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बादलों का असर, 2.6 डिग्री नीचे आया तापमान

शहर में सोमवार काे तेज हवा व बादलाें की वजह से दिन का तापमान 2.6 डिग्री नीचे गिरा। साेमवार को पारा 42 डिग्री दर्ज किया...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 15, 2018, 05:10 AM IST

शहर में सोमवार काे तेज हवा व बादलाें की वजह से दिन का तापमान 2.6 डिग्री नीचे गिरा। साेमवार को पारा 42 डिग्री दर्ज किया गया। जबकि रविवार को 44.6 डिग्री था। सुबह से सूर्य के तीखे तेवर से दोपहर तक तपन रही। इसके बाद बादलों की आवाजाही के कारण राहत मिली पर गर्म हवा के थपेड़ों से लोग बेचैन रहे। भीषण गर्मी के चलते दोपहर में भीड़ भरे बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा।

दिन का अधिकतम तापमान 42.0 डिग्री और रात का न्यूनतम तापमान 25.1 डिग्री रिकाॅर्ड किया गया। मौसम विशेषज्ञ डॉ. डीपी दुबे ने बताया कि अभी दिन और रात के तापमान में बढ़ोत्तरी होगी। तेज रफ्तार से हवाएं चलेंगी। अभी पूरे एक सप्ताह तक तापमान बढ़ेगा।

पिछले सात दिनों में ऐसा रहा पारे में उतार-चढ़ाव का दौर

दिनांक अधिकतम न्यूनतम

8 मई 39.3 24.4

9 मई 41.4 23.2

10 मई 41.2 25.0

11 मई 43.0 27.6

12 मई 44.9 27.0

13 मई 44.6 27.6

14 मई 42.0 25.1

( तापमान डिग्री में, स्रोत : मौसम विभाग)

अनुमान : आने वाले दिनों में और बढ़ेगी गर्मी

इस बार मई के दूसरे पखवाड़े में गर्मी कई सालों का रिकॉर्ड तोड़ सकती है। अधिक गर्माहट के चलते दोपहर बाद रोज बादल छा जाते हैं। गर्म हवा से फिर भी राहत नहीं है। मौसम विभाग बताता है कि तापमान बढ़ने का कारण राजस्थान की ओर से आने वाली गर्म हवा है। इनका आना अभी जारी रहेगा।

इस कारण बढ़ा आंधी तूफान का असर

वैज्ञानिकों के मुताबिक डस्ट स्टॉर्म हर साल होने वाली प्रक्रिया है। यह एक प्री-मानसून एक्टिविटी है। इस साल अरब सागर से आने वाली गर्म हवा राजस्थान से पूर्व की ओर तेज रफ्तार से बहने लगी, उसी समय उत्तर-पश्चिम में वेस्टर्न डिस्टरबेंस मौजूद होने से आंधी तूफान का असर बढ़ गया। इसी समय उत्तर भारत में हवा का दाब 1000 से 1002 हेप्टा पास्कल (हवा के दाब की यूनिट) रहा। इस कारण चक्रवात को बढ़ावा मिला। दक्षिण भारत में लू जैसी स्थिति हो गई। इसका मतलब है कि मानसून इस साल भारतीय उपखंड में जल्द दस्तक देने की तैयारी में है। ऐसे ही हालात रहे तो मानसून 25 मई को केरल पहुंच सकता है। आमतौर पर केरल में 1 जून तक मानसून आता है। एग्रोमीट्रियोलाजिस्ट डॉ. आरसी साबले के अनुसार अगर कश्मीर पर 1002 हेप्टा पास्कल, राजस्थान में 1004, महाराष्ट्र में 1006, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में 1004 और उसी वक्त हिंद महासागर में 1008 और इक्वेटर पर 1010 हेप्टा पास्कल हवा का दाब रहेगा तो मानसून केरल में 25 मई को दाखिल हो सकता है।

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