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मिसाल : दिव्यांग स्वाति से स्वस्थ सूर्य प्रकाश ने किया अंतरजातीय विवाह

खिमलासा के रहने वाले हैं दोनों, पांच साल की दोस्ती बदली विवाह बंधन में भास्कर संवाददाता | सागर शादियों पर लगा...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 17, 2018, 04:35 AM IST

मिसाल : दिव्यांग स्वाति से स्वस्थ सूर्य प्रकाश ने किया अंतरजातीय विवाह
खिमलासा के रहने वाले हैं दोनों, पांच साल की दोस्ती बदली विवाह बंधन में

भास्कर संवाददाता | सागर

शादियों पर लगा ब्रेक 18 अप्रैल से खुलने वाला है। इसके पहले सोमवार को कलेक्टोरेट में हुआ एक विवाह न सिर्फ सुर्खियों में रहा, बल्कि यह संदेश भी दे गया कि प्यार न सिर्फ उम्र और जाति-पात के बंधनों काे तोड़ देता है, बल्कि दिव्यांगता तक इसमें आड़े नहीं आती।

यहां हुए अंतरजातीय विवाह में एक ब्राह्मण युवक ने नामदेव समाज की जिस लड़की का हाथ थामा, वह पैरों से दिव्यांग है। दोनों जिले के खिमलासा के रहने वाले हैं। खिमलासा के चौबे मोहल्ला में रहने वाले सूर्यप्रकाश चौबे ने मोहल्ले के ही दिव्यांग युवती स्वाति नामदेव से विवाह किया है। उन्होंने बताया कि वे दोनों एक-दूजे को पिछले 5 साल से बहुत अच्छे से जानते हैं। दोनों के दिल मिले और जीवन भर का साथ निभाने का वादा कर लिया तो कोर्ट मैरिज के लिए आवेदन लगा दिया था।

सोमवार को अपर कलेक्टर प्रभा श्रीवास्तव के समक्ष दोनों विवाह बंधन में बंध गए। सूर्यप्रकाश ने जाति के भेद भाव तथा युवती की दिव्यांगता को को न देखते हुए उसके साथ जन्म-जन्मांतर का रिश्ता बनाकर जो मिसाल पेश की है, उसकी मौके पर मौजूद हर सख्श ने प्रशंसा की। स्वाति ने बताया कि वह 2 साल की उम्र से ही पैरों से चलने से लाचार है, परंतु अब सूर्य प्रकाश के साथ ने मुझे इस लाचारी से मुक्ति दिला दी है। स्वाति जहां ग्रेजुएट है तो सूर्यप्रकाश मैकेनिक का काम करता है।

विवाह के बाद कलेक्टोरेट में बैठे

सूर्यप्रकाश और स्वाति। इनसेट: शादी के लिए मैरिज रजिस्ट्रार कार्ट में जाती स्वाति।

खिमलासा के रहने वाले हैं दोनों, पांच साल की दोस्ती बदली विवाह बंधन में

भास्कर संवाददाता | सागर

शादियों पर लगा ब्रेक 18 अप्रैल से खुलने वाला है। इसके पहले सोमवार को कलेक्टोरेट में हुआ एक विवाह न सिर्फ सुर्खियों में रहा, बल्कि यह संदेश भी दे गया कि प्यार न सिर्फ उम्र और जाति-पात के बंधनों काे तोड़ देता है, बल्कि दिव्यांगता तक इसमें आड़े नहीं आती।

यहां हुए अंतरजातीय विवाह में एक ब्राह्मण युवक ने नामदेव समाज की जिस लड़की का हाथ थामा, वह पैरों से दिव्यांग है। दोनों जिले के खिमलासा के रहने वाले हैं। खिमलासा के चौबे मोहल्ला में रहने वाले सूर्यप्रकाश चौबे ने मोहल्ले के ही दिव्यांग युवती स्वाति नामदेव से विवाह किया है। उन्होंने बताया कि वे दोनों एक-दूजे को पिछले 5 साल से बहुत अच्छे से जानते हैं। दोनों के दिल मिले और जीवन भर का साथ निभाने का वादा कर लिया तो कोर्ट मैरिज के लिए आवेदन लगा दिया था।

सोमवार को अपर कलेक्टर प्रभा श्रीवास्तव के समक्ष दोनों विवाह बंधन में बंध गए। सूर्यप्रकाश ने जाति के भेद भाव तथा युवती की दिव्यांगता को को न देखते हुए उसके साथ जन्म-जन्मांतर का रिश्ता बनाकर जो मिसाल पेश की है, उसकी मौके पर मौजूद हर सख्श ने प्रशंसा की। स्वाति ने बताया कि वह 2 साल की उम्र से ही पैरों से चलने से लाचार है, परंतु अब सूर्य प्रकाश के साथ ने मुझे इस लाचारी से मुक्ति दिला दी है। स्वाति जहां ग्रेजुएट है तो सूर्यप्रकाश मैकेनिक का काम करता है।

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