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मलेरिया, वायरल और संक्रमण से पीड़ित मरीजों की बढ़ रही संख्या

तेज गर्मी के कारण अलग-अलग तरह के बुखारों ने लोगों को अपनी गिरफ्त में लेना शुरू कर दिया है। स्वास्थ्य विभाग ने...

Dainik Bhaskar

May 11, 2018, 02:50 AM IST
मलेरिया, वायरल और संक्रमण से पीड़ित मरीजों की बढ़ रही संख्या
तेज गर्मी के कारण अलग-अलग तरह के बुखारों ने लोगों को अपनी गिरफ्त में लेना शुरू कर दिया है। स्वास्थ्य विभाग ने मलेरिया वायरल बुखार को लेकर लोगों को हिदायत दी है कि लाेग सावधानी बरतें। मच्छर जनित रोगों और वायरल बुखार को लेकर हॉस्पिटलों में हालात यह है कि आेपीडी में अाने वाले मरीजों में 70 फीसदी से अधिक इन्ही मामलों में संक्रमणों से संबंधित सामने आ रहे है।

इन इंफेक्शन के लायक वातावरण अनुकूल होने पर अब ज्यादा सचेत रहने की विशेषज्ञ सलाह दे रहे हैं। अस्पतालों में हर दिन करीब 100 से अधिक मरीज बुखार की समस्या लेकर आ रहे हैं। जो हाल जिले के सरकारी अस्पताल का है ऐसे ही कुछ हालात शहर की निजी अस्पतालों के भी है।

100 जांच में 5 को मलेरिया : निजी पैथालॉजी में यदि 100 टेस्ट किए जा रहे हं,ै तो कम से कम 3 जांचों में मलेरिया सामने आ रहा है। बाकि के मामले वायरल बुखार के होते हंै। इस वायरल बुखार में सामान्य सर्दी-जुकाम के साथ तीसरे स्तर का एचवन-एनवन फ्लू का वायरस भी हो सकता है। जो शरीर को पांच से सात दिनों तक तकलीफ देकर या फिर शरीर में प्रभाव छोड़कर अनजाने में बेहतर डाइट के प्रभाव और इलाज में निकल गया हो। 100 मामलों में 3 मामलों में मलेरिया को ज्यादा ही माना जाएगा, क्योंकि अधिकांश मामलों में यह सीधे मौत का कारण भी बन जाता है।

इन टेस्टों में भी सामने नहीं आता : मलेरिया पैरासाइट की जांच करने के लिए दो प्रकार के टेस्ट किए जाते हैं। पहली जांच में स्लाइड टेस्ट ब्लड के दो ड्राप लेकर फेरीफेरल इस्मीयर टेस्ट यानी माइक्रोस्कोप में बारीकी से इसके परजीवी को देखा जाता है। ज्यादा यह टेस्ट इन दिनों नेगेटिव आता है, लेकिन शरीर में संक्रमण होता है। इसी तरह दूसरा कार्ड टेस्ट जिसमें परजीवी एकदम से खुले रूप में पता किया जाता है, लेकिन इसमें भी इन दिनों कई मामलों में सफलता नहीं मिलती है।

14वें दिन संक्रमण

आम आदमी को यह जानना जरूरी है कि मच्छर यदि शरीर में हमला करता है तो उसका संक्रमण कितने िदन में सामने आकर ठंड देकर बुखार आता है। विशेषज्ञों के अनुसार यदि किसी भी संक्रमण को फैलाने वाले मादा मच्छर ने आज यदि आपको काटा है तो 14 दिन संभव है कि आपको वायवेक्स, फैल्सीफेरम मलेरिया में ठंड देकर बुखार आए। यहां तक भी संभव है कि 40 दिन बाद भी अापको संक्रमण सामने आ सकता है।

भास्कर संवाददाता| जतारा

तेज गर्मी के कारण अलग-अलग तरह के बुखारों ने लोगों को अपनी गिरफ्त में लेना शुरू कर दिया है। स्वास्थ्य विभाग ने मलेरिया वायरल बुखार को लेकर लोगों को हिदायत दी है कि लाेग सावधानी बरतें। मच्छर जनित रोगों और वायरल बुखार को लेकर हॉस्पिटलों में हालात यह है कि आेपीडी में अाने वाले मरीजों में 70 फीसदी से अधिक इन्ही मामलों में संक्रमणों से संबंधित सामने आ रहे है।

इन इंफेक्शन के लायक वातावरण अनुकूल होने पर अब ज्यादा सचेत रहने की विशेषज्ञ सलाह दे रहे हैं। अस्पतालों में हर दिन करीब 100 से अधिक मरीज बुखार की समस्या लेकर आ रहे हैं। जो हाल जिले के सरकारी अस्पताल का है ऐसे ही कुछ हालात शहर की निजी अस्पतालों के भी है।

100 जांच में 5 को मलेरिया : निजी पैथालॉजी में यदि 100 टेस्ट किए जा रहे हं,ै तो कम से कम 3 जांचों में मलेरिया सामने आ रहा है। बाकि के मामले वायरल बुखार के होते हंै। इस वायरल बुखार में सामान्य सर्दी-जुकाम के साथ तीसरे स्तर का एचवन-एनवन फ्लू का वायरस भी हो सकता है। जो शरीर को पांच से सात दिनों तक तकलीफ देकर या फिर शरीर में प्रभाव छोड़कर अनजाने में बेहतर डाइट के प्रभाव और इलाज में निकल गया हो। 100 मामलों में 3 मामलों में मलेरिया को ज्यादा ही माना जाएगा, क्योंकि अधिकांश मामलों में यह सीधे मौत का कारण भी बन जाता है।

इन टेस्टों में भी सामने नहीं आता : मलेरिया पैरासाइट की जांच करने के लिए दो प्रकार के टेस्ट किए जाते हैं। पहली जांच में स्लाइड टेस्ट ब्लड के दो ड्राप लेकर फेरीफेरल इस्मीयर टेस्ट यानी माइक्रोस्कोप में बारीकी से इसके परजीवी को देखा जाता है। ज्यादा यह टेस्ट इन दिनों नेगेटिव आता है, लेकिन शरीर में संक्रमण होता है। इसी तरह दूसरा कार्ड टेस्ट जिसमें परजीवी एकदम से खुले रूप में पता किया जाता है, लेकिन इसमें भी इन दिनों कई मामलों में सफलता नहीं मिलती है।

कुछ इस तरह की अाती है परेशानी








भास्कर संवाददाता| जतारा

तेज गर्मी के कारण अलग-अलग तरह के बुखारों ने लोगों को अपनी गिरफ्त में लेना शुरू कर दिया है। स्वास्थ्य विभाग ने मलेरिया वायरल बुखार को लेकर लोगों को हिदायत दी है कि लाेग सावधानी बरतें। मच्छर जनित रोगों और वायरल बुखार को लेकर हॉस्पिटलों में हालात यह है कि आेपीडी में अाने वाले मरीजों में 70 फीसदी से अधिक इन्ही मामलों में संक्रमणों से संबंधित सामने आ रहे है।

इन इंफेक्शन के लायक वातावरण अनुकूल होने पर अब ज्यादा सचेत रहने की विशेषज्ञ सलाह दे रहे हैं। अस्पतालों में हर दिन करीब 100 से अधिक मरीज बुखार की समस्या लेकर आ रहे हैं। जो हाल जिले के सरकारी अस्पताल का है ऐसे ही कुछ हालात शहर की निजी अस्पतालों के भी है।

100 जांच में 5 को मलेरिया : निजी पैथालॉजी में यदि 100 टेस्ट किए जा रहे हं,ै तो कम से कम 3 जांचों में मलेरिया सामने आ रहा है। बाकि के मामले वायरल बुखार के होते हंै। इस वायरल बुखार में सामान्य सर्दी-जुकाम के साथ तीसरे स्तर का एचवन-एनवन फ्लू का वायरस भी हो सकता है। जो शरीर को पांच से सात दिनों तक तकलीफ देकर या फिर शरीर में प्रभाव छोड़कर अनजाने में बेहतर डाइट के प्रभाव और इलाज में निकल गया हो। 100 मामलों में 3 मामलों में मलेरिया को ज्यादा ही माना जाएगा, क्योंकि अधिकांश मामलों में यह सीधे मौत का कारण भी बन जाता है।

इन टेस्टों में भी सामने नहीं आता : मलेरिया पैरासाइट की जांच करने के लिए दो प्रकार के टेस्ट किए जाते हैं। पहली जांच में स्लाइड टेस्ट ब्लड के दो ड्राप लेकर फेरीफेरल इस्मीयर टेस्ट यानी माइक्रोस्कोप में बारीकी से इसके परजीवी को देखा जाता है। ज्यादा यह टेस्ट इन दिनों नेगेटिव आता है, लेकिन शरीर में संक्रमण होता है। इसी तरह दूसरा कार्ड टेस्ट जिसमें परजीवी एकदम से खुले रूप में पता किया जाता है, लेकिन इसमें भी इन दिनों कई मामलों में सफलता नहीं मिलती है।

स्वच्छ भारत अभियान के तहत बच्चों ने सीखे स्वच्छ रहने के गुण

छतरपुर|स्वच्छ भारत ग्रीष्मकालीन इंटर्नशिप कार्यक्रम के अंतर्गत चलाए जा रहे अभियान में बच्चों ने बढ़-चढ़ कर भाग लिया। नेहरू युवा केंद्र ब्लॉक छतरपुर के स्वयं सेवक अनुभव जैन ने बच्चों को स्वच्छ रहने के गुण सिखाए और बच्चों को स्वच्छता के प्रीति जागरूक रहना सिखाया। अपने केंद्र के बारे में जानकारी देते हुए बच्चों से इस अभियान में जुड़ने को कहा तथा स्वच्छता क्यों जरूरी है इसके बारे में भी बच्चों को जागरूक किया। कार्यक्रम के दौरान आरजी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय ग्राम केडी के प्राचार्य रामरतन कुशवाहा ने भी बच्चों को स्वच्छता के बारे में बताया। उन्होंने महात्मा गांधी के सपने स्वच्छ भारत स्वस्थ भारत के बारे में बच्चों को अवगत कराया। कार्यक्रम का संचालन नेहरू युवा केंद्र के लखन लाल अहिरवार ने किया। कार्यक्रम में पूर्व स्वयं सेवक अनेकांत जैन व देवेन्द्र कुमार विशेष रूप से उपस्थित रहे।

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