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अतिक्रमण की चपेट में आने से दो एकड़ का तालाब सिर्फ आधा एकड़ में सिमटा

जनपद क्षेत्र के तालाबों की स्थिति खराब है। अधिकांश तालाब अतिक्रमण की चपेट में हैं जिससे तालाबों का रकवा धीरे-धीरे...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 12, 2018, 04:40 AM IST

अतिक्रमण की चपेट में आने से दो एकड़ का तालाब सिर्फ आधा एकड़ में सिमटा
जनपद क्षेत्र के तालाबों की स्थिति खराब है। अधिकांश तालाब अतिक्रमण की चपेट में हैं जिससे तालाबों का रकवा धीरे-धीरे सिमटता जा रहा है।

ग्राम पंचायत बिलानी में गांव के बीचों बीच बना सार्वजनिक तालाब पर चारों ओर से अतिक्रमण हो गया है। जिससे 2 एकड़ का तालाब धीरे-धीरे आधा एकड़ में सिमटकर रह गया है। पहले लोगों ने तालाब के बांध पर अतिक्रमण किया। इसके बाद जैसे-जैसे गर्मियों में तालाब का पानी कम हुआ तो तालाब के अंदर ही कच्ची झोपड़ी बनाईं, इसके बाद रातों रात पक्के मकान खड़े कर लिए गए।

हैरानी की बात तो यह है कि ग्रामीणों ने पटवारी, आरआई व तहसीलदार से भी शिकायतें की लेकिन अधिकारियों की अनदेखी के चलते धीरे-धीरे अन्य लोगों ने भी तालाब पर अतिक्रमण कर लिया। अब स्थिति यह है कि यह तालाब आधा भी नहीं बचा है। गौरतलब है कि शासन-प्रशासन द्वारा तालाबों के संरक्षण के लिए हर साल लाखों रुपए खर्च करती है, लेकिन ग्रामीण अंचलों में तालाबों की ओर किसी का ध्यान नहीं हैं। यही कारण है कि तालाबों का अस्तित्व समाप्त होता जा रहा है। बुजुर्ग रामलाल प्रजापति, सुरेश पटेल ने बताया कि पहले तालाब इसी लिए बनाए जाते थे कि उसमें पूरे गांव के लोग निस्तार कर चुके हैं। साथ्र ही तालाबों में पानी रहने से आसपास के कुएं हैंडपंपों में भी भूजलस्तर स्तर साल भर रहता था, लेकिन अब तालाबों की दुर्दशा के कारण अब तालाब गर्मी के पहले ही सूख जाते हैं। जिससे आसपास के कुएं व हैंडपंपों में भी पानी नहीं रहता।

ग्राम बिलानी का तालाब के चारों ओर अतिक्रमण होने के कारण तालाब सिकुड़ता जा रहा है।

कूड़ा कचरा डालते हैं लोग

ग्रामीण विजयसिंह, राकेश पटेल ने बताया कि पहले इस तालाब में पूरे गांव के लोग निस्तार करते थे, लेकिन धीरे-धीरे तालाब में चारों ओर से मकान बन गए। इसके बाद तालाब में आसपास के लोगों ने कचरा डालना शुरू कर दिया। जिसके कारण धीरे-धीरे इस तालाब का पुराव होता जा रहा है। बारिश में तालाब में पानी भरता है तो आसपास के मकानों की दीवारें तीन से चार फीट तक डूबी रहती हैं। दूसरी ओर कचरा डाले जाने के कारण पूरे तालाब का पानी भी गंदा रहता है।



दिखवाते हैं

ग्राम पंचायत के सरपंच व सचिव से तालाब के संबंध में चर्चा करते हैं। साथ ही राजस्व विभाग से पता करते हैं कि तालाब कितने क्षेत्र में था, यदि अतिक्रमण हो गए हैं तो इन्हें हटाने के प्रयास किए जाएंगे। - अवधेश सिंह, जनपद सीईओ

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