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विश्वविद्यालय के जंगल में आग, चोरी छिपाने के लिए हर साल ऐसे ही होती है आगजनी

Bhaskar News Network | Last Modified - Feb 02, 2018, 06:30 AM IST

डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय के जंगल में गुरुवार की शाम आग लग गई। विवि मैदान की तरफ जाने वाले मार्ग से लगे जंगल में...
डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय के जंगल में गुरुवार की शाम आग लग गई। विवि मैदान की तरफ जाने वाले मार्ग से लगे जंगल में करीब आधा किलोमीटर की लंबाई में लगी यह आग इतनी भीषण थी कि इसे बुझाने में करीब एक घण्टा लग गया। दमकल भी आई लेकिन वह जंगल में जा ही नहीं सकी। विवि के सुरक्षाकर्मियों, वनकर्मियों, हॉस्टल के छात्रों और कुछ शिक्षकों ने मिलकर अग्निशमन यंत्रों और पानी से बमुश्किल आग बुझाई।

वैसे विवि के जंगल में आग लगने की यह पहली घटना नहीं है। हर साल गर्मियों में 4 से 6 जगहों पर आग लगती और बुझती है। लाखों रूपये के सुरक्षा कर्मचारी रखने और विशेष पेट्रोलिंग के बाद भी यही सब चलता रहता है। हर बार की आगजनी के बाद यही बताया जाता है कि खास नुकसान नहीं हुआ। जबकि विवि के ही लोगों का कहना है कि जंगल में जगह जगह अवैध रूप से कटाई चलती है विशेष रूप से बांस की। फिर इसी चोरी को छिपाने आग लगा दी जाती है और उसे आगजनी का रूप दे दिया जाता है। उससे उस जगह के सबूत भी नष्ट हो जाते हैं जहां अवैध कटाई हुई हो। हालांकि इस बार गर्मियाें के पहले ही आगजनी की वारदात हो गई। ऐसे में लोग यह कहने से भी नहीं चूके कि अवैध कटाई का काम करने वालों का लक्ष्य पूरा हो गया होगा इसीलिए अभी से आगजनी शुरू हो गई है।

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Web Title: विश्वविद्यालय के जंगल में आग, चोरी छिपाने के लिए हर साल ऐसे ही होती है आगजनी
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