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टीकमगढ़ में पहली बार देश भर की प्रसिद्ध लोक कलाओं का होगा मंचन

टीकमगढ़ में पहली बार संगीत नाटक अकादमी नई दिल्ली की ओर से राष्ट्रीय उत्सव का आयोजन किया जा रहा है। रंग संगम समारोह...

Dainik Bhaskar

Feb 02, 2018, 06:35 AM IST
टीकमगढ़ में पहली बार संगीत नाटक अकादमी नई दिल्ली की ओर से राष्ट्रीय उत्सव का आयोजन किया जा रहा है। रंग संगम समारोह के तहत 2 से 6 फरवरी तक आयोजित राष्ट्रीय नाटक व लोक अभिव्यक्ति कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को बुंदेली कला संस्कृति के साथ देश भर की प्रसिद्ध लोक कलाओं को देखने का मौका मिलेगा। साथ ही लंबे अंतराल के बाद एक बार फिर शहर में देश के जानेमाने थिएटर कलाकार अपने अभिनय का प्रदर्शन करेंगे। 5 दिवसीय समारोह शहर के नजरबाग मैदान में होगा। पूरे परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया जा रहा है। समारोह के दौरान शहर के युवाओं को थिएटर की बारीकियों के बारे में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रसिद्ध रंगकर्मी व अभिनेता गोविंद नामदेव ने दो दिनों तक युवाओं को एक्टिंग के टिप्स दिए। अब थिएटर कलाकार और अभिनेता रघुवीर यादव अभिनय की बारीकियां सिखा रहे हैं। रंगकर्मी संजय श्रीवास्तव ने बताया कि 2 फरवरी से बुंदेली लोकनृत्य और लोकगीत कार्यक्रमों का सिलसिला शुरू होगा। जिसमें देश के ख्याति प्राप्त कलाकार बुंदेली लोक कलाओं की प्रस्तुति देंगे। शाम के समय नाटकों का मंचन किया जाएगा। पिछले साल भी 3 दिवसीय नाट्य समारोह एक्सीलेंस कॉलेज के ऑडिटोरियम में रखा गया था। शहर से दूरी होने के कारण कम संख्या में दर्शक पहुंचे थे। इसलिए इस बार शहर के बीचोंबीच नजरबाग में कार्यक्रम रखा गया है।

अब तो जीवन ही अभिनय लगने लगा है: रघुवीर यादव

भास्कर संवाददाता। टीकमगढ़

टीकमगढ़ में पहली बार संगीत नाटक अकादमी नई दिल्ली की ओर से राष्ट्रीय उत्सव का आयोजन किया जा रहा है। रंग संगम समारोह के तहत 2 से 6 फरवरी तक आयोजित राष्ट्रीय नाटक व लोक अभिव्यक्ति कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को बुंदेली कला संस्कृति के साथ देश भर की प्रसिद्ध लोक कलाओं को देखने का मौका मिलेगा। साथ ही लंबे अंतराल के बाद एक बार फिर शहर में देश के जानेमाने थिएटर कलाकार अपने अभिनय का प्रदर्शन करेंगे। 5 दिवसीय समारोह शहर के नजरबाग मैदान में होगा। पूरे परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया जा रहा है। समारोह के दौरान शहर के युवाओं को थिएटर की बारीकियों के बारे में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रसिद्ध रंगकर्मी व अभिनेता गोविंद नामदेव ने दो दिनों तक युवाओं को एक्टिंग के टिप्स दिए। अब थिएटर कलाकार और अभिनेता रघुवीर यादव अभिनय की बारीकियां सिखा रहे हैं। रंगकर्मी संजय श्रीवास्तव ने बताया कि 2 फरवरी से बुंदेली लोकनृत्य और लोकगीत कार्यक्रमों का सिलसिला शुरू होगा। जिसमें देश के ख्याति प्राप्त कलाकार बुंदेली लोक कलाओं की प्रस्तुति देंगे। शाम के समय नाटकों का मंचन किया जाएगा। पिछले साल भी 3 दिवसीय नाट्य समारोह एक्सीलेंस कॉलेज के ऑडिटोरियम में रखा गया था। शहर से दूरी होने के कारण कम संख्या में दर्शक पहुंचे थे। इसलिए इस बार शहर के बीचोंबीच नजरबाग में कार्यक्रम रखा गया है।

अभिनय कार्यशाला के माध्यम से शहर के युवाओं को एक्टिंग की बारीकियां सिखाने आए रंगकर्मी व अभिनेता रघुवीर यादव गुरुवार को मीडिया से रुबरु हुए। वर्तमान समय में अभिनय सीखने के सवाल पर उन्होंने कहा कि पहले अभिनय करना कठिन लगता था। अब तो जीवन ही अभिनय लगने लगा है। उन्होंने कहा कि अगर बड़ा लक्ष्य हासिल करना है तो जमीनी स्तर पर काम करना होगा। युवाओं में कुछ करने की चाहत तो है, लेकिन उन्हें शॉटकट से बचना चाहिए। फिल्मों में काम करना थोड़ा आसान है, लेकिन थिएटर करना कठिन है। इसमें बिना रिहर्सल और मेहनत के कुछ हासिल नहीं होगा। इसमें आप सीधे तौर पर दर्शकों की आंखों में डालकर बात करते हैं, जबकि सिनेमा में सबकुछ कैमरे में करना पड़ता है। उसमें कट-कॉपी से सुधार की गुंजाईश रहती है, लेकिन थिएटर में ऐसा कुछ भी नहीं है।

आज देशराज पटैरिया देंेगे लोकगीतों की प्रस्तुति

Á2 फरवरी- ख्याति प्राप्त गायक देशराज पटैरिया अपने साथियों के साथ बुंदेली लोकगीतों की प्रस्तुति देंगे। गाजीपुर के जीवनराम टीम के साथ धोबिया नृत्य प्रस्तुत करेंेेगे। अयोध्या के शीतला प्रसाद फरबाई नृत्य का मंचन करेंगे। इसके बाद सागर के उमेश यादव बधाई, नौरता लोकनृत्य और भोपाल के लिटिल बैले थिएटर के कलाकार हिंदी नृत्य बैले रामायण की प्रस्तुति देंगे।

ये सिखाएंगे अभिनय की बारीकियां

Á2 फरवरी को रंग संगीत के विभिन्न आयाम के बारे में रंगकर्मी रघुवीर यादव युवाओं को अभिनय की बारीकियां सिखाएंगे। Á3 फरवरी को लोक व पारंपरिक कलाओं का महत्व विषय पर प्रकाश खांडके मुंबई और बुंदेली लोकनाट्य के बारे में महोबा के पदम सिंह व्याख्यान देंगे। Á4 फरवरी को अभिनेता की तैयारी के बारे में रंगकर्मी आलोक चटर्जी बताएंगे। लोक नाट्य स्वांग की प्रासंगिकता एवं बदलता स्वरूप के बारे में ग्वालियर के हिमांशु द्विवेदी जानकारी देंगे। Á5 फरवरी को रंगमंच और अन्य कलाओं के बारे में भोपाल के गिरिजा शंकर और बाल रंगमच पर भोपाल की शोभा चटर्जी बताएंगी। Á6 फरवरी को कस्बाई रंगमंच और उनकी चुनौतियाें पर जबलपुर के अरुण पांडे व्याख्यान देंगे। नाट्य पाठ एवं विश्लेषण पर राजकमल नायक रायपुर युवाओं का मार्गदर्शन देंगे।

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