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बीएमसी ने एक करोड़ में डलवाई थी सेपरेट लाइन, निगम ने इसमें से भी दे दिए कनेक्शन

Sagar News - बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में पानी का संकट गहराता जा रहा है। एक सप्ताह से चल रही परेशानी के बाद शुक्रवार को...

Dainik Bhaskar

May 12, 2018, 05:25 AM IST
बीएमसी ने एक करोड़ में डलवाई थी सेपरेट लाइन, निगम ने इसमें से भी दे दिए कनेक्शन
बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में पानी का संकट गहराता जा रहा है। एक सप्ताह से चल रही परेशानी के बाद शुक्रवार को स्टूडेंट्स ने कक्षाएं छोड़कर हड़ताल कर दी। स्टूडेंट्स ने पानी की समस्या दूर करने की मांग को लेकर डीन डॉ. जीएस पटेल को ज्ञापन दिया। इसके बाद उन्होंने आनन-फानन में टैंकर बुलवाकर पानी की व्यवस्था कराई। वहीं पीएचई के अफसरों को बोरवेल सुधारने और नगर निगम से राजघाट के पानी की सप्लाई देने के लिए बात भी की।

मामले की पड़ताल के दौरान सामने आया कि बीएमसी ने राजघाट के पानी के लिए सेपरेट कनेक्शन सीधे बीपी से लिया था। इसके बीएमसी ने एक करोड़ पांच लाख रुपए भी दिए थे, लेकिन निगम कर्मचारियों ने इस लाइन से कई बड़े रसूखदारों को अवैध कनेक्शन दे दिए। इससे बीएमसी की सप्लाई कम हो गई। तिली तिराहे से आरटीओ तक बनी सड़क निर्माण के दौरान पानी लाइन जगह-जगह से फूट चुकी है। नतीजा अब जब बीएमसी को पानी की जरूरत है तब उन्हें इतना पैसा खर्च करने के बाद भी पानी नहीं मिल रहा। इस पर बीएमसी प्रबंधन का कहना है कि यदि नगर निगम ने जल्द ही उनकी समस्या दूर नहीं की तो प्रबंधन निगम के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराएगा।

सागर . डीन डॉ. जीएस पटेल को अपनी समस्याएं बताते मेडिकल कॉलेज के छात्र।

शादियों के चलते टैंकर भी नहीं मिल रहे

डीन ने छात्रावासों में पानी की समस्या दूर करने के लिए 20 टैंकर पानी बुलवाने के निर्देश दिए थे, लेकिन अफसरों को दिन भर की मशक्कत के बाद सिर्फ 3 टैंकर ही पानी मिल सका। टैंकर न मिलने की वजह है शहर में हो रही शादियां। अफसरों का कहना है कि शहर के अधिकांश टैंकर शादियों में पानी की सप्लाई के लिए लगे हुए हैं, वहीं निगम से भी टैंकर की कोई मदद नहीं मिल रही। ऐसे में तीन टैंकर से फिलहाल पानी की व्यवस्था कराई गई है ताकि स्टूडेंट्स को राहत मिल सके।

अस्पताल का बोरवेल भी सूखने की कगार पर

बीएमसी में चार बोरवेल हैं। इनमें से दो पूरी तरह सूख चुके हैं। एक बोरवेल से अस्पताल और दूसरे से नर्सिंग हॉस्टल व स्टाफ क्वाटर्स में सप्लाई की जा रही है। अस्पताल के बोरवेल में पानी कम हो चुका है और यहां रुक-रुककर पानी की सप्लाई दी जा रही। यदि समय रहते पानी की व्यवस्था नहीं की गई तो मरीजों को भी इस समस्या से जूझना पड़ेगा।

डीन ने पीएचई के अफसरों के साथ किया निरीक्षण

डीन ने पानी की समस्या से निजात पाने के लिए शुक्रवार को पीएचई के अफसरों को बुलाकर परिसर के बोरवेलों का निरीक्षण किया। इस दौरान बोरवेल की मशीनें बदलने और उनमें पानी स्थिति देखी गई। डीन डॉ. जीएस पटेल का कहना है कि जल्द ही पानी व्यवस्था की जाएगी।

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