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मदन सागर तालाब के गहरीकरण से बढ़ सकता है क्षेत्र का जल स्तर, 3 सालों से पूरा नहीं भर पाया, खेती को भी नहीं मिल रहा लाभ

पिछले तीन सालों से पड़ रहे सूखे के कारण क्षेत्र में लोग पानी के लिए परेशान हो रहे हैं। बारिश न होने से मदन सागर तालाब...

Bhaskar News Network| Last Modified - May 14, 2018, 02:30 AM IST

मदन सागर तालाब के गहरीकरण से बढ़ सकता है क्षेत्र का जल स्तर, 3 सालों से पूरा नहीं भर पाया, खेती को भी नहीं मिल रहा लाभ
मदन सागर तालाब के गहरीकरण से बढ़ सकता है क्षेत्र का जल स्तर, 3 सालों से पूरा नहीं भर पाया, खेती को भी नहीं मिल रहा लाभ
पिछले तीन सालों से पड़ रहे सूखे के कारण क्षेत्र में लोग पानी के लिए परेशान हो रहे हैं। बारिश न होने से मदन सागर तालाब में पानी क्षमता अनुरुप न आने से किसानों को पानी नहीं मिल सका।

तालाब का पानी दिन प्रतिदिन कम होता जा रहा है। जिले में तालाबों के गहरीकरण के लिए हर साल करोड़ों रुपए का बजट आता है, लेकिन अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के बंदरबांट में तालाबों का गहरीकरण नहीं हो पाता है। अगर अभी तालाब का गहरीकरण करा दिया जाए तो पानी की क्षमता बढ़ने के साथ किसानों को सिंचाई के लिए पानी आसानी से मिलेगा और नगर का जल स्तर भी बना रहेगा। मौसम विभाग द्वारा इस बार ऐसे संकेत दिए गए है कि बारिश पर्याप्त मात्रा में होगी। मदन सागर तालाब में 22 फीट पानी आता है, लेकिन विगत 50 वर्षों नदी नालों से आना वाला पानी के साथ मिट्टी, जमा होने से तालाब उथला हो गया है। सुरेश दुबे ने बताया कि अभी मई के महीने में तालाब का पानी काफी घट चुका है, अगर प्रशासन तालाब का गहरीकरण कराने की मुहिम शुरू करें तो आम लोग भी इससे जुड़ सकते हैं। दुबे ने बताया कि तालाब की मिट्टी बहुत उपजाऊ है। किसान अपने अपने ट्रैक्टरों से खेतों में डालते हैं तो उपज दोगुनी होगी। रामदीन रैकवार ने बताया कि तालाब के गहरीकरण से पानी की क्षमता बढ़ने से अवर्षा की स्थिति में तालाब में पानी पर्याप्त होने पर किसानों को खेती के लिए आसानी से पानी मिल सकता है और जानवरों को भी पीने के लिए सुविधा रहेगी। राजेन्द्र दुबे ने बताया कि तालाब का पानी सूखने से मिट्टी निकल आई है ऐसे मे जानवरों को पीने का पानी नहीं मिल पा रहा है। तालाब में पानी पीने जा रहे जानवर दलदल में फंस रहे हैं। किसान गुलशन कपूर ने बताया कि मदन सागर तालाब से लगभग एक हजार हैक्टेयर की सिंचाई होती है। जिसमें तीन नहरें निकली हुई हैं, अगर तालाब का गहरीकरण हो जाता है तो तालाब की पानी की क्षमता बढ़ने से किसानों को खेतों के लिए पानी की समस्या नहीं रहेगी। अभी दो वर्षों में अधिकांश किसान पानी न मिलने से खेतों में रबी की बोनी नहीं कर पाए।

समस्या

हर साल करोड़ों का आता है बजट, अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों में बंदरबांट होने से नहीं हो पाता गहरीकरण

जतारा। मदन सागर तालाब का घटा जलस्तर।

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