• Home
  • Madhya Pradesh News
  • Sagar
  • मंडी में समर्थन मूल्य पर चना, मसूर, सरसों खरीदेंगी 35 सोसायटी, 76 हजार किसानों ने कराया पंजीयन
--Advertisement--

मंडी में समर्थन मूल्य पर चना, मसूर, सरसों खरीदेंगी 35 सोसायटी, 76 हजार किसानों ने कराया पंजीयन

व्यापारियों की मोनोपॉली भी नहीं चलेगी, किसान अपनी उपज बेचने स्वतंत्र रहेगा भास्कर संवाददाता। सागर भावांतर...

Danik Bhaskar | Apr 01, 2018, 05:40 AM IST
व्यापारियों की मोनोपॉली भी नहीं चलेगी, किसान अपनी उपज बेचने स्वतंत्र रहेगा

भास्कर संवाददाता। सागर

भावांतर के तहत पंजीयन कराकर समर्थन मूल्य खरीदी प्रक्रिया में शामिल किए गए चना, मसूर और सरसों की उपज मंडियों में सहकारी समितियां ही खरीदेंगी।

जिससे किसानों से हर हाल में समर्थन रेट पर खरीदी हो ही जाए। इसके लिए 39 समितियां चिन्हित कर ली गई हैं। चने का समर्थन मूल्य 4400, मसूर का 4250 एवं सरसों का 4000 रुपए प्रति क्विंटल तय किया गया है। दरअसल 10 अप्रैल से इन तीनों ही उपजों की खरीदी समर्थन मूल्य पर मंडी में होने जा रही है। चने का रेट अभी 3000 से लेकर 3200 रुपए प्रति क्विंटल के आसपास ही चल रहा है। मसूर के भी रेट समर्थन मूल्य से नीचे ही हैं। ऐसे में सरकार ने तय किया है कि ऐसी सहकारी समितियों को मंडियों में खरीदी के लिए लगाया जाए, जिनका रिकॉर्ड अच्छा है। पर्याप्त मैन पॉवर है और उनकी बैंक में साख भी अच्छी है। ताकि किसानों से खरीदारी कर उनकी उपज के दाम उसी दिन आसानी से भुगतान किए जा सकें। साथ ही यह दिक्कतें भी न आएं कि व्यापारी समर्थन मूल्य से नीचे खरीदारी करें और किसान परेशान हों । जिला खाद्य नियंत्रक राजेंद्र सिंह ने बताया कि जिले की 13 मंडियों और 7 उपमंडियों में समर्थन मूल्य पर खरीदी की प्रक्रिया शुरु होगी। किसान इस बात के लिए स्वतंत्र रहेगा कि उसे अपना माल समिति में बेचना या फिर ज्यादा कीमत लगती है तो वह व्यापारी को भी बेच सकेगा। उन्होंने बताया कि अब तक करीब 76 हजार लोग इस खरीदी प्रक्रिया के लिए पंजीयन करा चुके हैं। इस संख्या के साथ सागर विदिशा के बाद प्रदेश में दूसरे स्थान पर है। विदिशा में 81 हजार पंजीयन हुए हैं। हालांकि सागर में अभी 8 हजार किसानों के ऑफलाइन फॉर्म भी रखे हुए हैं, जिनका ऑनलाइन पंजीयन होना शेष है। ऐसे में यह आंकड़ा 85 हजार के आसपास भी पहुंच सकता है।

अभी तक सागर में रजिस्टर्ड हुए 76 हजार किसानों में से मात्र 9152 का ही वेरीफिकेशन हो सका है। पंजीयन और सत्यापन का काम 10 अप्रैल तक चलना है। इस बीच कलेक्टर ने सभी मंडियों एवं उपमंडियों के समन्वय अधिकारी नियुक्त कर उनकी जवाबदेही तय कर दी हैं।

9153 कृषकों का हुआ सत्यापन, 8 हजार ऑफलाइन फॉर्म भी आए हैं, 10 अप्रैल से शुरु होना है खरीदी प्रक्रिया

इधर, 123 गेहूं खरीदी केंद्रों के लिए नोडल

अधिकारी नियुक्त

सागर। कलेक्टर आलोक कुमार सिंह ने जिले में स्थापित सभी 123 गेहूं खरीदी केंद्रों के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त कर दिए हैं। ये नोडल अधिकारी गेहूं खरीदी केंद्रों का सतत निरीक्षण करेंगे। मौके पर उपस्थित किसानों से संपर्क करेंगे, पंजीयन संबंधी समस्याओं का निराकरण करेंगे। खरीदी केंद्र में छाया-पानी, बारदाना, परिवहन की व्यवस्था, सिलाई मशीन, गेहूं की गुणवत्ता की जांच करेंगे। किसी विशेष प्रकार की समस्या आने पर अनुविभाग स्तरीय उपार्जन समिति को सूचना देंगे, जिससे वह समस्या दूर की जा सके।