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किसी को 5 तो किसी को 12 साल बाद मिला संतान सुख

Sagar News - मालथौन निवासी अनीता चौबे और उनका परिवार पिछले 12 सालों से निसंतानता के दंश से पीड़ित था। कई जगह इलाज कराने के बाद भी...

Dainik Bhaskar

May 16, 2018, 05:05 AM IST
किसी को 5 तो किसी को 12 साल बाद मिला संतान सुख
मालथौन निवासी अनीता चौबे और उनका परिवार पिछले 12 सालों से निसंतानता के दंश से पीड़ित था। कई जगह इलाज कराने के बाद भी जब उन्हें संतान की प्राप्ति नहीं हुई तब वे जिला अस्पताल में संचालित होने वाली रोशनी क्लीनिक में पहुंची। इस क्लीनिक के माध्यम से उन्हें बेहतर इलाज मिला और उन्हें पुत्र र| की प्राप्ति हुई।

रोशनी क्लीनिक से इलाज कराकर जीवन को रोशन करने वाली केवल अनीता ही नहीं बल्कि जिले में कई ऐसी महिलाएं हैं जो रोशनी क्लीनिक के माध्यम से संतान सुख ले पा रही हैं। रोशनी क्लीनिक मप्र शासन की योजना है, जो पिछले तीन साल से जिला अस्पताल में संचालित हो रही है। जहां निसंतान महिला व पुरुषों की जांच कर इन्हें इलाज के लिए भोपाल व इंदौर में शासन द्वारा चिंहित किए गए अस्पतालों में भेजा जाता है। जहां विशेषज्ञों के निर्देशन में मरीजों को न सिर्फ निशुल्क इलाज मिलता है, बल्कि उन्हें संतान सुख की भी प्राप्ति हो रही है।

जिला अस्पताल में तीन साल से चल रही शासन की योजना, 15 परिवारों को मिला फायदा

योजना से लाभांवित होने वाली महिलाओं ने बताई अपनी कहानी

रोशनी क्लीनिक के माध्यम से इलाज कराकर तिली निवासी रुचि चौरसिया को फरवरी 2018 में मां बनने का सुख प्राप्त हुआ है, वहीं शारीन खान भी इसी योजना के माध्यम से लाभांवित हुई है। भैंसा निवासी आरती अहिरवार ने भी यहां इलाज कराकर गर्भावस्था के 8 वें माह में कदम रखा है। रोशनी क्लीनिक के संबंध में सीएमएचओ डॉ. इंद्रराज सिंह ठाकुर का कहना है कि शासन के निर्देशों का पालन कर जरूरतमंद को उचित इलाज तथा परामर्श प्रदान करना हमारी प्राथमिकता है। लोग संतान प्राप्ति के लिए प्राइवेट अस्पतालों में लाखों रुपए खर्च करते हैं, जबकि सरकार उन्हें यह इलाज निशुल्क प्रदान कर रही है। ऐसे में लोगों को ज्यादा से ज्यादा इस योजना का लाभ लेना चाहिए। योजना के तहत अब तक 15 परिवारों की महिलाओं काे संतानसुख की प्राप्ति हुई है। जिला अस्पताल की रोशनी क्लीनिक टीम में डॉ. नीना गिडियन, नोडल अधिकारी डॉ.ललिता पाटिल, डॉ. ज्योति चौहान, ननकी नायक, काउंसलर प्रवीण दुबे और जॉली साबू आदि शामिल हैं।

भास्कर संवाददाता | सागर

मालथौन निवासी अनीता चौबे और उनका परिवार पिछले 12 सालों से निसंतानता के दंश से पीड़ित था। कई जगह इलाज कराने के बाद भी जब उन्हें संतान की प्राप्ति नहीं हुई तब वे जिला अस्पताल में संचालित होने वाली रोशनी क्लीनिक में पहुंची। इस क्लीनिक के माध्यम से उन्हें बेहतर इलाज मिला और उन्हें पुत्र र| की प्राप्ति हुई।

रोशनी क्लीनिक से इलाज कराकर जीवन को रोशन करने वाली केवल अनीता ही नहीं बल्कि जिले में कई ऐसी महिलाएं हैं जो रोशनी क्लीनिक के माध्यम से संतान सुख ले पा रही हैं। रोशनी क्लीनिक मप्र शासन की योजना है, जो पिछले तीन साल से जिला अस्पताल में संचालित हो रही है। जहां निसंतान महिला व पुरुषों की जांच कर इन्हें इलाज के लिए भोपाल व इंदौर में शासन द्वारा चिंहित किए गए अस्पतालों में भेजा जाता है। जहां विशेषज्ञों के निर्देशन में मरीजों को न सिर्फ निशुल्क इलाज मिलता है, बल्कि उन्हें संतान सुख की भी प्राप्ति हो रही है।

मालथौन निवासी अनीता चौबे और उनके पति नवजात के साथ।

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