Hindi News »Madhya Pradesh »Sagar» कक्षा 1 से 12वीं तक दो से लेकर तीन विषय में एनसीईआरटी का पाठ्यक्रम होगा लागू

कक्षा 1 से 12वीं तक दो से लेकर तीन विषय में एनसीईआरटी का पाठ्यक्रम होगा लागू

सोमवार से शुरु हो रहे नए शैक्षणिक सत्र में एक और नया बदलाव होने जा रहा है। इस बार प्रदेश सरकार ने नए शिक्षा सत्र में...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 02, 2018, 05:40 AM IST

सोमवार से शुरु हो रहे नए शैक्षणिक सत्र में एक और नया बदलाव होने जा रहा है। इस बार प्रदेश सरकार ने नए शिक्षा सत्र में दो से लेकर तीन विषयों में कक्षा 1 से 12वीं तक एनसीईआरटी (नेशनल काउंसिल अाॅफ एज्यूकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग द्वारा निर्धारित पाठ्यक्रम अनिवार्य कर दिया है।

सभी सरकारी स्कूलों में गणित और विज्ञान में एनसीईआरटी की किताबों से ही पढ़ाई होगी। साथ ही जिन कक्षाओं में पर्यावरण विषय पढ़ाया जाता है, वहां पर्यावरण की बुक्स भी एनसीईआरटी की ही होंगी। यह जानकारी भास्कर से विशेष चर्चा में पाठ्यपुस्तक निगम अध्यक्ष रायसिंह सेंधव ने यह जानकारी दी है। गौरतलब है कि पिछले साल कक्षा-6, 7, 9 और 11 के कुछ विषय एनसीईआरटी की बुक्स से पढ़ाए जा रहे थे। जबकि कक्षा 1 से लेकर 5वीं तक में गणित अौर पर्यावरण अलग-अलग कक्षाओं में पहले ही बदले जा चुके थे। अब कक्षा 1 से लेकर 12वीं तक सभी कक्षाअाें में एनसीईआरटी की दो से लेकर तीन तक बुक्स पढ़ाई जाना लगेंगी। अध्यक्ष सेंधव ने बताया कि इस बार पाठ्यक्रम काफी अपडेट हुआ है।

काफी कुछ पाठ्यक्रम ऊपर से भी अपडेट होकर आ रहा है। जो भी बदलाव हुए हैं, उन सभी को जोड़कर किताबें प्रिंट कराई जा रही हैं। देश के इतिहास, संस्कृति को लेकर कई मायनों में विचार हुआ और उसी के अनुसार बदलाव भी किया गया। इसके तहत अब अब बच्चे अकबर नहीं, ‘महाराणा प्रताप व स्वामी विवेकानंद महान हैं’ पढ़ेंगे। उन्हें सही इतिहास व संस्कृति की सीख मिलेगी। कक्षा छठी से गीता के पाठ जाेड़े गए हैं। बाल भारती में यह बदलाव किया गया है। रानी पद्मावती अाैर वैदिक गणित भी पढ़ाई जाएगी।

इस बार किताबों की हुई है बारकोडिंग

अध्यक्ष सेंधव ने बताया कि निगम 6 कराेड़ किताबें छापकर उनमें से 5 करोड़ किताबों प्रदेश के सरकारी स्कूलों काे नि:शुल्क बांटने के लिए देता है। आमजन काे निजी प्रकाशकों की लूट-खसोट से बचाने के लिए एनसीईआरटी सिलेबस प्रदेश में अनिवार्य किया गया है। प्रदेश के 1.60 लाख स्कूलों में एक कराेड़ से ज्यादा विद्यार्थियों के लिए यह व्यवस्था लागू करने का जिम्मा माध्यमिक शिक्षा मंडल का हाेगा। इस बार किताबों में बारकोडिंग की गई है ताकि हर बीआरसी सेंटर की मॉनिटरिंग की जा सके अाैर गड़बड़ी पर राेक लग सके। अब तक 70 फीसदी किताबों की प्रिंटिंग की जा चुकी है।

इस बार का सिलेबस भी ऐसा है कि विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने में भी मदद मिलेगी। जल्दी ही यह किताबें विद्यार्थियों को मिल जाएंगी।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From Sagar

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×