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महाआरती में समाज को नशामुक्त और चरित्रवान बनाने का लिया संकल्प

भगवती मानव कल्याण संगठन पंचज्योति, शक्तितीर्थ सिद्धाश्रम के संयुक्त तत्वाधान में इस बार भी माह के प्रथम रविवार...

Danik Bhaskar | Apr 02, 2018, 05:40 AM IST
भगवती मानव कल्याण संगठन पंचज्योति, शक्तितीर्थ सिद्धाश्रम के संयुक्त तत्वाधान में इस बार भी माह के प्रथम रविवार को गेंडा जी धर्मशाला में महाआरती का आयोजन किया गया। इसमें दोपहर 12 बजे भगवती मानव कल्याण संगठन के संस्थापक योगीराज शक्तिपुत्र और माता आदिशक्ति जगत जननी जगदम्बा की आरती हुई। कार्यक्रम में गुरू भाई, गुरू बहनें उपस्थिति थीं। आरती के बाद रेखा पटेल ने कहा कि जगदंबा माँ की भक्ति और आत्मबल जागरण से हजारों लोग अपने मन के भाव बदल जा रहे हैं। लोग नशा, मांस छोड़कर चरित्रवान जीवन जीने की राह पर चल पड़े है। यदि आत्मा की अमरता और कर्म की प्रधानता मन मस्तिष्क में समाहित हो, तो व्यक्ति भयमुक्त होकर अपना जीवन सफल बना सकता है। अध्यक्ष लीला सेन ने कहा सत्य धर्म और पुरुषार्थ से विमुख होकर प्राप्त की जानी वाले धनसंपदा सुख, वैभव क्षणिक हैं, जिससे जीवन में कभी भी सफलता प्राप्त नहीं की जा सकती। जिला प्रवक्ता संतोष बगोरया ने कहा कि जीवन में और समाज में धन की सामथ्र्य महत्व नहीं रखती। माँ की भक्ति रखने वाले भक्तों की श्रृद्धा माता शबरी की श्रृद्धा जैसी ही महान होती है।

शबरी ने पहले खुद अपने बेर चखें और जब पाया कि वे बेर फल मीठे हैं, तब उन्होंने बेर प्रभु को समर्पित किए। शबरी के प्रेम के वशीभूत होकर ही भगवान को खुद भक्त शबरी के पास पहुंचना पड़ा। लेकिन इसमें श्रृद्धा विश्वास और निष्ठा की पराकाष्ठा तक जाना होता है। तभी भक्त में पात्रता आती है।

जिला अध्यक्ष अरविंद दीक्षित ने कहा कि माॅ से वह अनुभूति मांगों कि व्यक्ति कर्म कर सके। क्योंकि हम सब कोई गलत काम करने जाते हैं तो अंतरात्मा की आवाज हमें जगाती है, यह माॅ की भक्ति का परिणाम है कि अंतरात्मा की आवाज सुनकर हम गलत दिशा में जाने से बच जाते हैं। अपने कदम वापस खीच लेते हैं। महाआरती में नए भक्तों के साथ भगवती मानव कल्याण के सभी कार्यकर्ता, टीम प्रमुख, पदाधिकारी उपस्थित रहे। समापन पर शक्तिजल व प्रसाद वितरित किया गया। कार्यक्रम का संचालन रामबिहारी चितौरा ने किया।