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आपत्ति परीक्षण के बगैर शुरू कराया 22 लाख रुपए की लागत से बनने वाले कनेरा देव-सोठिया रोड का काम

शहर से लगे कनेरा देव-सोठिया रोड का नवीनीकरण आपत्ति का परीक्षण व निराकरण किए बगैर शुरू कर दिया गया है। जबकि लोक...

Danik Bhaskar | Feb 02, 2018, 06:30 AM IST
शहर से लगे कनेरा देव-सोठिया रोड का नवीनीकरण आपत्ति का परीक्षण व निराकरण किए बगैर शुरू कर दिया गया है। जबकि लोक निर्माण विभाग डिवीजन-एक के कार्यपालन यंत्री अविनाश शिवरिया ने एसडीओ को आपत्ति का परीक्षण करने के बाद रोड का काम लगाने की बात कही थी है। विभाग ने कनेरा देव से सोठिया तक 2.5 किमी लंबे रोड का 22.11 लाख में रिनोवेशन कराने की योजना बनाई थी। टेंडर और वर्क आर्डर जारी हो गए। इस बीच भूमि स्वामी मनेाज चौरसिया, आलोक अग्रवाल सहित कई लोगों ने कलेक्टर को दिए आवेदन में बताया कि रोड का निर्माण खसरा नंबर 81-3 स्थित भूमि पर हो। जिससे की खसरा क्रमांक 83 स्थित हम लोगों की निजी भूमि पर रोड का निर्माण कराने की वर्षों पुरानी गलती फिर न हो।

कनेरा देव-सोठिया रोड का निर्माण करीब 22 साल पूर्व कराया गया था। उस दौरान निर्माण एजेंसी ने खसरा नंबर 83 के भूस्वामियों के निजी उपयोग की 5 एकड़ जमीन पर रोड बना दी थी। गौर तलब है कि लोनिवि के रिकार्ड में इस रोड को खसरा नंबर 81-3 पर दर्शाया गया। रोड का नवीनीकरण इसी खसरा नंबर की जमीन कराने की मांग को लेकर ही भूस्वामियों ने कलेक्टर को पत्र देकर उन्हें अपनी आपत्ति से अवगत कराया और बताया कि निजी जमीन पर रोड का निर्माण किया जाना अतिक्रमण माना जाएगा। यदि लोनिवि ने जानबूझ कर भूस्वामियों की निजी भूमि से सड़क निकालने की गलती की तो आवेदक कोर्ट जाएंगे। लोनिवि अगर निजी भूमि पर सड़क बनाएगा तो उसे इससे पहले मुआवजा देना पड़ेगा।

भूमि स्वामी मनोज चौरसिया ने बताया कि सोठिया में ठेकेदार द्वारा सड़क का काम लगाने की जानकारी मिली है। यदि लोनिवि इस रोड का रिनोवेशन सरकारी जमीन से कराएगा तो हमें आैर अन्य भू स्वामियों को काेई परेशानी नहीं होगी। वहीं इसे लेकर लोनिवि के कार्यपालन यंत्री अविनाश शिवरिया का कहना है कि आपत्ति का निराकरण हुआ कि नहीं, इस बारे में फिलहाल कोई जानकारी नहीं है। एसडीओ को इसका परीक्षण कराने के निर्देश दिए गए थे। एसडीओ से पता करते है कि कि परीक्षण प्रतिवेदन अब तक क्यों नहीं दिया। वैसे यह डब्ल्यूबीएम रोड है। सरकारी जमीन उपलब्ध है इस कारण नवीनीकरण सरकारी भूमि पर होगा। सरकारी और निजी भूमि को लेकर कोई गड़बड़ी है तो वह दूर की जाएगी।