Hindi News »Madhya Pradesh »Sagar» अस्पताल में प्रसव पीड़ा से 1 घंटे तक तड़पती रही महिला, नर्स ने कहा-मेरी ड्यूटी का समय खत्म

अस्पताल में प्रसव पीड़ा से 1 घंटे तक तड़पती रही महिला, नर्स ने कहा-मेरी ड्यूटी का समय खत्म

शासन की ओर से ग्रामीण क्षेत्रों तमाम सुविधाएं देने का दावा किया जाता है। इसके लिए ग्रामीण क्षेत्रों में पदस्थ...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 12, 2018, 02:00 AM IST

  • अस्पताल में प्रसव पीड़ा से 1 घंटे तक तड़पती रही महिला, नर्स ने कहा-मेरी ड्यूटी का समय खत्म
    +1और स्लाइड देखें
    शासन की ओर से ग्रामीण क्षेत्रों तमाम सुविधाएं देने का दावा किया जाता है। इसके लिए ग्रामीण क्षेत्रों में पदस्थ डॉक्टर और नर्सों को विशेष सुविधा दी जाती है, लेकिन बल्देवगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भगवान भरोसे चल रहा है। जिम्मेदार डॉक्टर और नर्सें मुख्यालय पर रहने को तैयार नहीं है। सभी रोजाना टीकमगढ़ से अप डॉउन कर रहे हैं। इस संबंध में स्थानीय लोगों ने कई बार शिकायत भी है। उसके बाद भी स्थितियां सुधरने का नाम नहीं ले रही है।

    शुक्रवार की सुबह 7.30 बजे एक लड़के ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में फैली अवस्थाओं को देखकर वीडियो वायरल किया। जिसमें डारगुवां की 28 वर्षीय संगीता अहिरवार डिलीवरी के लिए अपने पति राहुल अहिरवार के साथ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र आई थी, लेकिन हॉस्पिटल में ड्यूटी डॉक्टर और स्टाॅफ नदारद था। वहीं हैरान करने वाली दूसरी बात देखने यह मिली कि जो स्टॉफ उस समय मौजूद था, उन्होंने दर्द से कराह रही महिला का इलाज करने से महज इसलिए मना कर दिया कि उनका कहना था कि ड्यूटी टाइम खत्म हो चुका था। इलाज के लिए मना करने वाली नर्स मीरा वंशकार और करूणा मिश्रा ने शुक्रवार को महिला होते हुए भी प्रसव पीड़ा के दर्द से कराह रही महिला का इलाज न कर मानवता को शर्मसार कर दिया। वहीं अरूणा नायक ने मानवता की मिसाल पेश कर ड्यूटी टाइम से पहले आकर कराई महिला की डिलवरी। संगीता के पति राहुल ने बताया कि बार-बार उपस्थित स्टॉफ की मिन्नतें करने के बाद भी कोई असर नहीं हुआ।

    अरूणा नायक ने दिखाई मानवता :बल्देवगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ अरुणा नायक को जैसे ही इस घटना की सूचना मिली, उन्होंने मौके पर पहुंचकर महिला संगीता अहिरवार की डिलीवरी करवाई। अरूणा नायक ने बताया कि उनकी ड्यूटी दोपहर 2 बजे से थी, लेकिन महिला को स्वास्थ्य लाभ देना मैंने पहली प्राथमिकता समझी। इस संबंध में जब बीएमओ एसके छिलवार से बात की तो उन्होंने कोर्ट का हवाला देकर फोन काट दिया। छिलवार ने कहा कि अभी कोर्ट में हूं इस संबंध में कुछ देर बाद बात करूंगा।

    एंबुलेंस में दर्द से कराहती रही महिला।

    भास्कर संवाददाता| बल्देवगढ़

    शासन की ओर से ग्रामीण क्षेत्रों तमाम सुविधाएं देने का दावा किया जाता है। इसके लिए ग्रामीण क्षेत्रों में पदस्थ डॉक्टर और नर्सों को विशेष सुविधा दी जाती है, लेकिन बल्देवगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भगवान भरोसे चल रहा है। जिम्मेदार डॉक्टर और नर्सें मुख्यालय पर रहने को तैयार नहीं है। सभी रोजाना टीकमगढ़ से अप डॉउन कर रहे हैं। इस संबंध में स्थानीय लोगों ने कई बार शिकायत भी है। उसके बाद भी स्थितियां सुधरने का नाम नहीं ले रही है।

    शुक्रवार की सुबह 7.30 बजे एक लड़के ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में फैली अवस्थाओं को देखकर वीडियो वायरल किया। जिसमें डारगुवां की 28 वर्षीय संगीता अहिरवार डिलीवरी के लिए अपने पति राहुल अहिरवार के साथ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र आई थी, लेकिन हॉस्पिटल में ड्यूटी डॉक्टर और स्टाॅफ नदारद था। वहीं हैरान करने वाली दूसरी बात देखने यह मिली कि जो स्टॉफ उस समय मौजूद था, उन्होंने दर्द से कराह रही महिला का इलाज करने से महज इसलिए मना कर दिया कि उनका कहना था कि ड्यूटी टाइम खत्म हो चुका था। इलाज के लिए मना करने वाली नर्स मीरा वंशकार और करूणा मिश्रा ने शुक्रवार को महिला होते हुए भी प्रसव पीड़ा के दर्द से कराह रही महिला का इलाज न कर मानवता को शर्मसार कर दिया। वहीं अरूणा नायक ने मानवता की मिसाल पेश कर ड्यूटी टाइम से पहले आकर कराई महिला की डिलवरी। संगीता के पति राहुल ने बताया कि बार-बार उपस्थित स्टॉफ की मिन्नतें करने के बाद भी कोई असर नहीं हुआ।

    अरूणा नायक ने दिखाई मानवता :बल्देवगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ अरुणा नायक को जैसे ही इस घटना की सूचना मिली, उन्होंने मौके पर पहुंचकर महिला संगीता अहिरवार की डिलीवरी करवाई। अरूणा नायक ने बताया कि उनकी ड्यूटी दोपहर 2 बजे से थी, लेकिन महिला को स्वास्थ्य लाभ देना मैंने पहली प्राथमिकता समझी। इस संबंध में जब बीएमओ एसके छिलवार से बात की तो उन्होंने कोर्ट का हवाला देकर फोन काट दिया। छिलवार ने कहा कि अभी कोर्ट में हूं इस संबंध में कुछ देर बाद बात करूंगा।

    बल्देवगढ़। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से स्टॉफ नदारद।

    मानवता को किया शर्मशार

    जिन लोगों ने भी यह वीडियो देखा उन्होंने संबंधित स्टॉफ नर्स मीरा वंशकार और करूणा नायक के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए कि यह घटना मानवता को शर्मशार करने वाली है। राज्य सरकार जहां पर मरीजों के लिए तरह-तरह की योजनाएं तो चला रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर उन्हें अमीली जामा पहनाने में प्रशासन नाकाम है। शुक्रवार की सुबह डॉक्टर के कमरे पर ताला लटका हुआ था, ड्यूटी के समय बिना बताए कहीं शादी समारोह में गए थे। स्थानीय निवासी लोकेश त्रिपाठी ने बताया कि वह 2 दिन से पेट दर्द के कारण परेशान है। अस्पताल पहुंचा तो वहां पर न कोई डॉक्टर अौर न ही नर्स मिली। इस संबंध में जब शिकायत करने के लिए सीएमएचओ डॉ. वर्षा राया को फोन किया तो उन्होंने संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।

    4 लोगों को कारण बताओ नोटिस जारी

    सीएमएचओ डॉ. वर्षा राय ने बताया कि मेरे पास 108 वाले डॉक्टर का फोन आया था। जिसने बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर न तो डॉक्टर हैं और न ही नर्स। मामले को बड़ी लापरवाही मानते हुए 4 लोगों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए है। साथ ही उन पर तत्काल कार्यवाही कर एक दिन का वेतन भी काटा गया है। जिसमें विकास जैन आयुष डॉक्टर, बीएमओ डॉ. एसके छिलवार और 2 नर्स जिन की उस टाइम ड्यूटी थी। इन सभी पर कार्रवाई की जाएगी।

  • अस्पताल में प्रसव पीड़ा से 1 घंटे तक तड़पती रही महिला, नर्स ने कहा-मेरी ड्यूटी का समय खत्म
    +1और स्लाइड देखें
आगे की स्लाइड्स देखने के लिए क्लिक करें
दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From Sagar

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×