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50 गांव, 64 हजार आबादी, 2 स्वास्थ्य केंद्र, उनमें भी डॉक्टर नहीं

जबेरा जनपद का बनवार, बम्होरी अंचल स्वास्थ्य सुविधाओं से जूझ रहा है। जनपद की दो लाख की आबादी पर सीबीएमओ सहित...

Danik Bhaskar | May 10, 2018, 05:10 AM IST
जबेरा जनपद का बनवार, बम्होरी अंचल स्वास्थ्य सुविधाओं से जूझ रहा है। जनपद की दो लाख की आबादी पर सीबीएमओ सहित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जबेरा में महज चार डॉक्टर पदस्थ हैं। यानी कि 50 हजार की आबादी पर मात्र एक डॉक्टर है। वहीं दूसरी ओर रोड़ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में पर भी 50 गांव की 64 हजार आबादी निर्भर है, इसके बावजूद भी यहां पर एक दशक से डाॅक्टर पदस्थ नहीं हैं। यहां ताकि स्टॉफ नर्स भी नहीं हैं। यही हाल नोहटा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का है, जहां पर एक वर्ष से डॉक्टर का पद खाली है। स्वास्थ्य केंद्र में रोजाना सैकड़ों मरीज केंद्र से बिना इलाज किए लौट रहे हैं। गंभीर बीमारी तो दूर यहां पर मरीजों को सामान्य बीमार का भी इलाज नहीं हो रहा है।

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रोंड व नोहटा में मरीजों को नहीं मिल रहीं सुविधाएं

बनवार। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रोंड, जहां पर वर्षों से नहीं हुई है डॉक्टर की पदस्थापना।

Ãप्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टर की कमी गंभीर समस्या है। मैं आज ही बीएमओ को बोलता हूं कि कम से कम सप्ताह में एक दो दिन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर एक डॉक्टर पहुंचे और ओपीडी खोलकर मरीजों के उपचार की व्यवस्था करे। वही उप स्वास्थ्य केंद्रों पर पदस्थ एएनएम के मुख्यालय नहीं रहने की शिकायतें निरंतर मिल रही हैं, जिसके लिए बीएमओ को निर्देशित करता हूं कि सतत निरीक्षण करके मुख्यालय पर नहीं रहने वाली एएनएम पर कार्रवाई करें। बृजेंद्र रावत, एसडीएम

स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ाने पर किसी का नहीं ध्यान

नोहटा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के अंतर्गत आने वाले उप स्वास्थ्य केंद्र साखा, कुलुवा, खमारिया, नवीन उप स्वास्थ्य केंद्र बीजाडोंगरी, मौसीपुरा में पदस्थ एएनएम अधिकांश समय केंद्रों से नदारत रहती हैं। जो सिर्फ सिर्फ टीकाकरण राष्ट्रीय कार्यक्रमों के समय मुख्यालय पर पहुंचती हैं। यही हाल हाल रोड प्राथमिक केंद्र, उप स्वास्थ्य केंद्रों में घटेरा, परस्वाहा, पटना मानगढ़, हारदुवा मानगढ़ का है जहां पर पदस्थ एएनएम मुख्यलय से नदारत रहते हुए सिर्फ टीकाकरण के दिन ही पहुंचती हैं। ग्रामीण बृजेश सिंह, रूपदयाल पटेल, उमेश पटेल ने बताया कि जबेरा विधानसभा से विधायक बनने की दावेदारी करने के लिए नेताओ की भीड़ गांव-गांव में दिखाई दे रही है, लेकिन आम लोगों के जीवन से जुड़ी स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ाने की ओर किसी का ध्यान नहीं है।