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सागर, रहली सहित बुंदेलखंड की 6 सीटों पर 20 साल से क्यों हार रही कांग्रेस?, राहुल करा रहे हैं सर्वे

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने मप्र में चुनावी तैयारियों के तहत फिलहाल उन 40 सीट्स पर नजर डाली है जो...

Danik Bhaskar | May 16, 2018, 05:00 AM IST
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने मप्र में चुनावी तैयारियों के तहत फिलहाल उन 40 सीट्स पर नजर डाली है जो पार्टी के कब्जे से 20 या उससे अधिक वर्षों से बाहर हैं। उन्होंने इसकी शुरुआत इन सीट्स का सर्वे कराने के रूप में की है। इसके लिए उन्होंने पार्टी के वर्तमान विधायकों को यह जवाबदेही सौंपी है। उन्हेंं एक सर्वे फार्म दिया गया है, जिसमें वह संबंधित विस क्षेत्र में अब तक हुई हार की प्रमुख वजह के अलावा इस दफा के चुनाव के लिए मजबूत प्रत्याशियों की पहचान भी करेंगे।

जानकारी के अनुसार मप्र की इन लंबी हार वाली सीट्स में सागर और रहली विधानसभा मुख्य रूप से शामिल है। सागर सीट का यह सर्वे करने के लिए नरसिंहगढ़ से विधायक गिरीश भंडारी सागर आए हैं। जबकि देवरी से विधायक हर्ष यादव छतरपुर की महाराजपुर सीट का सर्वे कर रहे हैं।

रहली का सर्वे करने के लिए राजनगर से नातीराजा पहुंचे

पार्टी आलाकमान ने इस बात का ध्यान रखा है कि कोई भी विधायक अपने जिले या करीब के विस क्षेत्र में यह सर्वे करने नहीं जाए। इसलिए यह काम दूरदराज के विधायकों के हवाले किया गया है। उदाहरण के लिए रहली मेें सर्वे करने के लिए छतरपुर के राजनगर विस क्षेत्र से विधायक विक्रमसिंह नातीराजा को यह काम दिया गया। पार्टी के अधिकृत सूत्रों के अनुसार संभाग में जिन सीट पर कांग्रेस का दो दशक से ज्यादा समय से कमजोर परफार्मेंस रहा है। उनमें सागर और रहली का नाम सबसे ऊपर है। इसी तरह छतरपुर की महाराजपुर , दमोह की दमोह और पथरिया , पन्ना की गुन्नौर-अमानगंज सीट भी इस लिस्ट में शामिल हैं। प्रदेश की जिन सीट्स पर कांग्रेस लंबे समय से नहीं जीत पाई है, उनमें गोविन्दपुरा, इंदौर-2, उज्जैन उत्तर और दक्षिण, देवास, विदिशा और सतना विस क्षेत्र के नाम मुख्य रूप से शामिल है।

एक विधायक बाेले-गोपनीय सर्वे, दूसरे ने पूछा-जैन ही क्यों जीत रहे

इस सर्वे को लेकर सागर से शामिल विधायक हर्ष यादव का कहना है कि यह पार्टी की गोपनीय तैयारी है, जिसके बारे में ज्यादा कुछ नहीं बताया जा सकता है। हमें केवल एक-एक विधानसभा में पहुंचने की जवाबदेही दी गई थी। वहां क्या करेंगे, किससे बात करना है, यह फिलहाल मीडिया को नहीं बताया जा सकता है। इधर सागर विस क्षेत्र का सर्वे करने आए नरसिंहगढ़ के विधायक भंडारी कुछ सीनियर कांग्रेसियों से मिले। उन्होंने हार के कारणों पर चर्चा की। इस दौरान उन्होंने अमूमन प्रत्येक दावेदार ये सवाल पूछा कि क्या सागर जातिगत गणित के कारण हार रहे हैं, क्योंकि यहां 30 साल से ज्यादा समय से केवल जैन समुदाय का व्यक्ति ही विजयी हो रहा है।

बीएस जैन परिवार से चाचा-भतीजा

समेत 5 अन्य ने जताई दावेदारी

मंगलवार सुबह सर्किट हाउस में विधायक भंडारी से मिलने कांग्रेसियों का जमावड़ा लगा रहा। इनमें से अधिकांश लोग वे थे जो अपने समर्थकों के साथ टिकट के लिए दावा करने आए थे। इनमें एक तरफ बीएस जैन परिवार से नरेश जैन और नेवी जैन पहुंचे जो आपस में चाचा-भतीजा हैं। अन्य दावेदारों में जगदीश यादव, अमित रामजी दुबे, मुकुल पुरोहित, राजकुमार पचौरी और मुन्ना चौबे शामिल रहे। हालांकि विधायक भंडारी उन्हें ये कहकर रवाना कर दिया कि आप लाेग बस पार्टी के लिए काम करते रहें। टिकट किसे दिया जाएगा यह मेरा काम नहीं है, यह आलाकमान तय करेगी। इस दौरान उनसे मिलने के लिए कांग्रेस के कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष सुरेंद्र चौधरी भी पहुंचे।