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किसान ने लौटाए बैंक के एक लाख रुपए

कर्ज के बोझ के तले दबे पर्रका गांव के किसान रवीन्द्र पिता सुजान सिंह ने बैंक से निकले रुपए के अलावा अतिरिक्त आए...

Danik Bhaskar | May 10, 2018, 03:15 AM IST
कर्ज के बोझ के तले दबे पर्रका गांव के किसान रवीन्द्र पिता सुजान सिंह ने बैंक से निकले रुपए के अलावा अतिरिक्त आए रुपए बैंक प्रबंधक को लौटाकर ईमानदारी की मिसाल पेश की है। ये पूरे एक लाख रुपए हंै।

समर्थन मूल्य पर बिके अनाज की राशि पाने के लिए किसान ने कई बार बैंक के चक्कर तो काटे ही जब पैसे नहीं मिले तो मुख्यमंत्री हेल्प लाईन में शिकायत भी की।

यह वाक्या जिसने सुना उसी ने की रवींद्र की तारीफ : जब अतिरिक्त राशि एक लाख रुपए मिली तो वापस कर दी। ये वाक्या जिसने भी सुना सबने किसान की तारीफ की। किसान रवीन्द्र सिंह की करीब साढ़े 6 एकड़ जमीन है। 13 अप्रैल को समर्थन मूल्य के खरीद केन्द्र पर 83 क्विंटल गेहूं बेचा। 24 अप्रैल को फीडिंग हुई। उसके बाद 8 मई को खाते में चैक किए तो पता चला 1 लाख 63 हजार की राशि आ गई है। उसी समय उसने पैसे निकालने के लिए विदड्रा जमा किया। उसी दिन रात के करीब साढ़े नौ बज रहे थे। बैंक प्रबंधक मनीष जैन ने भुगतान किया तो उसने थैले में पैसे रखे और बैंक से गांव आ गया। उसने बताया दूसरे दिन जब बेटे और मैंने रुपए गिने तो एक लाख 63 हजार के बजाए 2 लाख 63 हजार निकले। जिसके बाद 1 लाख बैंक में वापस लौटाए।

उन्होंने बताया किसान क्रेडिट कार्ड और बिजली बिल तथा अन्य करीब सवा लाख का कर्ज है। 13 अप्रैल को अनाज बेचने के बाद भुगतान राशि पाने के लिए किसान कई बार बैंक के चक्कर काटे। अनाज तुलवाने के 24 दिन तक जब भुगतान नहीं मिला तो रवीन्द्र ने मुख्यमंत्री हेल्प लाईन 181 में शिकायत दर्ज कराई थी।

13 मई को बेटे की शादी

किसान रवीन्द्र के परिवार में उनकी प|ि कविता सिंह दो बेटे सचिन सिंह और षैलेन्द्र सिंह के अलावा दो बेटियां निकिता सिंह और शालिनी सिंह है। बड़े बेटे सचिन सिंह की सगाई 13 मई को जैसीनगर ब्लॉक के ढकरई में होना है। किसान को शादी की तैयारियों के लिए पैसों की जरूरत है। इस मामले में जिला सहकारी बैंक प्रबंधक मनीष जैन का कहना है कि पैसे गिनने में चूक हो गई। किसान रवीन्द्र सिंह ने अपनी ईमानदारी दिखाई।

बैंक प्रबंधक को पैसे देते रवींद्र सिंह।