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घटिया किस्म का चना खरीदने से मना करने पर तीन लोगों ने समिति प्रबंधक को पीटा

कृषि उपज मंडी स्थित चना खरीदी केंद्र में बटरी एवं कचरा युक्त चना नहीं खरीदे जाने पर ग्राम बुधेडा के महेंद्र सिंह...

Danik Bhaskar | May 10, 2018, 02:45 AM IST
कृषि उपज मंडी स्थित चना खरीदी केंद्र में बटरी एवं कचरा युक्त चना नहीं खरीदे जाने पर ग्राम बुधेडा के महेंद्र सिंह ने साथियों के साथ समिति प्रबंधक शियाशरण पटेरिया के साथ जमकर मारपीट की। घटना की सूचना डायल 100 एवं पवई थाने को दी गई लेकिन सूचना के डेढ़ घंटे बाद डायल 100

पहुंची तब तक आरोपी वारदात को अंजाम देकर घटना स्थल से भाग निकले। पीड़ित समिति प्रबंधक ने बताया कि महेंद्र सिंह , माधव सिंह बगैरह ने उसके साथ जमीन पर पटक कर लात घूसों से जमकर पिटाई की। उसने बताया कि आरोपी गणों के जिंस में 15 फीसदी से भी अधिक बटरी होने के कारण क्वालिटी सर्वेयर द्वारा गल्ला की खरीदी निरस्त कर दी थी।

इसके बाद भी किसान द्वारा स्वयं गल्ले की तुलाई कर उसे बोरियों में भरा जा रहा था। जिसे समिति प्रबंधक सियाशरण ने मना किया जिस पर उन्होंने मारपीट की। पवई थाना पुलिस ने समिति प्रबंधक की शिकायत पर आरोपी गण महेंद्र सिंह पिता छुट्‌टेराजा, माधव सिंह पिता छुट्‌टेराजा एवं महेंद्र सिंह के पुत्र के खिलाफ गाली गलौज, मारपीट, जान से मारने की धमकी देने के साथ शासकीय कार्य में बांधा पहुंचाने की धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया है।

घुवारा क्षेत्र के गेहूं उपार्जन केंद्रों में किसानों के साथ हो रहा छल

घुवारा क्षेत्र के गेहूं उपार्जन केंद्रों में किसानों के साथ हो रहा छल

घुवारा|नगर घुवारा क्षेत्र से सात सहकारी समितियां जुडी हुई हैं। जिन पर 14 अप्रेल से गेहूं उपार्जन केंद्र प्रारंभ किए गए थे , मध्यप्रदेश सरकार द्वारा किसानों से गेहूं कि खरीदी समर्थन मूल्य पर की जा रही है। जिसमें सरकार द्वारा नियम है कि केवल किसान गेहूं को खरीदी केंद्र तक लाए, उसके बाद गेहूं का ढेर लगाने बोरी भरने एवं तुलाई कराने के लिए हम्मालों की व्यवस्था की गई है।

कुछ किसानों ने बताया कि कुछ सोसायटी प्रबंधकों ने अपने अलग से नियम वना रखे हैं, समिति प्रबंधक किसानों से ही गेहूं के ढेर लगवाते हैं, बोरियों में भरवाते हैं, तुलाई के 2 रुपए वोरी का खर्चा लेते हैं। समिति प्रबंधक जिला सहकारी बैंक जाकर हम्मालों को पैसा देने का हवाला देकर बैंक से मोटी मोटी रकम निकाल लाते है और कुछ मास्टर माइंड समिति प्रबंधक उन्हीं पैसों से गेहूं खरीद कर केंद्रों में डाल कर लाखों मे खेल रहे हैं। इस मामले में तहसीलदार त्रिलोक सिंह पोसाम का कहना है कि वह एसडीएम समाधिया के साथ जांच करने जाएंगे। यदि कोई इस प्रकार की बात सामने आती हैं तो उस पर उचित कार्रवाई की जाएगी।

घुवारा|नगर घुवारा क्षेत्र से सात सहकारी समितियां जुडी हुई हैं। जिन पर 14 अप्रेल से गेहूं उपार्जन केंद्र प्रारंभ किए गए थे , मध्यप्रदेश सरकार द्वारा किसानों से गेहूं कि खरीदी समर्थन मूल्य पर की जा रही है। जिसमें सरकार द्वारा नियम है कि केवल किसान गेहूं को खरीदी केंद्र तक लाए, उसके बाद गेहूं का ढेर लगाने बोरी भरने एवं तुलाई कराने के लिए हम्मालों की व्यवस्था की गई है।

कुछ किसानों ने बताया कि कुछ सोसायटी प्रबंधकों ने अपने अलग से नियम वना रखे हैं, समिति प्रबंधक किसानों से ही गेहूं के ढेर लगवाते हैं, बोरियों में भरवाते हैं, तुलाई के 2 रुपए वोरी का खर्चा लेते हैं। समिति प्रबंधक जिला सहकारी बैंक जाकर हम्मालों को पैसा देने का हवाला देकर बैंक से मोटी मोटी रकम निकाल लाते है और कुछ मास्टर माइंड समिति प्रबंधक उन्हीं पैसों से गेहूं खरीद कर केंद्रों में डाल कर लाखों मे खेल रहे हैं। इस मामले में तहसीलदार त्रिलोक सिंह पोसाम का कहना है कि वह एसडीएम समाधिया के साथ जांच करने जाएंगे। यदि कोई इस प्रकार की बात सामने आती हैं तो उस पर उचित कार्रवाई की जाएगी।