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ग्राम झरौली में सभी हैंडपंप खराब, दो किमी दूर से ला रहे पानी

जनपद जबेरा के गांव- गांव में इन दिनों भीषण जल संकट के चलते ग्रामीणों की नींद हराम है। ग्रामीणों के लिए पेयजल जैसी...

Dainik Bhaskar

May 17, 2018, 03:10 AM IST
ग्राम झरौली में सभी हैंडपंप खराब, दो किमी दूर से ला रहे पानी
जनपद जबेरा के गांव- गांव में इन दिनों भीषण जल संकट के चलते ग्रामीणों की नींद हराम है। ग्रामीणों के लिए पेयजल जैसी गंभीर समस्या के समाधान की ओर अधिकारियों का ध्यान नहीं है। जबकि ग्राम पंचायत झरौली में पेयजल संकट की समस्या मुद्दत से बनी हुई है।

गर्मी के समय में तो ग्रामीणों के लिए पेयजल स्त्रोत नहीं होने की वजह से जहां पेयजल कि किल्लत के लिए ग्राम से दो किमी की दूरी पर प्यास बुझाने के लिए खेतीहर भूमि के कुआं- कुआं भटकना पड़ता है। चाहे बुजुर्ग हो या फिर महिलाएं, बच्चे सभी पेयजल की किल्लत से जूझ रहे हैं। खेतों की ऊबड़-खाबड़ मेढ़ों से सिर पर पीने के बर्तन रखे लाते दिखाई देते हैं। बच्चे युवा बुजुर्ग साइकिलों में कुप्पा टांगे हुए पीने के पानी के लिए दर- दर भटकते हैं। ग्राम की पेयजल आपूर्ति लाइन से जहां सरपंच के द्वारा अपनी ग्रीष्मकालीन खेती मूंग की सिंचाई की जा रही वहीं चहेतों के घरों तक पानी पहुंचाया जा रहा है। आम जनता पीने के पानी के लिए रोजाना दो किमी की दूरी का भर गर्मी में मुश्किल सफर तय करने को मजबूर हैं। ग्राम में कुल तीन हैंडपंप हैं जिसमें एक पंचायत मुख्यालय पर बंद पड़ा हुआ है। दूसरा स्कूल के पास है जिसके खराब होने कि स्थिति में मैकेनिक के द्वारा हैंडपंप का हैंडल निकालकर घर पर रख लिया। तीसरा हैंडपंप चालू है लेकिन स्कूल की बाउंड्रीवॉल के अंदर होने की वजह से 24 घंटे गेट में पड़े ताले की वजह से चार दीवार के अंदर रहता है।

ग्राम के मनीराम यादव, महेंद्र सींग, जगदीश यादव, धन्नी सिंग, मनीष साहू बताते हैं कि झरौली में पीने के पानी की किल्लत से आम जनता की नींद हराम है पेयजल के लिए हैंडपंप बंद पड़े हैं सुधार कार्य के लिए पीएचई विभाग सहित पंचायत प्रशासन से ग्रामीण अनेक बार शिकायत कर चुके हैं लेकिन ग्रामीणों के पीने के पानी जैसी जरूरत को पूरा करने की ओर किसी का ध्यान नहीं है। पीने के पीने के लिए गांव में अकाल पडा़ है।

एसडीएम बृजेंद्र रावत का कहना है कि मै अभी पीएचई के एसडीओ से बोलकर बंद पड़े हैंडपंप का सुधार करवाने के लिए निर्देशित करता हूं व स्कूल के अंदर बाउंड्रीवॉल के अंदर के हैंडपंप का ताला खुलवाकर लोगों के लिए पीने के पानी के उपयोग में लेने के लिए कहता हूं। वही मुवॉर के हैंडपंप के भूजल स्तर में गिरावट के चलते पाइप लाइन बढ़ाने के लिए बोलता हूं और ग्रामीणों के लिए पेयजल समस्या का समाधान के लिए मौके पर टीम भिजवाता हूं।

हैंडपंप सुधार के लिए सीएम हेल्पलाइन से लेकर पीएचई विभाग में कर चुके ग्रामीण शिकायत, फिर भी समस्या का समाधान नहीं हुआ

दो घंटे हैंडल चलाने पर एक बाल्टी पानी निकलता है

मुवॉर में लगे दो हैंडपंप में एक का पानी भूतल में पहुंच गया। दूसरे हैंडपंप का पानी खरा होने की वजह से पीने के लायक नहीं है। चालू हैंडपंप में दो घंटे हैंडल भांजने पर एक बाल्टी पानी निकलता है। ग्राम पंचायत झरौली के गांव मुवॉर में पेयजल की किल्लत से हरिजन बस्ती जूझ रही जहां पर साधन संपन्न लोग तो खेतों के बोर से पाइप लाइन के द्वारा घरों तक पानी ले आते हैं लेकिन गरीब हरिजन आदिवासी पीने के पानी का एकमात्र सहारा हैंडपंप का जल स्तर में भारी गिरावट के चलते घंटों तक हैंडपंप पर डेरा डालकर बैठना पड़ता है।

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