Hindi News »Madhya Pradesh »Sagar» एसवीएन में कार्यशला : बुद्धि का काम है निरीक्षण एवं परीक्षण करना-अतुल कोठारी

एसवीएन में कार्यशला : बुद्धि का काम है निरीक्षण एवं परीक्षण करना-अतुल कोठारी

सागर | स्वामी विवेकानंद विश्वविद्याय में चरित्र निर्माण एवं समग्र व्यक्तित्व विकास की कार्यशाला के दिवस शिक्षा...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 13, 2018, 05:10 AM IST

सागर | स्वामी विवेकानंद विश्वविद्याय में चरित्र निर्माण एवं समग्र व्यक्तित्व विकास की कार्यशाला के दिवस शिक्षा संस्कृत उत्थान न्यास के राष्ट्रीय सचिव अतुल कोठारी ने विज्ञानमय कोश पर अपने विचार प्रस्तुत किए।

उन्होंने कहा बुद्धि का काम हैं, निरीक्षण एवं परीक्षण करना। परीक्षण का अर्थ होता हैं परखना और विश्लेषण का अर्थ हैं, किसी घटना या पदार्थ के समस्त आयामों का ज्ञान होना। हटा के डाॅ. सीएल नेमा ने बताया प्राण वायु के अलंम्बन से रहता है और श्वास के माध्यम से अंदर जाता है। प्राण वायु को ही प्राण शक्ति कहते हैं। उज्जैन के अशोक कडे़ल ने बताया कि हमारे लिए आवश्यक है कि हम शारीरिक सोष्ठो को बनाए रखंे। मन बुद्धि चित्त और अहंकार का समावेश है। जिसके कारक तत्व योगाभ्यास, भोजन, संगीत, सत्संग, स्वाध्याय सेवा कार्य है। स्वामी विवेकानंद विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डाॅ. अजय तिवारी ने कहा कि हम साधना से आत्मतत्व का विस्तार कर सकते है। डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय के डाॅ. विवेकानंद उपाध्याय ने कहा कि जल, बिजली, प्लास्टिक के प्रयोग पर पूर्ण सावधानी रखंे तथा स्वास्थ भारत स्वच्छ, समृद्ध भारत की परिकल्पना को साकार करें। संस्थापक कुलपति डाॅ. अनिल तिवारी ने कहा मूल्य शिक्षा के संबंध में हम अपने विचारों के माध्यम से कह सकते है। कि मूल्य शिक्षा एक व्यावहारिक विषय है जो विद्यालय के प्रांगण व उसके बाहर अनौपचारिक रूप में इस तरह पढ़ाया जाये जिससे कि शिक्षा के द्वारा छात्रों के व्यवहार को सही दिशा प्रदान की जा सके।

सागर | स्वामी विवेकानंद विश्वविद्याय में चरित्र निर्माण एवं समग्र व्यक्तित्व विकास की कार्यशाला के दिवस शिक्षा संस्कृत उत्थान न्यास के राष्ट्रीय सचिव अतुल कोठारी ने विज्ञानमय कोश पर अपने विचार प्रस्तुत किए।

उन्होंने कहा बुद्धि का काम हैं, निरीक्षण एवं परीक्षण करना। परीक्षण का अर्थ होता हैं परखना और विश्लेषण का अर्थ हैं, किसी घटना या पदार्थ के समस्त आयामों का ज्ञान होना। हटा के डाॅ. सीएल नेमा ने बताया प्राण वायु के अलंम्बन से रहता है और श्वास के माध्यम से अंदर जाता है। प्राण वायु को ही प्राण शक्ति कहते हैं। उज्जैन के अशोक कडे़ल ने बताया कि हमारे लिए आवश्यक है कि हम शारीरिक सोष्ठो को बनाए रखंे। मन बुद्धि चित्त और अहंकार का समावेश है। जिसके कारक तत्व योगाभ्यास, भोजन, संगीत, सत्संग, स्वाध्याय सेवा कार्य है। स्वामी विवेकानंद विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डाॅ. अजय तिवारी ने कहा कि हम साधना से आत्मतत्व का विस्तार कर सकते है। डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय के डाॅ. विवेकानंद उपाध्याय ने कहा कि जल, बिजली, प्लास्टिक के प्रयोग पर पूर्ण सावधानी रखंे तथा स्वास्थ भारत स्वच्छ, समृद्ध भारत की परिकल्पना को साकार करें। संस्थापक कुलपति डाॅ. अनिल तिवारी ने कहा मूल्य शिक्षा के संबंध में हम अपने विचारों के माध्यम से कह सकते है। कि मूल्य शिक्षा एक व्यावहारिक विषय है जो विद्यालय के प्रांगण व उसके बाहर अनौपचारिक रूप में इस तरह पढ़ाया जाये जिससे कि शिक्षा के द्वारा छात्रों के व्यवहार को सही दिशा प्रदान की जा सके।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From Sagar

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×