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"हमारी जरूरत कितनी है यह समझना जरूरी'

तिलकगंज जैन मंदिर में आज सुबह 7 बजे से होगा चौंसठ ऋद्धि विधान भास्कर संवाददाता | सागर जरूरत हर किसी को हर चीज़...

Danik Bhaskar | May 15, 2018, 05:05 AM IST
तिलकगंज जैन मंदिर में आज सुबह 7 बजे से होगा चौंसठ ऋद्धि विधान

भास्कर संवाददाता | सागर

जरूरत हर किसी को हर चीज़ की है। लेकिन कितनी जरूरत है यह जानना और समझना बेहद जरूरी है। परिग्रह कितना करना है। इसका संकल्प होने से हमेशा सुख प्राप्त होता है। इस आशय के विचार आर्यिका आदित्य मति माता ने तिलकगंज जैन मंदिर में सोमवार को आयोजित धर्मसभा में व्यक्त किए ।

उन्होंने कहा कि जरूरत तो फ़क़ीर की भी पूरी हो जाती है और आवश्यकता तो राजा की भी अधूरी रह जाती है ।जब तक हम ये तय नहीं करेंगे कि हमें किस चीज़ का कितना संग्रह करना है , हमारी चाहत की अंधी दौड़ कभी समाप्त नहीं होगी । एक भिखारी की चाहत का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि जब तक हम अपने जीवन का लक्ष्य तय नहीं करते तब तक हम दुनिया की चकाचौंध में भटकते रहेंगे ।

उन्होंने कहा कि हमारे दैनिक जीवन में यदि कोई चीज़ें या सामग्री कितनी संख्या या कितनी मात्रा में उपयोग में आती हैं , इसके प्रमाण का संकल्प हमें तय कर लेना चाहिए कि इससे ज़्यादा हम उक्त वस्तुओं का संग्रह नहीं करेंगे । इससे हम अनर्थ दंड के पाप से बच सकेंगे और यदि विशेष परिस्थिति हो तो कभी संकल्प की छूट भी ले सकेंगे ।

उन्होंने कहा कि संपूर्ण परिग्रह से विरक्ति ही सच्चा सुख प्रदान करती है । दूसरों से ज़्यादा परिचय भी मोह का कारण बन जाता है और ये मोह ही दुख का कारण है। यदि हमने संग्रह उतना किया जितने का हमने संकल्प लिया तो हम अनावश्यक परिग्रह से होने वाले पाप से बच जाऐंगे। ये त्याग का संकल्प ही हमारे धर्म की शुरूआत है। धर्मसभा के पूर्व चंद्रकांता शाह ने मंगलाचरण किया। वीरेन्द्र मालथौन ने बताया कि मंगलवार को आचार्य विद्यासागर महाराज के गुरू आचार्य ज्ञानसागर महाराज का समाधि दिवस आर्यिका विज्ञानमति माता के ससंघ सानिध्य में तिलकगंज जैन मंदिर में मनाया जाएगा । मंदिर कमेटी के अध्यक्ष कपिल मलैया व महामंत्री अरविंद चौधरी ने बताया कि इस अवसर पर प्रात: सात बजे से अभिषेक पूजन व चौंसठ ऋद्धि विधान का आयोजन किया जाएगा व आर्यिका संघ के प्रवचन होगें।

तिलकगंज में चल रही धर्मसभा को संबोधित करती आर्यिका।