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आवास की दूसरी किश्त न मिलने से अधूरे पड़े घर, झोपड़ी में रह रहे घुमक्कड़ जाति के लोग

Sagar News - केन्द्र सरकार घुमक्कड़ जाति के लोगों को लाभ देने के सैकड़ों योजनाओं को संचालित कर लाभ देने की बात कह रही है। वहीं...

Dainik Bhaskar

May 17, 2018, 04:50 AM IST
आवास की दूसरी किश्त न मिलने से अधूरे पड़े घर, झोपड़ी में रह रहे घुमक्कड़ जाति के लोग
केन्द्र सरकार घुमक्कड़ जाति के लोगों को लाभ देने के सैकड़ों योजनाओं को संचालित कर लाभ देने की बात कह रही है। वहीं दूसरी ओर सरकार की योजनाओं की पोल रहे हैं क्षेत्र में अधूरे डले मकान। आदिम जाति कल्याण विभाग के द्वारा विमुक्त घुमक्कड़ जनजाति के हितग्राहियों को आवास योजना का लाभ दिया गया। उन्हें पहली किश्त देकर विभाग दूसरी किश्त जारी करने को भूल गया। घुमक्कड़ जाति के लोगों को घुमक्कड़ की तरह ही परेशान किया जा रहा है। जनपद पंचायत के तहत आने वाली ग्राम पंचायत मड़िया के गतारा ग्राम में घुमक्कड़ जाति के लोग कच्चे आवास में निवास करते हैं। जिन्हें पिछले सत्र में आदिम जाति कल्याण विभाग के द्वारा आवास निर्माण के लिए 60 हजार रुपए स्वीकृत किए थे।

जिसकी पहली किश्त पिछले 8 माह पूर्व 20 हजार रुपए मिली थी। पहली किश्त मिलने से उनके द्वारा अपने कच्चे मकान को तोड़कर नींव भरकर मकान बनाने के लिए फाउंडेशन लेवल से 3 फुट ऊपर तक कार्य पूर्ण करा लिया गया है। मकान बनाने के लिए हितग्राहियों को दिए गए 20 हजार रुपए सिर्फ नींव भरने में ही खर्च हाे चुके हैं। इसके बाद से लोग दूसरी किस्त के लिए भटक रहे हैं। पिछले 6 माह से उन्हें कोई भी राशि प्राप्त नहीं हुई। घुमक्कड़ जाति के लोग बार- बार जनपद पंचायत के चक्कर काट रहे हैं। इस तपती गर्मी में हितग्राही रोज जनपद पंचायत पृथ्वीपुर तक आते है, समस्या का समाधान न होने से निराश वापस लौट जाते हैं। उन्हें शासन से कोई राशि प्राप्त नहीं हो रही है।

पृथ्वीपुर। घुमक्कड़ जनजाति के लोगों बरसाती की झोपड़ी बनाकर रहने को मजबूर।

पृथ्वीपुर। घुमक्कड़ जनजाति के लोगों के अधूरे डले आवास।

अब तक नहीं आया बजट


14 हितग्राही 6 माह से राशि के लिए परेशान

हितग्राही सुधा लोगडिया, पदमा लोगडिया, लक्ष्मी लोगडिया सहित करीब 14 हितग्राहियों ने बताया गया है कि हम पिछले 6 माह से राशि के लिए परेशान हो रहे हैं। हम सरकारी योजनाओं में कुछ नहीं जानते है। इसलिए हमारी कोई सुनने वाला नहीं है। उन्होंने बताया कि हम लोग इस भीषण गर्मी में अपना पहले बना घर भी मिटा चुके हैं और अब रहने के लिए कोई ठिकाना नहीं है। जहां दिन में एक ओर बहुत तेज धूप और लपट लगती है वहीं रात में आंधी और पानी की परेशानी से जूझना पड़ता है। सभी लोग निर्माण हो रहे आवास के पास में पन्नी की झोपड़ी डालकर बसेरा कर रहे हैं।

पेड़ के नीचे रहने मजबूर

हितग्राहियों का कहना है कि जब भी जनपद जाते हैं तो उनके द्वारा बताया जाता है कि अभी बजट प्राप्त नहीं हुआ है। बजट प्राप्त होने पर दूसरी किश्त जारी की जाएगी। प्रायः देखा भी जा रहा है कि ये लोग कहीं खाली पड़ी सरकारी बिल्डिंग या पेड के नीचे रहने को मजबूर हो रहे है, लेकिन विभाग के द्वारा कोई राशि नहीं दी जा रही है। अगर समय रहते इन हितग्राहियो को जल्दी राशि जारी नहीं की गई तो आने वाले बारिश के मौसम में परेशानी होगी।

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