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अंग व ह्रदय प्रत्यारोपण में भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है: डॉ. श्रीवास्तव

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन सागर द्वारा ह्रदय एवं शल्य चिकित्सा पर मकरोनिया स्थित एक निजी होटल में सेमीनार का आयोजन...

Danik Bhaskar | Apr 17, 2018, 04:35 AM IST
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन सागर द्वारा ह्रदय एवं शल्य चिकित्सा पर मकरोनिया स्थित एक निजी होटल में सेमीनार का आयोजन किया गया। जिसमें मेदांता अस्पताल डायरेक्टर और मप्र प्रसिद्ध ह्रदय एवं शल्य चिकित्सक डा. संदीप श्रीवास्तव ने इस विषय पर महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।

डाॅ. श्रीवास्तव ने बताया कि हमारे देश में लगभग 10% लोगों को ह्रदय रोग है। भारत वर्ष में ह्रदय रोगियों की संख्या कई छोटे पश्चिमी देशों के कुल जनसंख्या से ज्यादा है। एक अनुमान के अनुसार हर तीसरे आदमी को ह्रदय शल्य चिकित्सा की जरूरत पड़ती है।

अब बायपास सर्जरी काफी सुरक्षित हो गई है। इसके दूरगामी परिणाम बहुत अच्छे है। एडवांस तकनीक से की गई टोटल अरटेरिअल बाइपास सर्जरी और मिनीमली इनवेसिव सर्जरी से ना सिर्फ मरीज जल्दी स्वस्थ हो जाते है। बल्कि अब आपरेशन में खर्च भी कम होता है। ज्यादातर मरीज दो से तीन हफ्ते में अपनी जिम्मेदारियां फिर से निर्वाह कर सकते हैं। डाॅ. श्रीवास्तव ने बताया कि कुछ विशेष परिस्थितियों में हृ़दयाघात के बाद बिना समय गवाए तुरंत बाइपास ऑपरेशन करने से बहुत सी जाने बचाई जा सकती हैं। सेमीनार में ह्रदय से जुड़ी कई जटिल बीमारियां के बारे में विस्तार से चर्चा की गई।

श्रीवास्तव ने मप्र का पहला ह्रदय प्रत्यारोपण

पिछले वर्ष डाॅ. श्रीवास्तव ने मप्र का पहला ह्रदय प्रत्यारोपण करके एक कीर्तिमान रचा था। अंग-प्रत्यारोपण व ह्रदय प्रत्यारोपण में भारत बहुत तेजी से आगे बढ़ रहा है। अच्छी खबर यह है कि विश्व स्तरीय ह्रदय शल्य चिकित्सा अब मप्र में उपलब्ध है। राज्य सरकार भी गरीबों को इस विषय में कई योजनाओं के द्वारा आर्थिक सहायता प्रदान कर रही है। कार्यक्रम में डाॅ. बीके मिश्रा डाॅ. एनएस मौर्या डाॅ. संजोत महेश्वरी, डाॅ. आरडी ननोरेया, डाॅ. शैलेन्द्र वर्मा, डाॅ. एसके सिंह, डाॅ. प्रदीप चौहान, डाॅ. दिवाकर मिश्रा, डाॅ. राकेश जैन, डाॅ. रामानुज गुप्ता, डाॅ. आरएस गौर, डाॅ. अनुराग जैन, डाॅ. शैलेन्द्र यादव, डाॅ. पिंकेश गहलोद आदि उपस्थित थे।