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कोर्ट से स्टे की कॉपी देने के बाद भी निगम ने विवादित प्लाट के प्रॉपर्टी टैक्स की रसीदें कीं जारी

मैंने नगर निगम की राजस्व शाखा में एक विवादित प्लाट के संबंध में कोर्ट द्वारा जारी स्टे की कॉपी जमा की थी, लेकिन...

Danik Bhaskar | Sep 12, 2018, 05:01 AM IST
मैंने नगर निगम की राजस्व शाखा में एक विवादित प्लाट के संबंध में कोर्ट द्वारा जारी स्टे की कॉपी जमा की थी, लेकिन निगमकर्मियों ने कब्जेदार महिला से मिलीभगत कर प्रॉपर्टी टैक्स की रसीदें जारी कर दीं। जिसका उपयोग उसने बीएलसी स्कीम के लिए उठा लिया। यह शिकायत रविशंकर वार्ड निवासी राजेंद्र कुमार विश्वकर्मा ने महापौर अभय दरे से जनसुनवाई के दौरान की। महापौर ने मौके पर ही राजस्व अधिकारी संजय तिवारी से स्पष्टीकरण मांगा तो वह कोई ठोस जवाब नहीं दे पाए। इसके बाद महापौर ने तिवारी से कहा कि प्रकरण का परीक्षण करें अगर शिकायत सही तो है तो बीएलसी की किस्तें रोक दें और पूर्व में जारी की गई सभी रसीदें कैंसिल कर दें। मंगलवार को जनसुनवाई में महापौर के समक्ष 45 शिकायतें पहुंचीं।

5 साल पहले रुपए जमा किए थे अब तक नहीं मिला मकान : विवेकानंद वार्ड से आई बुजुर्ग गीताबाई ने कहा कि मेरे स्वर्गवासी पति ने साल 2013 में राजीव आवास योजना के तहत मकान पाने के लिए 20 हजार रुपए जमा किए थे। पिछले दिनों मेरे पति को आवास आवंटित हो गया, लेकिन इसी दौरान उनकी मृत्यु हो गई। इस स्थिति में अब बैंक वाले मेरे बेटे के नाम पर केस ट्रांसफर करते हुए उसके नाम लोन मंजूर नहीं कर रहे हैं। महापौर ने एनजीओ के कर्मचारी से प्रकरण के संबंध में रिपोर्ट पेश करने काे कहा। जनसुनवाई के दौरान सामाजिक सुरक्षा पेंशन, राष्ट्रीय परिवार सहायता योजना, मुख्यमंत्री जनकल्याण संबल योजना के तहत असंगठित श्रमिक कार्ड का पंजीयन, समग्र आई.डी., राशन कार्ड, राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन, जन्म-मृत्य-विवाह पंजीयन, राजस्व, भवन-भूमि से संबंधित मामलों की संख्या ज्यादा रही। महापौर ने बताया कि अब तक प्राप्त शिकायतों में से 106 का निराकरण किया जा चुका है।