Hindi News »Madhya Pradesh »Sagar» सीता जैसी बहू की चाहत है तो कौशल्या जैसी सास बनना होगा: आदित्यमती

सीता जैसी बहू की चाहत है तो कौशल्या जैसी सास बनना होगा: आदित्यमती

गर्भपात करना-करवाना और सलाह देना सबसे बड़ा पाप और कानूनन अपराध है। फिर भी हम नहीं चेत रहे हैं और गर्भपात कराने वाले...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 13, 2018, 05:10 AM IST

सीता जैसी बहू की चाहत है तो कौशल्या जैसी सास बनना होगा: आदित्यमती
गर्भपात करना-करवाना और सलाह देना सबसे बड़ा पाप और कानूनन अपराध है। फिर भी हम नहीं चेत रहे हैं और गर्भपात कराने वाले अपने बेटे को अच्छी बहू ढूंढ रहे हैं। यह बात आर्यिका आदित्य मति ने तिलकगंज जैन मंदिर में आयोजित धर्मसभा में कही।

इन्होंने बताया कि इस कलयुग में पाश्चात्य संस्कृति ने हमारी भारतीय परंपराओं को धूमिल कर दिया है । जो शिक्षा वेदों के माध्यम से हमें ऋषि मुनियों ने प्रदान की थी। उसका अब कोई मूल्य नहीं है हम निरंतर प्रकृति से छेड़छाड़ कर रहे हैं। आज लाखों परिवार एक संतान की चाहत में दर दर भटक रहे हैं और हम थोड़े से स्वार्थ, अहंकार में भ्रूण हत्या जैसे घिनौने काम कर रहे हैं।

आदित्यमती माता ने कहा कि सीता जैसी बहू चाहते हो तो कौशल्या जैसी सास बनना होगा। सिर्फ बेटी को संस्कारित करने की जिम्मेदारी मां की ही नहीं, सास को भी चाहिए कि वो बहू को बेटी की तरह संस्कारित करे तो बहू को भी सास को मां कहने में गर्व होगा। उन्होंने कहा कि मनुष्य से ज्यादा परेशान तो पशु है फिर भी ऐसा क्रूर विचार न उनके मन में आता है और न वो ऐसा कर सकते हैं।

उन्होंने कहा कि आत्मघात व गर्भपात जैसे कामों से बचते हुए सदा संतोष व्रत धारण करना चाहिए। मुंह एक ऐसा अंग है जिससे बोलने व खाने के दो मुख्य कार्य किए जाते हैं। यदि दोनों कार्यों पर हमारी लगाम रहे तो हम शारीरिक व मानसिक दोनों रूप से सुखी हो सकते हैं। प्रशंसा सुनने में खुशी न हो और निंदा सुनने में दुख न हो तो ही हमारा कल्याण हो सकता है।

धर्मसभा के पूर्व आर्यिका संघ को पंकज जैन, संजय जैन, राजेन्द्र, मूलचंद जैन ने शास्त्र भेंट किए । कपिल मलैया अशोक पिडरूआ ने श्रीफल भेंट किया।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From Sagar

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×