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किसान मुस्कुराओ...बाकी भूल जाओ

3650 करोड़ रुपए सीधे किसानों के खातों में जाएंगे, 2000 करोड़ का बीमा लाभ भी 5 खास बातें शिवराज सरकार ने इस...

Danik Bhaskar | Mar 01, 2018, 07:35 AM IST
3650 करोड़ रुपए सीधे किसानों के खातों में जाएंगे, 2000 करोड़ का बीमा लाभ भी

5 खास

बातें

शिवराज सरकार ने इस कार्यकाल के आखिरी बजट में पहली बार किसानों के लिए सबसे ज्यादा 37498 करोड़ रु. का प्रावधान किया है। इनमें से 3650 करोड़ रुपए सीधे किसानों के खातों में जाएंगे। यह गेहूं, धान खरीदी की प्रोत्साहन राशि है। कर्मचारी, पेंशनर्स, महिलाओं, आदिवासियों और युवाओं को भी थोड़ा-थोड़ा खुश करने की कोशिश। थोड़ा इसलिए क्योंकि पेंशनर्स को सातवें वेतन आयोग में केंद्र की अपेक्षा कम पेंशन दी गई है। कर्मचारियों को भी कुछ नहीं मिला। महिलाओं के लिए सिर्फ स्वसहायता समूह के जरिये लोन का प्रावधान किया है।

इंदौर-भोपाल एक्सप्रेस-वे के लिए 5000 करोड़


5 करोड़ की ऋण सीमा


9 मेडिकल कॉलेज


सामाजिक सुरक्षा


भावांतर योजना




सरकार ने कुल बजट का करीब 20% हिस्सा किसानों के लिए रखा। प्रोत्साहन राशि, आपदा, भावांतर आदि में उपयोग होगा।

जीत का फॉर्मूला:

किसान+दलित +आिदवासी +महिला+युवा = बहुमत

मप्र सरकार का चुनावी बजट आगामी विधानसभा चुनाव पर सीधा असर डालेगा। दैनिक भास्कर ने सांप-सीढ़ी के जरिए यह जानने की कोशिश की है कि घोषणाओं का फायदा किस वर्ग को कितना होगा। साथ ही जो उम्मीदें पूरी नहीं हो सकीं, उनका सरकार को कितना नुकसान हो सकता है।

100

ऐसी कोई घोषणा नहीं जो सरकार को 100 प्वाइंट तक पहुंचाए।

18 लाख किसानों को सीधा फायदा पहुंचेगा। यानी शिवराज सरकार की छवि सुधरेगी।

कैलाश मानसरोवर यात्रा अनुदान

15 लाख का बजट था। इसे हटाने से धार्मिक भावनाएं आहत हो सकती हैें।

1

जिसमें सरकार कुछ हद तक सफल दिखाई दे रही है।



भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन, सागर और सतना स्मार्ट सिटी के लिए 100-100 करोड़ की घोषणा हुई है।

100

विनिंग प्वाइंट जिसमें सरकार कुछ हदत क सफल दिखाई दे रही है

बजट में बड़ी उम्मीद पेट्रोल-डीजल में वैट घटाने की थी, जो पूरी नहीं हुई।

वैट न घटाना चुनावों के लिए नुकसान वाला फॉर्मूला साबित हो सकता है।

गेहूं 2000 रु/ प्रति क्विंटल से कम नहीं खरीदेंगे। गेहंू, धान पर पिछले साल का 200 रु./ क्विं. बोनस भी।



2018-2019 में भोपाल और इंदौर में मेट्रो के काम का पहला चरण शुरू करने का लक्ष्य। प्रदेश में मेट्रो की घोषणा 2010 में हुई थी।

विधवा पेंशन के लिए इस बार बीपीएल की पात्रता हटाई।

नर्मदा की 27 माइक्रो सिंचाई परियोजना खुलेंगी।

3.50 लाख पेंशनर्स नाराज। क्योंकि केंद्र के पेंशनर्स के मुकाबले उनकी पेंशन 15% कम है।

यानी, महिला वर्ग के लिए बड़ी घोषणा। चुनावों में इसका फायदा मिलेगा।

मंदी की मार झेल रहे इस सेक्टर का सरकार के प्रति झुकाव कम होगा।




रियल एस्टेट में स्टाम्प ड्यूटी कम नहीं की।

40 विधानसभा क्षेत्रों के किसानों को सीधा फायदा मिलेगा।

पेशनर्स को 7वें वेतनमान का लाभ तो दिया, बढ़ोतरी सिर्फ 10% उम्मीद 25.7% की थी।

1 लाख परिवारों को फायदा। यानी चुनाव में फायदा।

कोटवारों, अतिथि विद्वानों, अतिथि शिक्षकों का मानदेय बढ़ाने की घोषणा।




बुंदेलखंड के लिए क्या ?




करोड़ की स्वीकृति।


बेतवा नदी पर 16 करोड़ की लागत से पुल का निर्माण होगा।






सवा दो लाख तक कोई कर नहीं।

2.25 लाख से 3 लाख 1500 रुपए

3 लाख से 4 लाख 2000 रुपए

4 लाख से अधिक 2500 रुपए


कर्मी परम्परा को समाप्त कर अध्यापक संवर्ग की स्थापना की एवं इस संवर्ग को छठवे वेतनमान का लाभ दिया गया। स्थानीय निकायों के अधीन अध्यापकों की सेवाओं को परिवर्तित कर सेवाएं राज्य शासन के अधीन किया।


इन्दौर, जबलपुर, भोपाल एवं ग्वालियर में 1600 आदिवासी विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर के इंजीनियरिंग, मेडिकल तथा लाॅ कालेजों में प्रवेश को बढ़ावा देने के लिए उत्कृष्ट कोचिंग संस्थाओं के माध्यम से निःशुल्क कोचिंग।


भोपाल, जबलपुर, इन्दौर और ग्वालियर में 500 सीट वाले कन्या छात्रावासों की स्थापना। राजगढ़, उज्जैन, दमोह एवं रायसेन में 100 सीटर कन्या छात्रावासों की स्थापना। ग्वालियर, भोपाल एवं उज्जैन में 100 सीटर बालक छात्रावास।


मुख्यमंत्री मेघावी विद्यार्थी योजना के तहत उच्च शिक्षा के 26 हजार 112, चिकित्सा शिक्षा के 640, तकनीकी शिक्षा के 296 एवं एनआईएटी/एसपीए के 189 विद्यार्थी लाभान्वित हुए हैं।



मेट्रो ट्रेन

Áपिछले वर्ष भी बजट में इस पर घोषणा हुई। 10 करोड़ का बजट भी हुआ। काम शुरू नहीं हुआ। इस बार फिर प्रावधान।

पौधरोपण

Áपिछले बजट में 6 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य रखा था। इन पौधों का अता-पता नहीं। इस बार 8 करोड़ का लक्ष्य।