• Hindi News
  • Madhya Pradesh News
  • Sagar
  • इलेक्ट्रिक बस-टैक्सी व थ्री-व्हीलर के लिए 9,381 करोड़ रु. की स्कीम
--Advertisement--

इलेक्ट्रिक बस-टैक्सी व थ्री-व्हीलर के लिए 9,381 करोड़ रु. की स्कीम

इलेक्ट्रिक बस, टैक्सी और थ्री-व्हीलर को बढ़ावा देने के लिए ‘फेम इंडिया’ स्कीम के दूसरे चरण (फेम-2) का प्रस्ताव जल्दी...

Dainik Bhaskar

May 14, 2018, 03:15 AM IST
इलेक्ट्रिक बस-टैक्सी व थ्री-व्हीलर के लिए 9,381 करोड़ रु. की स्कीम
इलेक्ट्रिक बस, टैक्सी और थ्री-व्हीलर को बढ़ावा देने के लिए ‘फेम इंडिया’ स्कीम के दूसरे चरण (फेम-2) का प्रस्ताव जल्दी ही कैबिनेट के सामने रखा जाएगा। इसमें 5 साल में 9,381 करोड़ की वित्तीय मदद देने की बात है। भारी उद्योग मंत्रालय का ड्राफ्ट विचार-विमर्श के लिए बिजली, अक्षय ऊर्जा, सड़क, वित्त और दूसरे मंत्रालयों को भेजा गया था। सूत्रों के मुताबिक सभी मंत्रालयों-विभागों की टिप्पणियों को शामिल करते हुए कैबिनेट नोट तैयार कर लिया गया है।

फास्टर एडॉप्शन एंड मैन्युफैक्चरिंग ऑफ हाइब्रिड एंड इलेक्ट्रिक व्हीकल्स इन इंडिया (फेम इंडिया) के दूसरे चरण के प्रावधान 2018-19 से 2022-23 तक के लिए होंगे। इसमें पब्लिक ट्रांसपोर्ट, कॉमर्शियल वाहन और हाई-स्पीड टू-व्हीलर पर फोकस होगा। सिटी बस, इलेक्ट्रिक 3-व्हीलर, इलेक्ट्रिक 4-व्हीलर टैक्सी सेगमेंट में डिमांड एग्रीगेशन की कोशिश की जाएगी। राज्य सड़क परिवहन उपक्रमों की एसोसिएशन जैसे संगठन एग्रीगेटर बन सकते हैं।

ई-वाहनों से जुड़े स्टार्टअप के लिए 500 करोड़ का फंड बनेगा

जीरो एमिशन वाहन के रिसर्च-डेवलपमेंट के लिए फंडिंग

‘स्टार्टअप टीम ऑफ इन्वेस्ट इंडिया’ के अनुसार देश में इलेक्ट्रिक वाहनों से जुड़े 136 स्टार्टअप हैं। लेकिन जोखिम को देखते हुए बैंक या वित्तीय संस्थान इन्हें कर्ज देने से कतराते हैं। इसलिए फेम-2 में 500 करोड़ का वेंचर कैपिटल फंड बनाने का प्रस्ताव है। इससे जीरो एमिशन वाले वाहन, इनके कंपोनेंट, प्रोटोटाइप, अल्टरनेटिव बैटरी आदि के रिसर्च-डेवलपमेंट के लिए फंडिंग उपलब्ध कराई जाएगी।

पहले चरण में कारों के लिए 1.38 लाख तक इन्सेंटिव था




ई-रिक्शा के टायर पर लगेगा 28% जीएसटी

नई दिल्ली | ई-रिक्शा के टायर पर ई-रिक्शा के ही बराबर 28% जीएसटी लगेगा। एडवांस रुलिंग अथॉरिटी की महाराष्ट्र बेंच ने टायर बनाने वाली कंपनी सिएट के एक आवेदन पर यह स्पष्टीकरण दिया है। कंपनी का सवाल था कि क्या इन्हें पावर्ड साइकिल रिक्शा के टायर के समान 5% टैक्स कैटेगरी में रखा जा सकता है? अथॉरिटी ने कहा कि सिर्फ पेडल वाले रिक्शा को पावर्ड श्रेणी में रखा जा सकता है, जबकि ई-रिक्शा में पेडल नहीं होते।

X
इलेक्ट्रिक बस-टैक्सी व थ्री-व्हीलर के लिए 9,381 करोड़ रु. की स्कीम
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..