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बीना के कंप्यूटर एक्सपर्ट प्रमोद के रूप में मृतक की पहचान, शक की सुई साथी पर

भास्कर संवाददाता | सागर/बीना मंडीबामोरा के तहारपुर प्राचीन बीजासेन माता मंदिर परिसर में सोमवार की सुबह मिले...

Danik Bhaskar | Sep 12, 2018, 05:06 AM IST
भास्कर संवाददाता | सागर/बीना

मंडीबामोरा के तहारपुर प्राचीन बीजासेन माता मंदिर परिसर में सोमवार की सुबह मिले निर्वस्त्र व पत्थर से सिर कुचली लाश की पहचान बीना के आचवल वार्ड निवासी प्रमोद पिता खेमचंद विश्वकर्मा 40 साल के रूप में हुई है। वह कम्प्यूटर एक्सपर्ट है। मामले में शक की सुई उसके एक साथी की तरफ जा रही है। उससे लेनदेन का कोई विवाद था। शिनाख्त मृतक के छोटे भाई टिंकू उर्फ कृष्णकांत विश्वकर्मा ने की है। मंगलवार शाम 5 बजे मंडीबामोरा चौकी प्रभारी संजय शर्मा व नई बस्ती चौकी प्रभारी पुरुषोत्तम पटेल ने नई बस्ती स्थित श्मशान घाट पहुंच कर शव को निकलवाया और परिजनों के सुपुर्द कर दिया है। फिलहाल मामले की विवेचना करने पुलिस अफसरों ने 4 टीम गठित कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।

मृतक के भाई टिंकू ने बताया कि प्रमोद 9 सितंबर की शाम 4 बजे मंडी बामोरा जाने की बात कहते हुए 3-4 घंटे में वापस आने की कहकर घर से निकला था, जो रात 8 बजे तक वापस नहीं आया। उसे मोबाइल पर कॉल किया,लेकिन नहीं उठाया। फिर कुछ देर बाद भाई का रिटर्न कॉल आया और आधे घंटे में आने की बात कहते हुए एक साथ खाने की बोला। इसके बाद सभी सो गए। जब दूसरे दिन (10 सितंबर) तक नहीं आया तो सुबह 6.30 बजे फिर उसके मोबाइल पर कॉल किया। कॉल को किसी अजनबी ने अटैंड किया एवं बोला कि प्रमोद आराम कर रहा है। वे मंडीबामौरा के शर्मा वकील के यहां आए है। भाई के मोबाइल पर मंगलवार की शाम तक घंटी जाती रही, लेकिन फिर किसी ने कॉल रिसीव नहीं किया।

भास्कर संवाददाता | सागर/बीना

मंडीबामोरा के तहारपुर प्राचीन बीजासेन माता मंदिर परिसर में सोमवार की सुबह मिले निर्वस्त्र व पत्थर से सिर कुचली लाश की पहचान बीना के आचवल वार्ड निवासी प्रमोद पिता खेमचंद विश्वकर्मा 40 साल के रूप में हुई है। वह कम्प्यूटर एक्सपर्ट है। मामले में शक की सुई उसके एक साथी की तरफ जा रही है। उससे लेनदेन का कोई विवाद था। शिनाख्त मृतक के छोटे भाई टिंकू उर्फ कृष्णकांत विश्वकर्मा ने की है। मंगलवार शाम 5 बजे मंडीबामोरा चौकी प्रभारी संजय शर्मा व नई बस्ती चौकी प्रभारी पुरुषोत्तम पटेल ने नई बस्ती स्थित श्मशान घाट पहुंच कर शव को निकलवाया और परिजनों के सुपुर्द कर दिया है। फिलहाल मामले की विवेचना करने पुलिस अफसरों ने 4 टीम गठित कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।

मृतक के भाई टिंकू ने बताया कि प्रमोद 9 सितंबर की शाम 4 बजे मंडी बामोरा जाने की बात कहते हुए 3-4 घंटे में वापस आने की कहकर घर से निकला था, जो रात 8 बजे तक वापस नहीं आया। उसे मोबाइल पर कॉल किया,लेकिन नहीं उठाया। फिर कुछ देर बाद भाई का रिटर्न कॉल आया और आधे घंटे में आने की बात कहते हुए एक साथ खाने की बोला। इसके बाद सभी सो गए। जब दूसरे दिन (10 सितंबर) तक नहीं आया तो सुबह 6.30 बजे फिर उसके मोबाइल पर कॉल किया। कॉल को किसी अजनबी ने अटैंड किया एवं बोला कि प्रमोद आराम कर रहा है। वे मंडीबामौरा के शर्मा वकील के यहां आए है। भाई के मोबाइल पर मंगलवार की शाम तक घंटी जाती रही, लेकिन फिर किसी ने कॉल रिसीव नहीं किया।

बीना। शिनाख्त के बाद शव को परिजनों को सौंपती पुलिस। इनसेट: प्रमोद विश्वकर्मा का जीवित अवस्था का चित्र।

रवि नाम के युवक से होती थी

लेनदेन की बातचीत

टिंकू ने बताया कि भाई प्रमोद कम्प्यूटर का काम करता था। जो एक प्रोजेक्ट तैयार करने की बात कह कर घर से निकला था। उसके साथ रवि नाम का युवक भी कम्प्यूटर का काम करता था। जिससे लेनदेन को लेकर हमेशा बातचीत होती रहती थी। एसडीओपी रक्षपाल सिंह यादव ने कहा मृतक की पहचान होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। हत्या के मामले की विवेचना के लिए पुलिस की 4 टीम गठित की गई है। जल्द ही आरोपियों को पकड़कर खुलासा किया जाएगा।

मृतक के

दो बच्चे

मृतक के दो बच्चे हैं। एक बेटा अनमोल 8 साल और एक बेटी जया 6 साल। प|ी नीलम है जो राहतगढ़ के खड़ई गांव की रहने वाली है। जो रो-रोकर बेहाल हो गए। इधर बेटे की मौत की खबर सुनकर परिजनों के आंसू थम नहीं रहे थे। परिवार में मातम छा गया। रिश्तेदार, पड़ोसी, पहचान के लोग पहुंचे और ढांढस बंधाया।