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न टैक्स स्लैब बढ़ा, न कोई ट्रेन मिली, जहां थोड़ी राहत वहां सेस बढ़ा दिया

सागर समाजवादी नेता एवं चिंतक रघु भाई ने आम बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा यह आम आदमी के लिए उम्मीद भरा नहीं...

Bhaskar News Network | Last Modified - Feb 02, 2018, 06:30 AM IST

सागर समाजवादी नेता एवं चिंतक रघु भाई ने आम बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा यह आम आदमी के लिए उम्मीद भरा नहीं है बजट में टैक्स छूट की सीमा नहीं किसानों को कर्ज माफी से फिलहाल कोई फायदा नहीं मिलेगा 7000000 बेरोजगारों को रोजगार देने से बेरोजगारी कम नहीं होगी। सरकार की अवधि 2020 तक है वह बात कर रही है 2022 तक की। रेल बजट में नई रेल का प्रावधान नहीं किया जाना सबसे ज्यादा निराशाजनक है। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने लोकसभा में इस साल का आम बजट पेश किया. केंद्र सरकार का यह बजट लोकसभा चुनाव से पहले आखिरी पूर्ण बजट है. बजट में वित्त मंत्री जेटली ने कई बड़े ऐलान किए हैं। इस बार कई चीज़ों पर कस्टम ड्यूटी बढ़ाने का ऐलान किया है. जिससे आम आदमी के काम की कई वस्तुओं का दाम बढ़े है। मध्यम वर्ग को नहीं मिली है राहत। इसके बावजूद भाजपा नेताआें ने वजट को सराहा और कहा कि यह विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगा। उधर कांग्रेस नेताओं ने बजट को किसानों के साथ छलावा बताते हुए कहा कि युवा बेराेजगारों, मजदूरों काे भी इससे कुछ हासिल नहीं होगा।

विकास के लिए साबित होगा मील का पत्थर

केन्द्र सरकार द्वारा गुुरुवार को पेश आम बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए सागर सांसद लक्ष्मीनारायण यादव ने कहा कि यह बजट भारत के विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगा। क्योंकि इसमें हर वर्ग का ध्यान रखा गया है विशेष कर गरीब और किसानो की हेल्थ सर्विस का विषय सबसे महत्वपूर्ण है। दुनिया की सबसे बडी हेल्थ प्रोटेक्शन स्कीम लाने के लिए सांसद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई दी और कहा कि यह गरीब और किसानो की आय बढाने में सहायक सिद्ध होगा।

मंत्री ने कहा - सर्वश्रेष्ठ बजट

प्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री गोपाल भार्गव ने बजट को अब तक की सरकारों का सर्वश्रेष्ठ बजट बताया है। इन्होंने कहा कि सरकार का विशेष ध्यान ग्राम, गरीब और किसान पर है। किसानों को लोन, ऋण, उपज का उचित दाम मिलेगा। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क, स्वच्छ भारत मिशन और आवास योजना से हर व्यक्ति का भला होगा। भारत का संपूर्ण विकास का जो विजन न्यू इंडिया के रूप में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लेकर चल रहे हैं। वह इसी से साकार होगा। । इस बजट के दूरगामी परिणाम रहेंगे।

Áकिसानों के अच्छे दिन अब आएंगे : किसान नेता एवं भारतीय किसान संघ अध्यक्ष मेहरबान सिंह बेरखेरी ने कृषि क्षेत्र पर फोकस यह बजट किसानों के हित में है। मोदी सरकार का यह बजट वाकई में सराहनीय है। किसानों को अब अपनी फसल के अच्छे दाम मिलेंगे। इसके अलावा उन्हें और भी कई तरह के लाभ होंगे।

Á नाम बड़े- दर्शन छोटे : कांग्रेस नेता एव पूर्व मंत्री सुरेंद्र चौधरी ने आम बजट को गरीब, किसान, मजदूर, युवा बेरोजगार विरोधी के साथ ही बेहद निराशाजनक बताते हुए कहा यह उम्मीदों पर खरा नहीं उतरेगा। मोदी सरकार का बजट महिलाओं, नौकरीपेशा विरोधी है। बजट में न सोच, ना रास्ता, ना विजन, ना क्रियान्वयन, नहीं, सिर्फ नाम बड़े और दर्शन छोटे होने जैसा है।

Á आंकड़ों की जादूगरी : जिला कांग्रेस अध्यक्ष हीरा सिंह राजपूत ने कहा 2018 का बजट वोट पाने की लालसा से बनाया गया है। इसमें किसानों के साथ छलावा किया गया, आंकड़ों की जादूगरी के सिवाय यह कुछ भी नहीं है। मोदी ने 2014 में चुनाव जीतने के लिए वायदे किए लेकिन किया कुछ नहीं। वैसे ही 2022 का सपना दिखाकर बजट में वोट को संवारने की कलाकारी दिखाई गई है। वहीं राजस्थान के उपचुनाव में साबित हो गया है कि 2019 में मोदी सरकार की विदाई निश्चित है। इस बजट में उद्यमियों और व्यापारियों के बीच खाई खड़ी कर दी है। बजट लुभावना जनविरोधी किसान विरोधी गरीब रोती है।

Á ज्योतिषीय बजट : सागर विवि के पूर्व कुल सांसद अखिलेश केशरवानी ने बजट पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि 70 साल में देश के किसी वित्त मंत्री ने संसद में बजट की जगह ज्योतिषीय भविष्यवाणी का वाचन किया है। बजट में शिक्षा के क्षेत्र में धन के प्रावधान को बढ़ाए जाने के स्थान पर उसमें ही कटौती कर दी गई है। यह तो गुरुकुल खोलने जैसा है।

Á नहीं मिलेगी राहत : जिला कांग्रेस प्रवक्ता वीरेंद्र सिंह गौर ने कहा है कि सेस कर बढाने से आम जनता, किसानों को अतिरिक्त आर्थिक भार उठाना पड़ेगा । पिछले तीन महीने में आठ रुपए डीजल पेट्रोल के दाम बढ़े है ऐसे में 2 रुपए की राहत जनता को प्रभावित नहीं कर पाएगी जेटली के आखरी चुनावी बजट में जनता के लिए कुछ भी राहत नहीं है । सरकार खुदरा व्यापार को समाप्त कर विदेशी व्यापार को स्थापित करना चाहती है ।

जनरल बोगी में ठसाठस भरे रहने वाले यात्रियों की चिंता नहीं

सागर | रेल सेवा सुधार समिति अध्यक्ष रवि सोनी ने रेल बजट पर प्रतिक्रिया में कहा कि आगामी वर्ष मिलने वाली सौगातों का पिटारा है बजट। लेकिनद जो हाल रेल बजट का हुआ है ऐसा ही हाल सरकार आम बजट का भी कर दे तो अतिश्योक्ति नहीं है। इसे देख, ऐसा लग कि बजट अब सरकार द्वारा, सरकार को और सरकार के लिए ही बन गया है।

पर्दे के पीछे से केंद्र सरकार को चलाने वालों को देश के सामान्य वर्ग की नौकरियों के आरक्षण की तो चिंता है पर रेल के डिब्बे में ठसाठस भरे सामान्य यात्रियों की कोई फिक्र नहीं। बढ़ती महंगाई, डीजल, पेट्रोल के दामों में लगातार वृद्धि से बढ़े परिवहन किराए से घबराई जनता जहां रेलवे की तरफ भाग रही है, लेकिन उसे डिब्बे के पायदान पर पैर रखने की भी जगह नहीं बची है। अध्यक्ष रवि सोनी ने बताया कि वर्तमान समय गरीब मध्यमवर्गीय जनता की दुर्दशा का दौर है। सरकार द्वारा घोषित की जाने वाली सुविधाओं के अमल में 2-3 बजट भी निकल जाते हैं। मगर सुविधाएं सरकार उपलब्ध नहीं करा पा रही हैं। गांधीधाम से पुरी और बिलासपुर-फिरोजपुर एक्सप्रेस ट्रेन इसका उदाहरण हैं।

सागर सांसद ने कहा कि गरीब और किसानों की आय बढ़ाने वाला है यह बजट, कांग्रेस ने निराशाजनक बताया

यह होना चाहिए

दबंगों की ही रेलवे में सुनवाई होती है। मालवा के सभी रेल प्रोजेक्ट इसके सबूत है। सरकार महंगाई और अधिक किराए भाड़े एवं सभी दबावों को परे रखते हुए कानपुर-नागपुर तथा ललितपुर-बिलासपुर रेलमार्गों के निर्माण कार्य में गंभीरता से रुचि लें। कानपुर से महोवा-खजुराहो के आगे बंडा, सागर, जैसीनगर, गाड़रवारा, छिदवाड़ा होते हुए नागपुर रेल लाइन एवं ललितपुर से महरौनी, धामौनी, सागर, रहली, पाटन, मंडला होते हुए बिलासपुर रेललाइन प्रोजेक्टों को अविलंब धन प्रदान करें तथा प्रदेश सरकारें भूमि उपलब्ध कराएं।

यात्रियों के लिए ट्रेन में सीट महत्वपूर्ण है न कि वाईफाई, अतः सामान्य यात्रियों को ध्यान में रखते हुए पूरे बुंदेलखंड को कवरेज प्रदान करने के महत्व से लखनऊ से भोपाल एक्सप्रेस बाया कानपुर, महोबा, बांदा, कर्वी, सतना, दमोह, सागर, बीना से भोपाल तथा लखनऊ से जबलपुर एक्सप्रेस बाया कानपुर खैराडा, बांदा, महोबा, खजुराहो, छतरपुर, टीकमगढ, ललितपुर, मालखेड़ी, सागर, दमोह, मुड़वारा, जबलपुर, दैनिक जनसाधारण एक्सप्रेस ट्रेन शीघ्र शुरू की जाए।

पब्लिक का कहना है....

व्यवसायी अंशुल भार्गव ने बताया बैलेंस्ड बजट है। चिकित्सा और कृषि क्षेत्र पर फोकस किया गया है। यह अच्छी बात है। नौकरी पेश लोगों को टैक्स में ज्यादा राहत नही दी हैं। स्लैब वही है। सेस में बृद्धि का भार भी इस वर्ग पर पड़ेगा।

सीनियर सिटीजन शशांक शेखर मौर्य ने कहा अाम बजट में सिटीजंस की बैंक में जमा रकम पर ब्याज दर की छूट 10 हजार से बढ़ा कर 50 हजार किया जाना ठीक है। वहीं नौकरी पेशा लाेगाें को वजट में कुछ खास राहत नहीं दी गई है। इस कारण वजह को जन हितैषी कतई नहीं माना जा सकता है।

इंजीनियर राघवेंद्र सिंह का कहना है कि मिडिल क्लास को बजट से काेई फायदा नहीं है। जिन बिंदुओं पर राहत दी गई उन्हीं पर सेस लगा दिया गया है। इससे तो यही लगता है कि सरकार ने एक हाथ दिया तो दूसरे हाथ से छुड़ा भी लिया है। स्वास्थ्य और कृषि क्षेत्र की राहतें भी आगामी चुनाव के कारण सिमट कर रह जाएंगी

सामान्य है वजह। स्वास्थ्य को छोड़ अन्य क्षेत्रों के लिए बहुत कुछ नहीं है। यह बात डा. वीरेंद्र यादव ने कहीं। इन्होंने बताया की मध्यम वर्ग को बजट से निराशा ही हुई है। किसानों को पहली बार तरह तरह की सौगातें दी गई है। यह सरकार का अच्छा कदम है।

जिला पंचायत सदस्य अाशा सिंह ने अपनी प्रतिक्रिया में बताया कि यह बजट महिलाओं के हिसाब से ठीक नहीं कहा जा सकता है। लेकिन स्वास्थ्य और कृषि क्षेत्र के लिए इसमें बहुत कुछ है। हां मोबाइल और इलेक्ट्रानिक वस्तुओं का मंहगा होना ठीक नहीं है।

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