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गलत कर्मों का फल इसी जन्म में भोगना पड़ता है: उमाशंकर

कुंडलपुर फतेहपुर में चल रही भागवत कथा में उमड़े श्रद्धालु भास्कर संवाददाता | पटेरा कुंडलपुर फतेहपुर में चल...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 11, 2018, 03:35 AM IST

गलत कर्मों का फल इसी जन्म में भोगना पड़ता है: उमाशंकर
कुंडलपुर फतेहपुर में चल रही भागवत कथा में उमड़े श्रद्धालु

भास्कर संवाददाता | पटेरा

कुंडलपुर फतेहपुर में चल रही संगीतमय भागवत महापुराण की तीसरे दिन कथावाचक उमाशंकर शास्त्री ने कहा की भगवान को प्रेम से बुलाओ तो वह कहीं पर भी भगवान प्रकट हो जाते हैं।

ध्रुव ने भगवान को प्रेम भक्ति को प्रकट करके दिखाया कि यदि सच्ची भक्ति विश्वास है तो भगवान को आने में देर नहीं लगती। इसलिए प्रेम, भक्ति व विश्वास के साथ ईश्वर की आराधना करो। भगवान शिव की कथा सुनाते हुए कहा कि शिवलिंग निर्माण से सभी मनोकामनाएं होती हैं। भगवान शिव एक ऐसे देवता हैं जो मात्र एक लोटा जल में प्रसन्न हो जाते हैं। भगवान को प्रसन्न करने के लिए भक्ति भाव जरूरी है। सबरी नीच कुल से थी, लेकिन उसकी प्रेम, भक्ति भावना के चलते भगवान सबरी के यहां पहुंचे और उसके जूझे बेर भी खाए। इसलिए कभी किसी में भेदभाव मत करो।

उन्होंने बताया कि एक व्यक्ति भगवान शालिगराम की मूर्ति को लेकर तराजू में बांट बना कर तौलता था। जिस दिन उसके ह्रदय पता चला की यह तो भगवान है उसके यहां प्रगट हो करके आ गए। कथा के दौरान कपिल उपाख्यान की कथा सुनाई। उन्होंने कहा कि यह मानव तन अच्छे कर्मों के लिए मिला है। आज लोगों के पास मंदिर में जाने के लिए समय नहीं है, लेकिन अपने घर घंटों बैठकर टीवी व मोबाइल देखते रहते हैं इसके लिए पर्याप्त समय है। इस कलयुग में जो जैसा करता है उसका फल इसी जन्म में भोगना पड़ता है। यदि आपने अपने प्रभाव से किसी व्यक्ति को सताया उसकी जमीन जायदाद हड़प ली लेकिन इसका फल आपको अवश्य ही मिलेगा। एक दिन ऐसा जाएगा जब आपको अपने किए पर पछतावा होगा, लेकिन जो कर्म किया है उसका पूरा फल अवश्य ही मिलेगा। कथा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे।

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