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दूसरे और चौथे सेमेस्टर की परीक्षाएं शुरू हो गईं, पहले और तीसरे का रिजल्ट तक घोषित नहीं कर पाए

डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय का परीक्षा विभाग बेपटरी हो गया है। स्थिति यह है कि कॉलेजों की परीक्षाएं तो दूर...

Danik Bhaskar

May 12, 2018, 05:25 AM IST
डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय का परीक्षा विभाग बेपटरी हो गया है। स्थिति यह है कि कॉलेजों की परीक्षाएं तो दूर सीबीसीएस सिस्टम तक को विभाग के अधिकारी कैलेंडर के मुताबिक नहीं चला पा रहे हैं। स्नातक स्तर पर दूसरे और चौथे सेमेस्टर की परीक्षाएं 10 मई से शुरू हो गई हैं, लेकिन बीएससी के पहले और तीसरे सेमेस्टर की परीक्षा का रिजल्ट अब तक नहीं खोला जा सका है। वर्ष 2009 में सीबीसीएस सिस्टम लागू होने के 9 साल बाद ऐसा पहली बार हुआ है। महज 3 हजार विद्यार्थियों तक की परीक्षा अब परीक्षा विभाग से नहीं संभल रही है। कर्नल के पद से रिटायर्ड होकर यहां के परीक्षा नियंत्रक बने राकेश मोहन जोशी के जवाब से अंदाजा लगाया जा सकता है कि परीक्षा विभाग को विद्यार्थियों के हितों की कितनी चिंता है। वे कहते हैं कि यहां हजार रिजल्ट हैं। ऐसे में मुझे पता ही नहीं कि कौन रिजल्ट खुल चुका है और कौन नहीं। ऑफिस टाइम में ही बता सकता हूं। इससे साफ जाहिर है कि उन्हें चिंता ही नहीं है कि बीएससी के पहले और तीसरे सेमेस्टर के रिजल्ट न सिर्फ लेट हो रहे हैं, बल्कि इन्हें जल्दी खोलना भी है। विद्यार्थी रोजाना मेन ऑफिस, परीक्षा विभाग के चक्कर काट रहे हैं, विवि की वेबसाइट पर रिजल्ट जारी होने संबंधी नोटिफिकेशन तलाश रहे हैं, लेकिन अधिकारी यहां ऐसी जिम्मेदारी दिखा रहे हैं कि उन्हें कुछ पता ही नहीं है।

पीजी का रिजल्ट आए 15 दिन हुए लेकिन मार्कशीट नहीं मिलीं

स्नातक स्तर पर जहां बीएससी में पहले और तीसरे सेमेस्टर का रिजल्ट नहीं खोला गया है, वहीं एमएससी कैमिस्ट्री का रिजल्ट करीब पखवाड़े भर पहले आ गया था, लेकिन उसकी अंकसूची अब तक विद्यार्थियों को नहीं मिल पाई है। इस तरह की लेटलतीफी पहले कभी भी नहीं देखी गई।

रेग्युलर कंट्रोलर मिले तो एकेडमिक कैलेंडर की अब कद्र ही नहीं

विश्वविद्यालय में अध्ययनरत विद्यार्थियों की समय से कक्षाएं लगें, समय से परीक्षा हो, समय से रिजल्ट खुले इसके लिए एकेडमिक कैलेंडर की व्यवस्था बनाई गई है। पूर्व के वर्षों में जबकि रेग्युलर की जगह प्रभारी परीक्षा नियंत्रक रहे, तब भी ऐसे हालात नहीं बने। एकेडमिक कैलेंडर का पालन होता ही रहा। लेकिन इस बार रेग्युलर एग्जाम कंट्रोलर के रूप में रिटायर्ड कर्नल जाेशी के हाथों में परीक्षा की कमान आने के बाद एकेडमिक कैलेंडर की व्यवस्था मानो खत्म से ही हो गई। एकेडमिक कैलेंडर के मुताबिक दूसरे, चौथे सेमेस्टर की परीक्षाएं 25 अप्रैल से शुरू होना थी। लेकिन राष्ट्रपति के आने के बहाने यह लेट कर दिया गया। देरी के बाद भी यह परीक्षा 1 मई से शुरू हो सकतीं थीं, लेकिन यह 10 मई से शुरू हो सकीं। इसी प्रकार पहले और तीसरे सेमेस्टर के रिजल्ट 30 दिसंबर 2017 तक आ ही जाना था, लेकिन करीब 5 माह होने को हैं, लेकिन अब तक सभी कक्षाओं के रिजल्ट नहीं आए हैं।

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