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गर्मी और सूखे के बीच ग्रामीणों का संघर्ष

रस्सी के सहारे कुएं में उतरता युवक। रवि ताम्रकार | टीकमगढ़ जतारा ब्लॉक की दरगांय पंचायत के कोड़िया गांव में पानी...

Danik Bhaskar | May 12, 2018, 02:55 AM IST
रस्सी के सहारे कुएं में उतरता युवक।

रवि ताम्रकार | टीकमगढ़

जतारा ब्लॉक की दरगांय पंचायत के कोड़िया गांव में पानी का भीषण संकट गहरा गया है। करीब ग्यारह सौ आबादी वाले इस गांव में चार हैंडपंप और चार कुएं हैं। गांव के जलस्त्रोत पूरी तरह सूख चुके हैं।

लोगों को बूंद-बूंद पानी के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। आदिवासी मजरा टोला में पानी के हालात इतने खराब हैं कि लोगों को अपनी प्यास बुझाने के लिए अपनी जान जोखिम में डालना पड़ रही है। रस्सी के सहारे करीब 50 फीट गहरे सूखे कुएं में उतरकर एक छोर पर बने गड्ढे को खोद.खोदकर निकालना मजबूरी बन गई है। यहां से निकले गंदे लाल मटमैले पानी का इस्तेमाल लोग खाना बनाने से लेकर पीने तक में कर रहे है। और इसके लिए लोग दिन में करीब तीन बार कुएं में उतरते है। जब कहीं बमुश्किल उनकी पानी की पूर्ति हो पाती है। इसके लिए उन्हें पूरे दिन कुएं की पाट पर बैठकर कुएं के अंदर बने गड्ढे में पानी आने का इंतजार करना पड़ता है।

पोखर में निकलता है गंदा पानी, जिसे पीकर बुझा रहे प्यास

फैक्ट फाइल

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पेयजल कूप सूखे पड़े

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हैंडपंप स्थापित सूखे पड़े

1100 आबादी

650

मतदाता संख्या

बुंदेलखंड क्षेत्र के टीकमगढ़ जिले में गर्मी अपने पूरे शबाब पर है और हालात इतने भयावह हो गए हंै कि लोगों को पानी के लिए तमाम प्रकार के जतन करने पड़ रहे हैं। कोड़िया गांव के आदिवासी मजरा टोला की आबादी 11 सौ के लगभग है। यहां 650 मतदाताओं की संख्या दर्ज है। गांव की जामनी बाई ने बताया कि यहां के लोग अपना पूरा दिन पानी की जुगत में बिता देते है। कुएं के पोखर में भरे गंदे पानी को पीकर प्यास बुझा रहे है। वहीं प्रशासन ने इस गांव की सुध तक नहीं ली।