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आईसीआईसीआई बैंक के मुनाफे में 45% की कमी

निजी क्षेत्र के सबसे बड़े बैंक आईसीआईसीआई बैंक का कंसोलिडेटेड मुनाफा जनवरी-मार्च तिमाही में 45 % घट गया है। इसकी वजह...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 09, 2018, 02:30 AM IST

निजी क्षेत्र के सबसे बड़े बैंक आईसीआईसीआई बैंक का कंसोलिडेटेड मुनाफा जनवरी-मार्च तिमाही में 45 % घट गया है। इसकी वजह है फंसे कर्ज यानी एनपीए के लिए दोगुना प्रोविजनिंग।

बैंक को इस तिमाही में 7,005 करोड़ की प्रोविजनिंग करनी पड़ी, जबकि एक साल पहले यह रकम 3,463 करोड़ थी। इससे मुनाफा 2,083 करोड़ की तुलना में 1,142 करोड़ रह गया है। स्टैंडअलोन प्रॉफिट 2,025 करोड़ से 49% घटकर 1,020 करोड़ रह गया है। बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम 6,022 करोड़ रुपए रही, जो मार्च 2017 में 5,962 करोड़ थी। बोर्ड ने 2 रुपए फेस वैल्यू वाले हर शेयर पर 1.50 रुपए डिविडेंड देने का निर्णय लिया है।

वीडियोकॉन ग्रुप को कर्ज पर आज हो सकती है चर्चा: बैंक की एमडी एवं सीईओ चंदा कोचर ने बताया कि बोर्ड की बैठक में वीडियोकॉन ग्रुप को दिए गए लोन पर कोई बात नहीं हुई। आईसीआईसीआई बैंक ने अप्रैल 2012 में वीडियोकॉन समूह को 3,250 करोड़ रुपए का कर्ज दिया था। 2017 में यह एनपीए में तब्दील हो गया था। सूत्रों के मुताबिक बोर्ड मंगलवार को इस पर चर्चा करेगा। हालांकि चंदा ने कहा कि कल रूटीन मामलों पर चर्चा होगी। इस मामले में चंदा सवालों के घेरे में हैं। बैंक ने वीडियोकॉन ग्रुप को कर्ज दिया था। दूसरी ओर ग्रुप के प्रमोटर वेणुगोपाल धूत ने चंदा के पति दीपक कोचर की कंपनी न्यूपावर रिन्युएबल्स में पैसे लगाए थे। सीबीआई और आयकर विभाग ‘हितों के टकराव’ के नजरिए से इसकी जांच कर रहे हैं। बोर्ड ने चंदा कोचर को क्लीन चिट दे दी है। बोर्ड में सरकार के एक मात्र प्रतिनिधि लोक रंजन सोमवार की मीटिंग में शामिल नहीं हुए।

मार्च तिमाही में प्रॉफिट 2,083 करोड़ से घटकर 1,142 करोड़ रह गया

ग्रॉस एनपीए 15,737 करोड़ रु. बढ़ा

कुल कर्ज का 8.84% एनपीए

ग्रॉस एनपीए 8.84% हो गया है। मार्च 2017 में यह 7.89% और दिसंबर में 7.82% था। नेट एनपीए सालभर में 4.89% से घटकर 4.77% हुआ है।

बैंक ने जेम्स-ज्वैलरी सेक्टर के 3 अकाउंट को फ्रॉड और एनपीए घोषित किया है। इन खातेदारों को बैंक ने 794.87 करोड़ रु. का कर्ज दिया था।

आरबीआई के नियम बदलने से 9,968 करोड़ रु. एनपीए बने : रकम के लिहाज से मार्च तिमाही में ग्रॉस एनपीए 15,737 करोड़ रुपए बढ़ा है। इसमें 9,968 करोड़ रुपए रिजर्व बैंक के नियम बदलने के कारण फंसे हैं। दिसंबर तिमाही में ये स्टैंडर्ड एसेट कैटेगरी में थे। आरबीआई ने 12 फरवरी को जारी दिशानिर्देश में कहा था कि लोन चुकाने में एक दिन की देरी को भी डिफॉल्ट माना जाए। इसने लोन रीस्ट्रक्चरिंग की सभी स्कीमों को भी तत्काल बंद करने का निर्देश दिया था।

बैंक की तिमाही इनकम में 18% वृद्धि

मद मार्च 2017 मार्च 2018 बढ़ा/घटा

इनकम 28,603 33,760 

प्रॉफिट 2,083 1,142 

प्रोविजनिंग 3,463 7,005 

सालाना आय 4.9% बढ़ी, मुनाफा 24% घटा

मद 2016-17 2017-18 अंतर

इनकम 1,13,398 1,18,969 

प्रॉफिट 10,188 7,712 

प्रोविजनिंग 16,582 17,973 

वजह : एनपीए प्रोविजनिंग में 102% वृद्धि

(आंकड़े करोड़ रुपए में)

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