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22 राज्यों के 174 जिलों में सीएनजी और पीएनजी सप्लाई के लिए नीलामी

देश की 35 करोड़ से ज्यादा आबादी को सीएनजी और पीएनजी सप्लाई के लिए मंगलवार को नीलामी प्रक्रिया शुरू हुई। पीएनजी यानी...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 09, 2018, 04:10 AM IST

देश की 35 करोड़ से ज्यादा आबादी को सीएनजी और पीएनजी सप्लाई के लिए मंगलवार को नीलामी प्रक्रिया शुरू हुई। पीएनजी यानी पाइप से सप्लाई की जाने वाली रसोई गैस और वाहनों में इस्तेमाल होने वाली सीएनजी के लिए यह नौवें राउंड की नीलामी है। इसमें 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 174 जिले शामिल हैं। क्षेत्रफल के लिहाज से ये जिले देश के 24% इलाके के बराबर हैं।

सिटी गैस के लिए यह सबसे बड़ी नीलामी है। ऑयल रेगुलेटर पीएनजीआरबी के मुताबिक इसमें करीब 70,000 करोड़ रु. निवेश होंगे। कंपनियां 10 जुलाई तक बोली पेश कर सकती हैं। नीलामी में कुछ नियम बदले गए हैं। घरेलू कनेक्शन का वेटेज 30% से बढ़ाकर 50% किया गया है। कंपनियों को बताना होगा कि शुरू के 8 साल में कितने घरों में गैस कनेक्शन देंगी और कितने सीएनजी स्टेशन खोलेंगी। लाइसेंस हासिल करने वाली कंपनी को उस क्षेत्र में 8 साल तक अकेले गैस बेचने का अधिकार होगा। अभी यह एक्सक्लूसिव राइट 5 साल का है।

अभी तक 8 राउंड में 42 लाख घरों में 24 करोड़ आबादी को पीएनजी सप्लाई के लिए हो चुकी है नीलामी

ऊर्जा खपत में गैस की हिस्सेदारी अभी 6% है, इसे बढ़ाकर 15% करने का लक्ष्य

अब तक 8 राउंड में 91 इलाके आईजीएल और गेल गैस जैसी कंपनियों को दिए गए। 56 इलाके नीलामी के जरिए और 35 नॉमिनेशन के आधार अवार्ड किए गए।

अभी 42 लाख घरों में पीएनजी सप्लाई हो रही है। इसे 2020 तक एक करोड़ घरों तक पहुंचाने का लक्ष्य है। इसके अलावा 31 लाख वाहनों के लिए सीएनजी की भी सप्लाई की जा रही है।

देश की ऊर्जा खपत में गैस की हिस्सेदारी 6% है, इसे 15% करने का लक्ष्य है।

आबादी से तय होगी कंपनियों की नेटवर्थ

आबादी न्यूनतम नेटवर्थ

50 लाख से ज्यादा 150 करोड़ रुपए

20-50 लाख 100 करोड़ रुपए

10 लाख से कम 5 करोड़ रुपए

कितनी होगी कीमत

पीएनजी की न्यूनतम कीमत प्रति किलो 30 रुपए और सीएनजी की 2 रुपए प्रति किलो तय की गई है।

8 में से 5 राउंड की नीलामी में कंपनियों ने कम रुचि दिखाई

अब तक 8 राउंड में से सिर्फ 3 राउंड में कंपनियों ने उत्साह दिखाया। चौथा राउंड रद्द करना पड़ा था और पांचवें राउंड में बहुत कम कंपनियां आई थीं। 2015 में छठे राउंड में 34 शहर नीलामी के लिए रखे गए थे, जबकि सिर्फ 20 के लिए ऑफर मिला। सातवें राउंड में स्मार्ट सिटी मिशन के तहत 11 शहरों को नीलामी के लिए रखा गया जबकि बोली सिर्फ एक के लिए मिली। पिछले साल आठवें राउंड में सात शहर रखे गए थे, इन्हें भी अवार्ड किया जाना बाकी है।

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