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रेत के अवैध कारोबार का गोरखधंधा जोरों पर, नायब तहसीलदार ने हाइवे पर पकड़े चार डंपर

क्षेत्र में रेत के अवैध कारोबार का गोरखधंधा जोरों पर चल रहा है। नायब तहसीलदार ने मंगलवार सुबह करीब 7 बजे से हाइवे पर...

Danik Bhaskar | May 09, 2018, 03:20 AM IST
क्षेत्र में रेत के अवैध कारोबार का गोरखधंधा जोरों पर चल रहा है। नायब तहसीलदार ने मंगलवार सुबह करीब 7 बजे से हाइवे पर पहुंचकर रेत से भरे चार डंपर पकड़े। उन्हें लंबे समय से रेत के अवैध कारोबार की सूचना मिल रही थी। रेत माफिया रोजाना हजारों घनमीटर रेत का परिवहन कर रहे हैं।

नायब तहसीलदार सारिका रावत, आर आर बंशकार तथा बी एन चढ़ार के नेतृत्व में गठित टीम सुबह झांसी खजुराहो हाइवे पर पहुंची। उन्होंने रेत से भरे डंपरों के निकलते ही उनको रोक लिया। जिनमें यूपी 93 बीटी 4979 महेश यादव तिलेथा, यूपी 93 टी 8773, यूपी 93 टी 9014 राजेश साहू चिरगांव, यूपी 93 टी 0650 राघवराम दीक्षित पालर झांसी के शामिल थे।

सभी डंपर ओवर लोड थे। संबंधित व्यक्ति दस्तावेज मांगने पर नहीं दिखा सके। जिससे चारों डंपरों को पुलिस के सुपुर्द कर दिया तथा उनके विरूद्ध वैधानिक कार्रवाई की गई है। क्षेत्र में रेत माफिया सरकारी आदेश का खुलेआम मखौल उड़ा रहे हैं। उन्होंने रेत के दाम इतने बढ़ा दिए कि वह गरीबों की पहुंच से लगभग बाहर ही हो गई। अब राज्य सरकार ने रेत के अवैध उत्खनन पर पाबंदी लगा दी, फिर भी माफियाओं का कारोबार तेजी से फलफूल चल रहा है। पलेरा, ओरछा, जतारा क्षेत्र में दिनदहाड़े नदियों से रेत निकालने का गोरखधंधा चल रहा है। प्रशासन की कार्रवाई भी दिखावे भर की होती है।

निवाड़ी में रेत का अवैध परिवहन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करते अधिकारी।

रात में रेत का कारोबार चरम पर

जिले में निवाड़ी, पलेरा और जतारा में सबसे अधिक रेत खदान हैं। अंधेरा होते ही रेत डंप द्वारा परिवहन किया जाता है। रेत माफिया और ठेकेदार द्वारा रेत का अवैध कारोबार किया जा रहा है। यदि अधिकारियों द्वारा कार्रवाई भी की जाती है तो संबंधित डंप का पिट पास जारी कर दिया जाता है। पलेरा और जतारा डंप पर लगातार परिवहन के बाद भी रेत कम नहीं हो रही है। ठेकेदार द्वारा सीधे खदान से रेत का परिवहन किया जा रहा है। रेत माफिया बराबर धंधा चमकाने में जुटे हुए हैं। अंधेरा होते ही रेत माफिया सक्रिय हो जाते हैं। शहर में प्रतिदिन एक दर्जन से अधिक डंपर रेत का परिवहन किया जा रहा है।

भास्कर संवाददाता | निवाड़ी

क्षेत्र में रेत के अवैध कारोबार का गोरखधंधा जोरों पर चल रहा है। नायब तहसीलदार ने मंगलवार सुबह करीब 7 बजे से हाइवे पर पहुंचकर रेत से भरे चार डंपर पकड़े। उन्हें लंबे समय से रेत के अवैध कारोबार की सूचना मिल रही थी। रेत माफिया रोजाना हजारों घनमीटर रेत का परिवहन कर रहे हैं।

नायब तहसीलदार सारिका रावत, आर आर बंशकार तथा बी एन चढ़ार के नेतृत्व में गठित टीम सुबह झांसी खजुराहो हाइवे पर पहुंची। उन्होंने रेत से भरे डंपरों के निकलते ही उनको रोक लिया। जिनमें यूपी 93 बीटी 4979 महेश यादव तिलेथा, यूपी 93 टी 8773, यूपी 93 टी 9014 राजेश साहू चिरगांव, यूपी 93 टी 0650 राघवराम दीक्षित पालर झांसी के शामिल थे।

सभी डंपर ओवर लोड थे। संबंधित व्यक्ति दस्तावेज मांगने पर नहीं दिखा सके। जिससे चारों डंपरों को पुलिस के सुपुर्द कर दिया तथा उनके विरूद्ध वैधानिक कार्रवाई की गई है। क्षेत्र में रेत माफिया सरकारी आदेश का खुलेआम मखौल उड़ा रहे हैं। उन्होंने रेत के दाम इतने बढ़ा दिए कि वह गरीबों की पहुंच से लगभग बाहर ही हो गई। अब राज्य सरकार ने रेत के अवैध उत्खनन पर पाबंदी लगा दी, फिर भी माफियाओं का कारोबार तेजी से फलफूल चल रहा है। पलेरा, ओरछा, जतारा क्षेत्र में दिनदहाड़े नदियों से रेत निकालने का गोरखधंधा चल रहा है। प्रशासन की कार्रवाई भी दिखावे भर की होती है।

रजपुरा में हो चुकी है

बड़ी कार्रवाई

रजपुरा स्थित बेतवा नदी में पनडुब्बी से अवैध रेत का कारोबार किए जाने की शिकायत मिलने पर राजस्व तथा पुलिस विभाग ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की थी। रात्रि होने के कारण अधिकारियों को आरोपी तो नहीं मिला था, लेकिन पुलिस ने पनडुब्बी जरूर जब्त कर ली थी। रजपुरा गांव से निकली बेतवा नदी में अवैध रूप से पनडुब्बी लगाकर नदी का सीना छलनी कर रेत निकाली जा रही है। ठेकेदार रेत को झांसी और बबीना में बेच रहे हैं।

जतारा में भी रेत

माफिया सक्रिय

जतारा क्षेत्र में भी रेत का कारोबार जोरों पर चल रहा है। चंदेरा के आसपास जेसीबी मशीनों से रेत निकालने का सिलसिला लंबे समय से चल रहा है। कुछ समय पहले जतारा के एसडीएम आदित्य राज सिंह ने देवराहा एवं पलेरा के बूडोर में छापा मारा था। यहां 20 ट्रैक्टरों सहित 500 ट्राली रेत जब्त की गई थी। इतनी बड़ी कार्रवाई के बाद भी रेत माफिया लगातार सक्रिय हैं।