्मार्ट सिटी का 1689 करोड़ प्रपोजल पास किया है। शहर का 908 एकड़ एरिया रेट्रोफिटिंग, रीडव्लपमेंट व पैन सिटी सोल्युशंस के तहत स्मार्ट सिटी में डवलप करने की प्लानिंग है। वर्तमान केंद्रीय जेल की जमीन पर बिजनेस हब, सागर झील का लेक फ्रंट डवलपमेंट, जेएनपीए व चकराघाट एरिया को कल्चरल सेंटर, झील किनारे न्यू ड्राइव, कलेक्टोरेट में सिंगल विंडो सिस्टम आदि की प्लानिंग है।

बजट मिलते ही काम शुरू