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पहली बार पीएससी जैसी सख्ती, जूते-चप्पल उतरवाए बाहर तब मिला प्रवेश

Sagar News - माध्यमिक शिक्षा मंडल बोर्ड की परीक्षाएं गुरुवार से शुरु हो गईं। पहले दिन कक्षा 12वीं के हिंदी विषय का पेपर हुआ। कुल...

Dainik Bhaskar

Mar 02, 2018, 05:15 AM IST
पहली बार पीएससी जैसी सख्ती, जूते-चप्पल उतरवाए बाहर तब मिला प्रवेश
माध्यमिक शिक्षा मंडल बोर्ड की परीक्षाएं गुरुवार से शुरु हो गईं। पहले दिन कक्षा 12वीं के हिंदी विषय का पेपर हुआ। कुल दर्ज 28049 में 27523 विद्यार्थी परीक्षा में शामिल हुए। 526 विद्यार्थी अनुपस्थित रहे। इस बार बोर्ड परीक्षा में पीएससी जैसी सख्ती देखने को मिली।

विद्यार्थी अंदर नकल या अनावश्यक सामग्री न ले जा सकें, इसके लिए परीक्षा कक्ष के बाहर ही उनसे जूते-मोजे और चप्पलें उतरवा ली गईं। जिले के सभी 100 परीक्षा केंद्रों पर ऐसी ही सख्ती देखने को मिली। हालांकि इसके बाद भी बांदरी परीक्षा केंद्र पर एक विद्यार्थी नकल करते पकड़ा गया। बांदरी परीक्षा केंद्र को संवेदनशील भी बनाया गया है। ऐसे में यहां विशेष चौकसी की गई है।

जिला शिक्षा अधिकारी संतोष शर्मा ने बताया कि इसी प्रकार की जांच और सख्ती पूरी परीक्षा के दौरान चलेगी। इस बार कक्षा 10वीं और 12वीं की परीक्षा में जिले में 121 केंद्रों पर 73 हजार 61 विद्यार्थी शामिल होंगे। कक्षा 10वीं के 43 हजार 450 और 12वीं के 29 हजार 611 विद्यार्थी परीक्षा में शामिल होंगे। कक्षा-12वीं का अगला पेपर 10 मार्च को अंग्रेजी विषय का होगा। इंग्लिश मीडियम के विद्यार्थियों का सामान्य हिंदी विषय का पेपर होगा। पहले दिन 100 में से 71 केंद्रों का निरीक्षण विभिन्न दलों ने किया।

सागर. पहले चित्र में जूते-चप्पल उतारकर परीक्षा देते विद्यार्थी। दूसरे चित्र में केंद्र के बाहर रखे परीक्षार्थियों के जूते-चप्पल।

कक्षा 10वीं के पेपर 5 मार्च से होंगे

हाई स्कूल यानी कक्षा 10वीं के पेपर 5 मार्च से शुरु होंगे। पहला पेपर संस्कृत विषय का होगा। इस परीक्षा के लिए भी जिले में 121 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। कक्षा-10वीं में सागर जिले में प्रदेश में सर्वाधिक विद्यार्थी शामिल हो रहे हैं।

दो बीआरसी सस्पेंड, 21 टीमों को सौंपी निगरानी

इस बार परीक्षा को लेकर प्रशासन इतना सख्त है कि सागर और बीना के बीआरसी को सहायक केंद्राध्यक्ष की जिम्मेदारी न लेने पर सस्पेंड कर दिया गया है। एमएलबी स्कूल के व्याख्याता रविकांत जैन के खिलाफ जहां अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। वहीं 4 सहायक केंद्राध्यक्षों को नोटिस थमाए गए हैं। 7-7 संवेदनशील और अतिसंवेदनशील केंद्र बनाकर सभी जगह विशेष निगरानी की जा रही है। जिपं सीईओ को परीक्षा का नोडल अधिकारी बनाकर एसडीएम, तहसीलदार, आरआई से लेकर 40 थाना प्रभारियों तक सभी को औचक निरीक्षण की जिम्मेदारियां दी गई है। इसके अलावा 21 विशेष टीमें अलग से बनाई गई हैं।

कक्षा 10वीं के पेपर 5 मार्च से होंगे

हाई स्कूल यानी कक्षा 10वीं के पेपर 5 मार्च से शुरु होंगे। पहला पेपर संस्कृत विषय का होगा। इस परीक्षा के लिए भी जिले में 121 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। कक्षा-10वीं में सागर जिले में प्रदेश में सर्वाधिक विद्यार्थी शामिल हो रहे हैं।

दो बीआरसी सस्पेंड, 21 टीमों को सौंपी निगरानी

इस बार परीक्षा को लेकर प्रशासन इतना सख्त है कि सागर और बीना के बीआरसी को सहायक केंद्राध्यक्ष की जिम्मेदारी न लेने पर सस्पेंड कर दिया गया है। एमएलबी स्कूल के व्याख्याता रविकांत जैन के खिलाफ जहां अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। वहीं 4 सहायक केंद्राध्यक्षों को नोटिस थमाए गए हैं। 7-7 संवेदनशील और अतिसंवेदनशील केंद्र बनाकर सभी जगह विशेष निगरानी की जा रही है। जिपं सीईओ को परीक्षा का नोडल अधिकारी बनाकर एसडीएम, तहसीलदार, आरआई से लेकर 40 थाना प्रभारियों तक सभी को औचक निरीक्षण की जिम्मेदारियां दी गई है। इसके अलावा 21 विशेष टीमें अलग से बनाई गई हैं।

कक्षा 10वीं के पेपर 5 मार्च से होंगे

हाई स्कूल यानी कक्षा 10वीं के पेपर 5 मार्च से शुरु होंगे। पहला पेपर संस्कृत विषय का होगा। इस परीक्षा के लिए भी जिले में 121 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। कक्षा-10वीं में सागर जिले में प्रदेश में सर्वाधिक विद्यार्थी शामिल हो रहे हैं।

दो बीआरसी सस्पेंड, 21 टीमों को सौंपी निगरानी

इस बार परीक्षा को लेकर प्रशासन इतना सख्त है कि सागर और बीना के बीआरसी को सहायक केंद्राध्यक्ष की जिम्मेदारी न लेने पर सस्पेंड कर दिया गया है। एमएलबी स्कूल के व्याख्याता रविकांत जैन के खिलाफ जहां अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। वहीं 4 सहायक केंद्राध्यक्षों को नोटिस थमाए गए हैं। 7-7 संवेदनशील और अतिसंवेदनशील केंद्र बनाकर सभी जगह विशेष निगरानी की जा रही है। जिपं सीईओ को परीक्षा का नोडल अधिकारी बनाकर एसडीएम, तहसीलदार, आरआई से लेकर 40 थाना प्रभारियों तक सभी को औचक निरीक्षण की जिम्मेदारियां दी गई है। इसके अलावा 21 विशेष टीमें अलग से बनाई गई हैं।

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