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दूर होगा स्कूलों से जलसंकट, खुदेंगे हैंडपंप, नलजल योजना से भी पहुंचेगा पानी

जलसंकट से जूझ रहे सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए अच्छी खबर है। ग्रीष्मकालीन अवकाश खत्म होने के बाद जब 15...

Dainik Bhaskar

May 10, 2018, 04:00 AM IST
दूर होगा स्कूलों से जलसंकट, खुदेंगे हैंडपंप, नलजल योजना से भी पहुंचेगा पानी
जलसंकट से जूझ रहे सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए अच्छी खबर है। ग्रीष्मकालीन अवकाश खत्म होने के बाद जब 15 जून से स्कूल शुरू हाेंगे, तो स्कूल परिसर में उन्हें पीने का पानी आसानी से उपलब्ध होगा। इसके लिए स्कूल शिक्षा विभाग ने राशि स्वीकृति का आदेश जारी कर दिया है। गौरतलब है कि जिले के एक हजार स्कूलों में विद्यार्थी अप्रैल माह में पीने के पानी के लिए तरसे थे। भास्कर ने 14 अप्रैल के अंक में इसे प्रमुखता से उजागर किया था।

जानकारी के मुताबिक जिले के 170 स्कूल ऐसे हैं, जहां पानी की व्यवस्था ही नहीं है। यहां पर नलजल योजना या फिर हैंडपंप लगाकर पीने के पानी की व्यवस्था कराने के लिए 40.82 लाख रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है। जारी आदेश में भी यह कहा गया है कि स्कूल परिसर में यदि पहले से ही पेयजल का स्त्रोत उपलब्ध है तो वहां हैंडपंप खनन नहीं किया जाए। नलजल या हैंडपंप के खनन एवं स्थापन में स्वीकृत राशि से अधिक की वृद्धि नहीं की जा सकेगी। यदि कहीं पेयजल की व्यवस्था करा देने के बाद राशि बचती है तो उसका उपयोग दूसरी ऐसी स्कूलों में किया जाएगा, जहां जलसंकट है। जिला स्तर पर अलग से ड्रिंकिंग वाटर योजना के दस्तावेजों का संधारण किया जाएगा। इस काम के लिए एजुकेशन पोर्टल पर राज्य मद के तहत शालावार पंजीयन कराने के निर्देश भी दिए गए हैं। डीईओ संतोष शर्मा ने बताया कि प्रशासकीय स्वीकृति के मुताबिक जरूरतमंद स्कूलों में पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित कराने का काम किया जाएगा।

भास्कर ने 14 अप्रैल के अंक में इसे प्रमुखता से उजागर किया था।

एक ही परिसर वाली प्राइमरी और मिडिल

स्कूलों के चयन को प्राथमिकता

राज्य शिक्षा केंद्र भोपाल के संचालक लोकेश कुमार जाटव ने कलेक्टर के नाम पत्र जारी कर बताया है कि किन शर्तों के तहत स्कूल में पेयजल की व्यवस्था की जाएगी। जिला स्तर पर पेयजल के स्थाई स्त्रोत विहीन एक परिसर वाली शालाएं जिनमें प्राइमरी और मिडिल स्कूल शामिल हैं। या फिर शाला सिद्धि कार्यक्रम के तहत चिन्हित स्कूलों में एक स्थाई स्त्रोत उपलब्ध कराने के लिए एक स्कूल का चयन प्राथमिकता से करें।

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