• Hindi News
  • Madhya Pradesh News
  • Sagar
  • पुलिस ने क्रिकेट सट्टा के हवाला कारोबारी को दबोचा, फिर भी शहर में लग रहे दांव
--Advertisement--

पुलिस ने क्रिकेट सट्टा के हवाला कारोबारी को दबोचा, फिर भी शहर में लग रहे दांव

आईपीएल क्रिकेट सट्टे के मामले में मोतीनगर पुलिस ने 10 दिन पहले एक कार्रवाई की थी। अब जांच को आगे बढ़ाते हुए पुलिस ने...

Dainik Bhaskar

May 15, 2018, 05:05 AM IST
आईपीएल क्रिकेट सट्टे के मामले में मोतीनगर पुलिस ने 10 दिन पहले एक कार्रवाई की थी। अब जांच को आगे बढ़ाते हुए पुलिस ने इस मामले में एक हवाला कारोबारी को दबोचा है। जानकारी के मुताबिक इस आरोपी का नाम महेंद्र चौहान निवासी गढ़ाकोटा है। थाना प्रभारी अनिलसिंह मौर्य के अनुसार महेंद्र, विवेकानंद वार्ड निवासी सोनू डिस्क के लिए हवाला के जरिए रकम का भुगतान करता था। पुलिस ने उसे जुआ-सट्टा एक्ट के तहत गिरफ्तार किया है।

इधर पुलिस की इस कार्रवाई के बावजूद शहर में सट्टे के कारोबार में कोई कमी नहीं आई है। दो-एक सटोरियों ने जरूर कामकाज समेट लिया है लेकिन बाकी नंबर और ठिकाने बदलकर हार-जीत के गेम में लगे हुए हैं।

जबलपुर तक जुड़े हैं हवाला कारोबारी के तार : पुलिस के अनुसार पूछताछ में महेंद्र ने स्वीकार किया है कि वह सोनू डिस्क समेत अन्य सटोरियों के इशारे पर सट्टा खेलने वालों को हजारों लाखों रुपए की बड़ी रकम का भुगतान करता था। उसके इस लेनदेन के नेटवर्क से जबलपुर, दमोह,नरसिंहपुर समेत कुछ अन्य जिलों के सटोरिए भी जुड़े हैं। टीआई मौर्य के अनुसार महेंद्र चौहान की निशानदेही पर कुछ मोबाइल नंबर और सटोरियों के ठिकानों को सर्विलेंस पर लिया गया था लेकिन खास नतीजा नहीं निकला। अब हम एक अन्य सूत्र से सटोरियों की निगरानी कर रहे हैं।

1.44 लाख रुपए का सट्टा पकड़ा था, एप पर खिला रहा था गेम : मोतीनगर पुलिस ने 26 अप्रैल को सटोरिया सोनू डिस्क को गिरफ्तार किया था। वह एंड्रायड फोन पर एक सट्टा एप क्रिकेट लाइन फास्ट के जरिए गेम खिला रहा था। पुलिस को उसके पास से 1.44 लाख रुपए मिले थे। पूछताछ में उसने बताया कि मैंने शहर के कुछ युवकों से टॉस, बैटिंग, विकेट से लेकर रन और हार-जीत पर भी बुकिंग ली थी। उसने भीतर बाजार, गोपालगंज, सदर और कटरा बाजार के सटारियों के नाम-ठिकाने भी बताए थे।

Ãक्रिकेट सट्टे का पूरा कारोबार अॉनलाइन है। अब तो अच्छी इंटरनेट कनेक्टिवटी ने इन अपराधियों की सुविधा और बढ़ा दी है। ये लोग कभी चलती गाड़ी में तो कभी सुनसान एरिया में कारोबार कर रहे हैं। पुलिस शांत नहीं बैठी है। साइबर टीम ने कुछ नंबरों को सर्विलेंस पर ले रखा है। जैसे ही कोई सुराग मिलता है, सटोरियों को दबोच लेंगे। - रामेश्वरसिंह, एडिशनल एसपी

गांजे की तरह सट्टे की बाकी चेन पकड़ से बाहर : क्रिकेट का सट्टा इस समय शहर मेें चरम पर है। लेकिन पुलिस को इन सटोरियों को जकड़ने में विशेष सफलता नहीं मिली है। कुछेक पुछल्ले गेमबाजों के खिलाफ कार्रवाइयां तो हुई लेकिन आगे कुछ नहीं हुआ।

सीधे शब्दों में कहें तो यह कार्रवाइयां बहुत कुछ गांजा के खिलाफ कार्रवाइयों की तरह रहीं। पुलिस ने गांजा की छोटी-बड़ी खेपें तो पकड़ी लेकिन उनके थोकबंद खरीदार कौन थे या यह गांजा कहां से सप्लाई हो रहा था। इसके बारे में कभी कोई ठोस सूचना नहीं निकाल पाई। कुछ इसी तरह का मामला सट्टे को लेकर रहा। पुलिस ने सटोरियाें को ताे पकड़ा लेकिन इनके नीचे-ऊपर की चेन को छोड़ दिया। नतीजतन रोजाना करोड़ रुपए से ऊपर का सट्टा खिलाया जा रहा है लेकिन पुलिस अब तक केवल 10-11 लाख रुपए का सट्टा एक महीने में पकड़ पाई है।

X
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..