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गर्मी और सूखे के बीच ग्रामीणों का संघर्ष

Dainik Bhaskar

May 12, 2018, 02:51 AM IST

Sagar News - रस्सी के सहारे कुएं में उतरता युवक। रवि ताम्रकार | टीकमगढ़ जतारा ब्लॉक की दरगांय पंचायत के कोड़िया गांव में पानी...

यहां के लोग अपना पूरा दिन पानी की जुगत में बिता देते है। कुएं के पोखर में भरे गंदे पानी को पीकर प्यास बुझा रहे है। यहां के लोग अपना पूरा दिन पानी की जुगत में बिता देते है। कुएं के पोखर में भरे गंदे पानी को पीकर प्यास बुझा रहे है।

टीकमगढ़ (एमपी)। जिले में पानी का भीषण संकट गहरा गया है। करीब 1100 आबादी वाले जिले के कोड़िया गांव में चार हैंडपंप और चार कुएं हैं, जो पूरी तरह सूख चुके हैं। लोगों को बूंद-बूंद पानी के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। हालात इतने खराब हैं कि लोगों को अपनी प्यास बुझाने के लिए अपनी जान जोखिम में डालना पड़ रही है। रस्सी के सहारे करीब 50 फीट गहरे सूखे कुएं में उतरकर एक छोर पर बने गड्ढे को खोद-खोदकर निकालना मजबूरी बन गई है।

- यहां से निकले गंदे पानी का इस्तेमाल लोग खाना बनाने से लेकर पीने तक में कर रहे है और इसके लिए लोग दिन में करीब तीन बार कुएं में उतरते हैं।

- जब कहीं बमुश्किल उनकी पानी की पूर्ति हो पाती है। इसके लिए उन्हें पूरे दिन कुएं के पास बैठकर कुएं के अंदर बने गड्ढे में पानी आने का इंतजार करना पड़ता है।
- बुंदेलखंड क्षेत्र के टीकमगढ़ जिले में गर्मी पूरे शबाब पर है और हालात इतने भयावह हो गए हैं कि लोगों को पानी के लिए तमाम प्रकार के जतन करने पड़ रहे हैं।

- गांव की एक महिला ने बताया कि यहां के लोग अपना पूरा दिन पानी के जुगाड़ में लगा देते हैं। प्रशासन की तरफ से पानी को लेकर कोई उपाय नहीं किए गए।

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यहां के लोग अपना पूरा दिन पानी की जुगत में बिता देते है। कुएं के पोखर में भरे गंदे पानी को पीकर प्यास बुझा रहे है।यहां के लोग अपना पूरा दिन पानी की जुगत में बिता देते है। कुएं के पोखर में भरे गंदे पानी को पीकर प्यास बुझा रहे है।
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