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जलसंकट: दो किमी दूर से पानी लाकर प्यास बुझाने को मजबूर हैं खमरियावासी

Dainik Bhaskar

May 12, 2018, 04:20 AM IST

Sagar News - खमरिया गांव की 12 सौ की आबादी में एक हैंडपंप, वह भी बंद पड़ा भास्कर संवाददाता| जबेरा जबेरा जनपद जबेरा के दर्जनों...

जलसंकट: दो किमी दूर से पानी लाकर प्यास बुझाने को मजबूर हैं खमरियावासी
खमरिया गांव की 12 सौ की आबादी में एक हैंडपंप, वह भी बंद पड़ा

भास्कर संवाददाता| जबेरा

जबेरा जनपद जबेरा के दर्जनों गांव पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। लोगों को पीने के पानी के लिए मीलों की दूरी पर खेतों व जंगलों के जल स्रोतों से कष्टप्रद सफर तय करके पानी भरकर लाना पड़ रहा है। ऐसे ही हाल ग्राम पंचायत खमरिया के हैं। जहां पर ग्रामीणों को पानी के लिए दो किमी दूर भटकना पड़ रहा है। हैरानी की बात तो यह है कि गांव में पेयजल समस्या के निराकरण के लिए बुंदेलखंड पैकेज के तहत नलजल योजना स्वीकृत हुई थी, लेकिन उससे एक बूंद भी पानी नहीं मिला है।

यही हाल हरदुआ ग्राम पंचायत के गांव झील टपरिया, गोलापटी, टपरिया, सहित खेड़ार, सिमरी खुर्द, सिमरी जालम, चोपरा चंडी, डूमर, बड़गुवां रमपुरा, परासई, रीछाई में भी हैं। जहां पर पानी के लिए लोग परेशान हैं। ग्रामीण सुबह से शाम तक पीने के पानी के लिए भटकते रहते है। खमारिया के ताहर रैकवार, हल्कू रैकवार, सरमन, प्रीतम ने बताया कि गांव में 12 सौ की आबादी पर एक हैंडपंप है, जहां पर सुबह से शाम रात्रि को पानी के लिए लोगों की भीड़ जमा रहती है।

अब हैंडपंप खराब होने के कारण पूरा गांव दो किमी दूर खेत में बने कुएं से पानी लाना पड़ रहा है। वहीं दूसरी ओर ग्राम पंचायत द्वारा अब तक पेयजल समस्या के निराकरण के लिए कोई प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। गांव में न तो पानी का परिवहन शुरू हुआ है और न ही हैंडपंप सुधारा गया है। जिससे लोग प्रशासन को कोस रहे हैं।

जल्द सुधार कार्य होगा


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