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ग्रेड-पे बढ़ाने की मांग को लेकर 13वें दिन भी हड़ताल पर इंजीनियर्स

मध्यप्रदेश डिप्लोमा इंजीनियर्स एसोसिएशन ने पांच सूत्रीय मांगों को लेकर अपनी बेमियादी हड़ताल जारी रखी। सोमवार...

Danik Bhaskar | May 15, 2018, 05:10 AM IST
मध्यप्रदेश डिप्लोमा इंजीनियर्स एसोसिएशन ने पांच सूत्रीय मांगों को लेकर अपनी बेमियादी हड़ताल जारी रखी। सोमवार को हड़ताल का तेरहवां दिन था।

हड़ताल में आरईएस, पीएचई, जल संसाधन, पीड्ब्ल्यूडी, सर्व शिक्षा सहित आठ विभागों के 150 सब इंजीनियर शामिल है। जनपद मार्केट परिसर में लगे पंडाल में बैठे डिप्लोमा इंजीनियरों ने बताया हम ग्रेड पे 3200 से बढ़ाकर 4800 करने, पदोन्नति का लाभ और संविदा पर भर्ती इंजीनियरों को नियमित करने सहित अपनी पांच मांगे पूरी होने के बाद आंदोलन खत्म करेंगे।

एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष राघवेंद्र सिंह ने बताया कि शासन ने पिछले साथ मांगे निराकृत करने का आश्वासन दे दिया था। लेकिन मांगे अब तक पूरी नहीं की। इस कारण प्रादेशिक एसोसिएशन द्वारा दोबारा अनिश्चित कालीन हड़ताल शुरू की गई है। इंजीनियर्स की हड़ताल से पिछले 13 दिनों से ग्रामीण यांत्रिकी, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी और जल संसाधन विभाग में चल रहे सैकड़ों निर्माण कार्य लगभग बंद हैं। वहीं आरईएस के कार्यपालन यंत्री के कुम्हार ने बताया हड़ताल के कारण निर्माण कार्य प्रभावित हैं।

सागर . जनपद मार्केट परिसर में धरना देते डिप्लोमा इंजीनियर्स।

भास्कर संवाददाता | सागर

मध्यप्रदेश डिप्लोमा इंजीनियर्स एसोसिएशन ने पांच सूत्रीय मांगों को लेकर अपनी बेमियादी हड़ताल जारी रखी। सोमवार को हड़ताल का तेरहवां दिन था।

हड़ताल में आरईएस, पीएचई, जल संसाधन, पीड्ब्ल्यूडी, सर्व शिक्षा सहित आठ विभागों के 150 सब इंजीनियर शामिल है। जनपद मार्केट परिसर में लगे पंडाल में बैठे डिप्लोमा इंजीनियरों ने बताया हम ग्रेड पे 3200 से बढ़ाकर 4800 करने, पदोन्नति का लाभ और संविदा पर भर्ती इंजीनियरों को नियमित करने सहित अपनी पांच मांगे पूरी होने के बाद आंदोलन खत्म करेंगे।

एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष राघवेंद्र सिंह ने बताया कि शासन ने पिछले साथ मांगे निराकृत करने का आश्वासन दे दिया था। लेकिन मांगे अब तक पूरी नहीं की। इस कारण प्रादेशिक एसोसिएशन द्वारा दोबारा अनिश्चित कालीन हड़ताल शुरू की गई है। इंजीनियर्स की हड़ताल से पिछले 13 दिनों से ग्रामीण यांत्रिकी, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी और जल संसाधन विभाग में चल रहे सैकड़ों निर्माण कार्य लगभग बंद हैं। वहीं आरईएस के कार्यपालन यंत्री के कुम्हार ने बताया हड़ताल के कारण निर्माण कार्य प्रभावित हैं।