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छोटी पाल नौका आईएनएस तारिणी से दुनिया का चक्कर लगाने वाली नौसेना की अफसर 19 मई को पहुंचेंगी गोवा

छोटी पाल नौका में समुद्र के रास्ते दुनिया का चक्कर लगाने के लिए निकला नौसेना की जांबाज महिला अफसरों का दल 19 मई को...

Danik Bhaskar | May 17, 2018, 05:20 AM IST
छोटी पाल नौका में समुद्र के रास्ते दुनिया का चक्कर लगाने के लिए निकला नौसेना की जांबाज महिला अफसरों का दल 19 मई को गोवा लौटेगा। रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण इनका स्वागत करेंगी।

छोटी पाल नौका ‘आईएनएस तारिणी’ पर सवार लेफ्टिनेंट कमांडर वर्तिका जोशी के नेतृत्व में छह अधिकारियों के इस दल को रक्षा मंत्री ने ही 10 सितंबर को गोवा से रवाना किया था। दल की सदस्यों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नौसेना प्रमुख एडमिरल सुनील लांबा से भी मुलाकात की थी। अभियान को नाविका सागर परिक्रमा नाम दिया गया है। इस दल में लेफ्टिनेंट कमांडर प्रतिभा जामवाल, पी स्वाति, लेफ्टिनेंट ए विजया देवी, बी एश्वर्य तथा पायल गुप्ता भी शामिल हैं। नौसेना प्रवक्ता कैप्टन डीके शर्मा ने बताया कि दल ने भारतीय समुद्री सीमा में प्रवेश कर लिया है और शनिवार को ढाई बजे गोवा पहुंचेगा।

60 मील की रफ्तार से हवा, 7 मीटर ऊंची-लहरों को चीर कर पूरी की यात्रा

दल ने आॅस्ट्रेलिया के फ्रेमन्टाइल और न्यूजीलैंड के लेटिल्टन से पोर्ट स्टेनली और केपटाउन होते हुए अपना अभियान पूरा किया। दल ने 41 दिन प्रशांत महासागर में बेहद कठिन मौसम में गुजारे। उन्होंने 60 मील प्रति घंटे की रफ्तार से हवा तथा 7 मीटर ऊंची लहरों को मात देते हुए लंबी दूरी तय की है। दल ने बेहद प्रतिकूल परिस्थितियों का सामना करते हुए समुद्र का माउंट एवरेस्ट कहे जाने वाले केप हॉर्न में तिरंगा लहरा कर उसे पार किया। यह पहला मौका है जब नौसेना की महिला अधिकारियों ने समुद्र के रास्ते विश्व परिक्रमा पूरी करने का साहसिक कारनामा किया है।

भास्कर न्यूज | नई दिल्ली

छोटी पाल नौका में समुद्र के रास्ते दुनिया का चक्कर लगाने के लिए निकला नौसेना की जांबाज महिला अफसरों का दल 19 मई को गोवा लौटेगा। रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण इनका स्वागत करेंगी।

छोटी पाल नौका ‘आईएनएस तारिणी’ पर सवार लेफ्टिनेंट कमांडर वर्तिका जोशी के नेतृत्व में छह अधिकारियों के इस दल को रक्षा मंत्री ने ही 10 सितंबर को गोवा से रवाना किया था। दल की सदस्यों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नौसेना प्रमुख एडमिरल सुनील लांबा से भी मुलाकात की थी। अभियान को नाविका सागर परिक्रमा नाम दिया गया है। इस दल में लेफ्टिनेंट कमांडर प्रतिभा जामवाल, पी स्वाति, लेफ्टिनेंट ए विजया देवी, बी एश्वर्य तथा पायल गुप्ता भी शामिल हैं। नौसेना प्रवक्ता कैप्टन डीके शर्मा ने बताया कि दल ने भारतीय समुद्री सीमा में प्रवेश कर लिया है और शनिवार को ढाई बजे गोवा पहुंचेगा।

60 मील की रफ्तार से हवा, 7 मीटर ऊंची-लहरों को चीर कर पूरी की यात्रा

दल ने आॅस्ट्रेलिया के फ्रेमन्टाइल और न्यूजीलैंड के लेटिल्टन से पोर्ट स्टेनली और केपटाउन होते हुए अपना अभियान पूरा किया। दल ने 41 दिन प्रशांत महासागर में बेहद कठिन मौसम में गुजारे। उन्होंने 60 मील प्रति घंटे की रफ्तार से हवा तथा 7 मीटर ऊंची लहरों को मात देते हुए लंबी दूरी तय की है। दल ने बेहद प्रतिकूल परिस्थितियों का सामना करते हुए समुद्र का माउंट एवरेस्ट कहे जाने वाले केप हॉर्न में तिरंगा लहरा कर उसे पार किया। यह पहला मौका है जब नौसेना की महिला अधिकारियों ने समुद्र के रास्ते विश्व परिक्रमा पूरी करने का साहसिक कारनामा किया है।

भास्कर न्यूज | नई दिल्ली

छोटी पाल नौका में समुद्र के रास्ते दुनिया का चक्कर लगाने के लिए निकला नौसेना की जांबाज महिला अफसरों का दल 19 मई को गोवा लौटेगा। रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण इनका स्वागत करेंगी।

छोटी पाल नौका ‘आईएनएस तारिणी’ पर सवार लेफ्टिनेंट कमांडर वर्तिका जोशी के नेतृत्व में छह अधिकारियों के इस दल को रक्षा मंत्री ने ही 10 सितंबर को गोवा से रवाना किया था। दल की सदस्यों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नौसेना प्रमुख एडमिरल सुनील लांबा से भी मुलाकात की थी। अभियान को नाविका सागर परिक्रमा नाम दिया गया है। इस दल में लेफ्टिनेंट कमांडर प्रतिभा जामवाल, पी स्वाति, लेफ्टिनेंट ए विजया देवी, बी एश्वर्य तथा पायल गुप्ता भी शामिल हैं। नौसेना प्रवक्ता कैप्टन डीके शर्मा ने बताया कि दल ने भारतीय समुद्री सीमा में प्रवेश कर लिया है और शनिवार को ढाई बजे गोवा पहुंचेगा।

60 मील की रफ्तार से हवा, 7 मीटर ऊंची-लहरों को चीर कर पूरी की यात्रा

दल ने आॅस्ट्रेलिया के फ्रेमन्टाइल और न्यूजीलैंड के लेटिल्टन से पोर्ट स्टेनली और केपटाउन होते हुए अपना अभियान पूरा किया। दल ने 41 दिन प्रशांत महासागर में बेहद कठिन मौसम में गुजारे। उन्होंने 60 मील प्रति घंटे की रफ्तार से हवा तथा 7 मीटर ऊंची लहरों को मात देते हुए लंबी दूरी तय की है। दल ने बेहद प्रतिकूल परिस्थितियों का सामना करते हुए समुद्र का माउंट एवरेस्ट कहे जाने वाले केप हॉर्न में तिरंगा लहरा कर उसे पार किया। यह पहला मौका है जब नौसेना की महिला अधिकारियों ने समुद्र के रास्ते विश्व परिक्रमा पूरी करने का साहसिक कारनामा किया है।