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पत्नी से पिटने वाले पतियों के मामले में सागर प्रदेश में 14 वें नंबर पर

प|ी से पिटने वाले पतियों के मामले में सागर प्रदेश में 14 वें नंबर पर भास्कर संवाददाता | सागर यूं तो घर में प|ी से...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 10, 2018, 04:05 AM IST

प|ी से पिटने वाले पतियों के मामले में सागर प्रदेश में 14 वें नंबर पर

भास्कर संवाददाता | सागर

यूं तो घर में प|ी से मारपीट की शिकायतें आम हो चली हैं, लेकिन पति को पीटने वाली महिलाएं भी कम नहीं हैं। सागर में औसतन हर महीने 4 पतियों की घर में पिटाई हो जाती है। इस मामले में प्रदेश में इंदौर पहले पायदान पर है, जहां से सबसे ज्यादा पतियों के साथ मारपीट की शिकायतें सामने आई हैं। सागर में जनवरी से अप्रैल महीने तक 17 पतियों की पिटाई हुई है।

दरअसल, ये आंकड़ा तब सामने आया, जब डायल 100 की टीम ने बीटिंग हस्बैंड इवेंट की एक नई कैटेगरी तैयार की। अब तक ये आंकड़े डोमेस्टिक वायलेंस कैटेगरी में शामिल किए जाते थे। इससे धारणा ये बनती थी कि घरेलू हिंसा केवल महिलाओं के साथ ही होती है। दिसंबर महीने में बीटिंग हस्बैंड इवेंट और बीटिंग वाइफ इवेंट की कैटेगरी को डोमेस्टिक वायलेंस से अलग किया गया। नतीजा ये रहा कि जनवरी 2018 से अप्रैल 2018 तक डायल 100 के स्टेट लेवल कंट्रोल रूम में 772 पति घर में अपनी पिटाई की शिकायत दर्ज करवा चुके हैं। इनमें सबसे ज्यादा इंदौर के पति हैं, जिनकी संख्या 74 है, जबकि दूसरे नंबर पर भोपाल के 52 पतियों ने यहां फोन कर अपनी परेशानी बताई है। सागर इस तालिका में 14 वें पायदान पर है, जहां चार माह में 17 पतियों की पिटाई हुई है।

जनवरी से अप्रैल माह तक शहर में हुई 17 पतियों की पिटाई यानी हर माह होती है चार पतियों की पिटाई, इंदौर इस मामले में नंबर 1

4 महीने में मध्यप्रदेश में प|ी से मारपीट की 22 हजार शिकायतें

इस कंट्रोल रूम में इन चार महीनों में प|ी से मारपीट की 22 हजार शिकायतें दर्ज हुई हैं। इस कैटेगरी में भी इंदौर 2115 शिकायतों के साथ सबसे आगे है, जबकि 1546 शिकायतें राजधानी की महिलाओं ने दर्ज करवाई हैं। इसके बाद जबलपुर, ग्वालियर, सागर और छिंदवाड़ा की महिलाओं ने सबसे ज्यादा शिकायतें दर्ज करवाई हैं।

शिकायतें...291 कैटेगरी में दर्ज होती हैं, सबसे ज्यादा मारपीट की सूचना

डायल 100 के स्टेट लेवल कंट्रोल रूम में 291 अलग-अलग कैटेगरी में शिकायतें दर्ज की जाती हैं। चार महीने पहले तक 230 कैटेगरी थीं। डायल 100 पर सबसे ज्यादा मारपीट की सूचना दी जाती हैं। इसके अलावा पारिवारिक विवाद, दहेज प्रताडऩा, राह चलते छेड़छाड़, शराब पीकर हुड़दंग, सड़क हादसे, गुंडागर्दी, सार्वजनिक स्थान पर गाली गलौच, भूमि-भवन पर अतिक्रमण, चोरी, जुआ-सट्टा और झगड़े की संभावना की सूचनाएं भी यहां सबसे ज्यादा दी जाती हैं।

डायल 100... 28 हजार से ज्यादा महिलाएं फोन कर लेती हैं पुलिस की मदद

मध्यप्रदेश में डायल 100 की शुरुआत एक नवंबर 2015 को की गई। शुरूआती महीनों में पुलिस बुलाने वाली महिलाओं का आंकड़ा महज तीन हजार ही सिमट जाता था। हालांकि धीरे-धीरे ये ग्राफ बढ़ता चला गया और अब यहां 28 हजार से ज्यादा महिलाएं फोन कर पुलिस की मदद लेती हैं। इस कंट्रोल रूम में प्रदेशभर से रोजाना 25 हजार से ज्यादा कॉल आते हैं। इनमें महज छह हजार ही स्पॉट पर पहुंचने लायक होते हैं। बाकी या तो फेंक या ब्लैंक कॉल होते हैं।

पन्ना में सिर्फ तीन और दमोह में सात पतियों ने दर्ज कराई शिकायत

सागर के अलावा संभाग के अन्य जिलों के आंकड़ों पर नजर डाले तो सबसे कम चार माह में सिर्फ 3 पतियों की पिटाई के साथ पन्ना प्रदेश में 47 वें स्थान पर है, वहीं छतरपुर में अब तक 13, टीकमगढ़ में 10 और दमोह में 7 मामले सामने आए हैं।

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