सागर

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मरीजों को 10 बजे तक करना पड़ता है डॉक्टरों का इंतजार

नगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में अस्पताल प्रबंधन व डॉक्टरों की मनमानी के कारण मरीजों को खासी परेशानियों से...

Dainik Bhaskar

May 18, 2018, 05:45 AM IST
मरीजों को 10 बजे तक करना पड़ता है डॉक्टरों का इंतजार
नगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में अस्पताल प्रबंधन व डॉक्टरों की मनमानी के कारण मरीजों को खासी परेशानियों से जूझना पड़ रहा है। शासन द्वारा सुबह 8 बजे ओपीडी खुलने का समय निर्धारित किया गया है, लेकिन यहां पर सुबह 10 बजे तक ओपीडी नहीं खुलती है। जिससे मरीजों को दो से ढाई घंटे तक अस्पताल के बाहर ही डॉक्टरों व कर्मचारियों का इंतजार करना पड़ता है।

दरअसल यहां पदस्थ डॉक्टर व अन्य कर्मचारी दमोह व सागर में निवास करते हैं। जो रोजाना अपडाउन करते हैं। ऐसी स्थिति में कभी भी अस्पताल समय पर नहीं खुलता। चाहे गर्मी का मौसम हो या ठंड का हर मौसम में अस्पताल सुबह 10 बजे के बाद ही खुलता है। गुरूवार की सुबह साढ़े 9 बजे अस्पताल का जायजा लिया तो अस्पताल के मुख्य गेट पर आधा दर्जन मरीज बैठे हुए थे।

एक मरीज पेट दर्द के कारण जमीन पर ही लेटा हुआ कराह रहा था। जब मरीजों से पूछा कि आप लोग यहां क्यों बैठे हो तो मरीजों ने कहा कि अभी ओपीडी नहीं खुली है। सुबह 10 बजे तक खुले। एक घंटे से डॉक्टरों का इंतजार कर रहे हैं लेकिन स्टॉफ नर्स ने बताया कि डॉक्टर 10 बजे तक ही आएंगे। इसलिए आप लोग इंतजार करें। इसीलिए हम लोग बाहर बैठे हैं। सतपारा निवासी रूपदयाल, प्रभुदयाल पटेल ने बताया कि यहां पर हमेशा यही हाल है। पूरा अस्पताल मनमर्जी से संचालित हो रहा है। डॉक्टरों कभी भी समय पर नहीं आते हैं। शासन-प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारी भी कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। गौरतलब है कि इस समय भीषण गर्मी के कारण उल्टी, दस्त, पेट दर्द, बुखार, सिरदर्द के मरीजों की संख्या बढ़ने के कारण सुबह से ही अस्पताल में लोग पहुंच रहे हैं। यहां पर आसपास के 50 से अधिक गांव के मरीज इलाज कराने आते हैं, फिर भी मरीजों को किसी भी तरह की सुविधाएं नहीं मिल रहीं हंैं।

चारों ओर लगे कचरे के ढेर: अस्पताल प्रबंधन द्वारा सफाई व्यवस्था पर भी कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। अस्पताल से निकलने वाला कचरा अस्पतालों के चारों ओर फेंक दिया जाता है। जिससे जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हुए हैं। कभी-कभार नगर परिषद का वाहन आकर कचरा ले जाता है, लेकिन अस्पताल का ठेकेदार कभी भी यहां की सफाई करने नहीं अाता। जिससे बदबू के कारण मरीज परेशान रहते हैं। नियमानुसार अस्पताल का कचरा खुले में नहीं फेंका जाना चाहिए, लेकिन यहां पर शासन-प्रशासन के नियमों की किसी को परवाह नहीं है।

की जाएगी जांच


पथरिया। सुबह साढ़े 9 बजे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों का इंतजार करते मरीज। इनसेट में दवाइयों व कचरा के परिसर में ही जलाया जा रहा है।

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