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ऑटो एजेंसी ने आरटीओ में वाहनों के फर्जी बिल लगाकर की लाखों की टैक्स चोरी

एक एजेंसी द्वारा नए ऑटो रिक्शा की बिक्री पर ग्राहकों से इतर आरटीओ में फर्जी बिल लगाने का मामला सामने आया है।...

Bhaskar News Network | Last Modified - Feb 02, 2018, 06:30 AM IST

एक एजेंसी द्वारा नए ऑटो रिक्शा की बिक्री पर ग्राहकों से इतर आरटीओ में फर्जी बिल लगाने का मामला सामने आया है। एजेंसी ने आरटीओ में फर्जी बिल इसलिए लगाए ताकि वे कीमत में हेरफेर कर टैक्स की चोरी कर सकें।

इस तरह अब तक एजेंसी संचालक द्वारा शासन को लाखों रुपए का नुकसान पहुंचाया जा चुका है। सबसे बड़ी बात तो यह है कि फर्जी बिल और टैक्स की हेराफेरी करने वाली एजेंसी किसी और की नहीं बल्कि सत्ता पार्टी भाजपा के युवामोर्चा जिलाध्यक्ष अर्पित पांडे के भाई अंकित पांडे की है, जो कि अवतार एजेंसी के नाम से तिलकगंज रोड पर स्थित है मामले का खुलासा होने के बाद ऑटो चालकों ने गड़बड़ी की शिकायत आरटीओ से की है।

आरटीओ में ऑटो की

कीमत का 6 प्रतिशत

लगता है टैक्स

जब दैनिक भास्कर टीम ने मामले की पड़ताल की तो सामने आया कि आरटीओ में ऑटो की कीमत का 6 प्रतिशत टैक्स लगता है। ऐसे में एजेंसी ग्राहकों को बताई गई कीमत से कम कीमत का एक और बिल काटकर आरटीओ में लगने वाला टैक्स बचाती है। फर्जीवाड़े में एजेंसी को एक बिल पर करीब दो से तीन हजार रुपए का लाभ होता है। कंपनी के माध्यम से सालभर में 100 से भी ज्यादा ऑटो बेचे जाते हैं। इस हिसाब से फर्जी बिलों के सहारे साल भर में कंपनी को करीब दो से तीन लाख रुपए का फायदा होता है।

ऑटो रिक्शा चालकों ने आरटीओ से निकले एजेंसी के बिल, हुआ गड़बड़ी का खुलासा

आरटीओ में लगा बिल वास्तविक कीमत से 43 हजार कम का, शिकायत की तो घर पहुंचाया चैक : इतवारी वार्ड निवासी मुरलीधर यादव ने बताया कि उन्होंने गुलाब रोड तिलकगंज स्थित अवतार एजेंसी से 22 नवंबर 2017 को ऑटो खरीदा था। एजेंसी ने मुझे 1 लाख 88 हजार रुपए में ऑटो दिया, लेकिन जब ऑटो के कागज लेने मैं आरटीओ कार्यालय पहुंचा तो यहां 4 जनवरी 2018 का बिल लगा था, जिस पर मेरे ऑटो की कीमत 1 लाख 45 हजार रुपए लिखी थी। कीमत में 43 हजार रुपए का अंतर देखकर मेरे होश उड़ गए। मैं सीएम हेल्पलाइन में मामले की शिकायत की। जिसके बाद अब मुझे एजेंसी के लोग चैक के माध्यम से राशि वापस लौटाने की बात कर रहे हैं।

सागर. एजेंसी के फर्जी बिल दिखाते ऑटो चालक।

एक ही नंबर पर जारी हुए दो बिल, दोनों में कीमत अलग

ऑटो चालक राजकुमार साहू ने 28 जनवरी 2016 को 1 लाख 34 हजार रुपए में अवतार एजेंसी से ऑटो खरीदा था। गड़़बड़ी का खुलासा होने के बाद जब उन्होंने आरटीओ में जमा हुआ अपनी गाड़ी के बिल को देखा तो उस पर दी गई कीमत 1 लाख 20 हजार रुपए थी। जबकि बिल नंबर तक एक ही था। ऐसे में सवाल यह खड़ा होता है कि बिलों की हेराफेरी कर एजेंसी द्वारा कितने गरीब ऑटो चालकों को ठगा जा रहा है।

यह मामला केवल मुरलीधर यादव और राजकुमार साहू का ही नहीं बल्कि सुंदर यादव, मुकेश सोनी, कमलेश जैन और नवाब खान समेत सैकड़ों ऑटो चालकों का भी है। जिन्हें 30 से 40 हजार रुपए अधिक कीमत पर ऑटो बेचे गए।

भाजयुमो जिलाध्यक्ष अर्पित पांडे के भाई की

है फर्जी बिल लगाने वाली अवतार एजेंसी

सीधी बात

अर्पित पांडे, जिलाध्यक्ष भाजयुमो

Âआपकी अवतार एजेंसी द्वारा ऑटो बिक्री के फर्जी बिल लगाकर टैक्स की चोरी करने की बात सामने आई हैै। क्या आप एजेंसी के बिल चैक नहीं करते?

-एजेंसी से कोई फर्जी बिल नहीं निकलता, जरूर देखने में कोई गलती हुई होगी।

Âमामला एक या दो बिल का नहीं बल्कि सैकड़ों का है, ऐसी गलती कैसे हुई?

-एजेंसी का काम मैं नहीं देखता। बड़े भाई ही देखते हैं, उनसे पूछकर बताऊंगा।

Âबड़े भाई कौन है, मैं उन्हीं से बात कर लेता हूं?

-नहीं आप बात न करें, मैं कर लूंगा।

अवतार एजेंसी द्वारा फर्जी बिल लगाने का मामला मेरे संज्ञान में आज ही आया है। मैं इसकी जांच कराता हूं। यदि मामला गड़बड़ी का निकला तो एजेंसी की ट्रेड बंद कर दी जाएगी। -प्रदीप शर्मा, आरटीओ सागर

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