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राजघाट: 15 दिन में 80 सेमी पानी घटेगा, मई से करना पड़ेगा लिफ्ट

राजघाट बांध में लगभग पिछले साल के बराबर पानी बचा है। तापमान बढ़ने के साथ ही पानी वाष्प बनकर अब तेजी से घटेगा। शहर को...

Danik Bhaskar | Apr 17, 2018, 04:35 AM IST
राजघाट बांध में लगभग पिछले साल के बराबर पानी बचा है। तापमान बढ़ने के साथ ही पानी वाष्प बनकर अब तेजी से घटेगा। शहर को सप्लाई होने पर अभी रोज 4 सेमी पानी घट रहा है। सेना को 20 सेमी पानी छोड़ा जाना है। अगले 15 दिन तक शहर को सप्लाई होने पर 60 सेमी पानी घटेगा। इस तरह मई की शुरुआत में ही पानी लिफ्ट करने की नौबत आ सकती है। नगर निगम ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है।

महापौर अभय दरे का कहना है कि पानी लिफ्ट करने के अलावा और कोई विकल्प नहीं है। वैसे पनडुब्बी पंप लगाकर पानी लिफ्ट करने की परमानेंट व्यवस्था करना भी उचित होगा। मानसून पूर्व की बारिश से बांध में पानी बढ़ जाए तो अलग बात है। उन्होंने कहा कि हम जल्द ही पानी सप्लाई के समय में कटौती करने जा रहे हैं। अभी पौन घंटा पानी सप्लाई होता है। इसमें 10-15 मिनट की कटौती हो सकती है।

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Á अभी राजघाट बांध का वाटर लेवल 509.96 मीटर है

Á वाटर लेवल 509 मीटर पर पहुंचते ही इंटकवेल तक पानी नहीं पहुंचता।

Á 515 व 512 मीटर पर दो चेंबर इंटकवेल में ही बने हुए हैं, जबकि 509 व 507 मीटर पर दो पाइप लाइन बांध से इंटकवेल तक बिछी हुई हैं।

Á सबसे नीचे 507 मीटर पर बिछी पाइप लाइन के चेंबर में पानी लिफ्ट कर डाला जाता है।

सेना को नहर से छोड़ रहे पानी, कई जगह अपव्यय

एग्रीमेंट के अनुसार राजघाट बांध का पानी सेना को छोड़ा जा रहा है। पिछले 4 दिनों से रोज 4 सेमी पानी छोड़ा जा रहा है। पानी नहर के जरिए चितौरा एनीकेट तक जाता है। बीच में किसान सिंचाई में भी पानी का उपयोग कर रहे हैं। इस तरह पानी छोड़े जाने से इसका अपव्यय ज्यादा है।

महापौर बोले-पार्षद व नेता देर तक कराते हैं सप्लाई

महापौर ने वॉल्वमेनों पर दबाव डालकर शहर के कुछ वार्डों में काफी देर तक पानी सप्लाई कराने का खुलासा किया है। उन्होंने कहा कि इसमें कुछ पार्षद, उनके परिजन व स्थानीय नेता शामिल हैं। वॉल्वमेनों पर डेढ़ घंटे सप्लाई चालू रखने के लिए दबाव बनाया जाता है। अब ऐसे वॉल्वमेनों पर कार्रवाई और उन्हें धमकाने वालों पर एफआईआर कराई जाएगी।

पीने का पानी बचाने हथियारबंद सैनिक कर रहे हैं मोटर बोट से पेट्रोलिंग

राजघाट डेम-चितौरा एनीकट के बीच सेना ने पानी की कड़ी चौकसी शुरू कर दी है। सिंचाई के लिए आसपास के गांव के लोग पानी चोरी नहीं करें, इसलिए सेना सशस्त्र जवानों से मोटर बोट से पूरे क्षेत्र में पेट्रोलिंग शुरू कर दी है। स्टेशन हेड क्वार्टर में पदस्थ एडम कमाडेंट कर्नल मुनीश गुप्ता का कहना है कि किसानों को बार-बार हमारी नहर में मोटर डालकर पानी खींचने से मना किया लेकिन वे नहीं मान रहे हैं।

सुरखी थाने में जब्त कराई चार मोटरें

सोमवार को खेतों से चार मोटर जब्त की गईं। राजघाट से चितौरा एनीकट पर एकत्र होने वाला पानी सेना के ढाना, हाॅक हिल और महार रेजीमेंट सेंटर में सप्लाई होता है। कर्नल के मुताबिक पानी की यह चौकीदारी 15 जून तक चलेगी।