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मप्र में आयकर के पांच हजार से अधिक बकायादार हुए भूमिगत

आयकर का बकाया चुकाए बिना पूरे मप्र से करीब 5 हजार से अधिक व्यापारी भूमिगत हो गए हैं। आयकर को यह खोजे नहीं मिल रहे।...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 02, 2018, 05:40 AM IST

आयकर का बकाया चुकाए बिना पूरे मप्र से करीब 5 हजार से अधिक व्यापारी भूमिगत हो गए हैं। आयकर को यह खोजे नहीं मिल रहे। व्यक्ति, फर्म या यूनिट्स इसी तरह टैक्स की रकम चुकाए बगैर यहां-वहां हो गए हैं। नतीजतन एक करोड़ रुपए से अधिक के बकायादार इन लोगों से टैक्स की रकम रिकवर होना या उनकी ऐसी कोई संपत्ति मिलना बहुत मुश्किल है जिसे कुर्क किया जा सके।

सिदगुंवा में मिला केवल प्लांट का ढांचा, मशीनें गायब थीं - बकाया टैक्स की वसूली होना नामुमकिन इसलिए भी माना जा रहा है क्योंकि पिछले दिनाें सागर के सिदगुवां में श्री जगदम्बा कॉस्टिंग प्राइवेट लिमिटेड की यूनिट कुर्की के नाम पर विभाग केवल प्लांट का शेड ही कुर्क कर पाया है। प्लांट के डायरेक्टर्स अशोक गुप्ता, श्यामसुंदर गुप्ता ने मशीनों को अन्यत्र शिफ्ट कर दिया था। रहा सवाल जमीन का तो यह एकेवीएन की प्रापर्टी है, जिसे इनकम टैक्स नीलाम भी नहीं करा सकता है। इनकम टैक्स के एक अफसर के अनुसार लगभग यही स्थिति अधिकांश कारोबारी-उद्यमियों की है। वे अपना सारा सेट-अप लेकर गायब हैं। कहीं उनकी लोकेशन मिल भी रही है तो वे कागजों में दूसरे के नाम पर अपनी चल-अचल संपत्ति दर्ज कराए हुए हैं।

नोटिस के बाद भी कई महीनों नहीं लिया जाता फालोअप

अधिकांश इनकम टैक्स कई साल पुराना है। इसे विभाग ने वसूलने में विशेष रुचि नहीं ली। विभाग का टारगेट हमेशा चालू वित्त वर्ष पर रहा। बहरहाल इनकम टैक्स बकाया होने की मुख्य रूप से वजह हैं। इनमें से पहली ये है कि विभाग अपने खातेदारों के रिटर्न का औचक मूल्यांकन करता है। इसमें जांच अधिकारी को रिटर्न में कुछ खर्चों पर आपत्ति होती है और आयकर की राशि ज्यादा बनती है तो वह संबंधित व्यक्ति या कंपनी को नोटिस भेजता है। ताकि रिटर्न और वास्तविक टैक्स के बीच के डिफरेंस की रकम जमा कराई जा सके। यहीं पर विभाग ढीला पड़ जाता है। नोटिस देने के बाद कई-कई महीनों तक फॉलोअप नहीं लिया जाता। नतीजतन व्यवसायी, कंपनी या फर्म इसे जमा करने में रुचि नहीं लेती हैं। टैक्स के बकाया होने का दूसरा कारण, व्यवसायी द्वारा खुद ही गायब हो जाना है।

हार्डवेयर व्यवसायी से लेकर डॉक्टर्स तक सब टारगेट पर हैं

इनकम टैक्स के बकायादार कहीं भी गायब हो जाएं। उनसे वसूली होगी। जो लोग कुर्क करने लायक प्रापर्टी को खुर्द-बुर्द करते हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए हाल ही में हमें मजिस्ट्रियल पॉवर भी मिले हैं। सागर में उद्यमी से लेकर हार्डवेयर व्यवसायी और डॉक्टर्स हमारे टारगेट पर हैं। फिलहाल अप्रैल में एक कैम्प कर इस बकाया राशि की वसूली के लिए संबंधितों को एक और मौका देंगे। अगर ये लोग सामने नहीं आते हैं तो फिर नियमानुसार कार्रवाई होना तय है। अनिलकुमार मिश्रा, इनकम टैक्स वसूली अधिकारी, जबलपुर

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Web Title: मप्र में आयकर के पांच हजार से अधिक बकायादार हुए भूमिगत
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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